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खूबसूरत जिंदगी की चाबी: अदरक और इलायची का उपयोग करें, चाय पीने से पहले ये उपाय अपनाएं, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह से।

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एसिडिटी: क्या चाय को देखकर आपका भी मन चुस्की लेने को करता है? चाय प्रेमियों के लिए यह एक खुशी का विषय है, लेकिन अगर आपको एसिडिटी की समस्या है, तो आप इसे पीने से बचते हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक विशेषज्ञ ने एक उपाय साझा किया है जिससे आपको एसिडिटी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। आप बिन किसी चिंता के चाय का आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं कि आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने ऐसा क्या कहा है जो आपके लिए लाभकारी है और आपको चाय की वजह से किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। खासतौर पर तब जब आप चाय का सेवन करते हैं। चलिए जानते हैं वह उपाय क्या है और कैसे यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

एसिडिटी से बचने के लिए चाय पीने का सही तरीका

अगर आप भी एसिडिटी से परेशान हैं और चाय पीने से कटते हैं क्योंकि यह गैस का कारण बन सकती है, तो अब आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि ‘Mom of Hungry kids’ यूट्यूब चैनल पर आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर सुभाष गोयल ने एक ऐसा तरीका बताया है जिससे आप बिन किसी चिंता के चाय का सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ के अनुसार चाय पीने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन उसे सही तरीके से पीना आवश्यक है। वह कहते हैं कि आप चाय के साथ रस्क या बिस्कुट का सेवन कर सकते हैं, लेकिन यह एसिडिटी पैदा कर सकता है।

चाय पीने से पहले आपको क्या करना चाहिए

डॉ. सुभाष ने बताया कि चाय पीने से पहले आपको मात्र 2 घूंट पानी पीना चाहिए। हर बार जब आप चाय पीने वाले हैं, तो उससे पहले थोड़ा पानी जरूर पी लें। भले ही वह पानी आपके अंदर जाए या नहीं। बस यही एक कदम लेने से आपको एसिडिटी से बचा जा सकता है। इसके अलावा, सुबह में खीरे का सेवन करने के आधे घंटे बाद चाय पी सकते हैं। निश्चित ही, डॉक्टर सुभाष द्वारा सुझाया गया यह उपाय आपके लिए लाभदायक हो सकता है। इसलिए यदि आप भी एसिडिटी से प्रभावित हैं, तो चाय पीने से पहले इस उपाय को आजमाना न भूलें।

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चाय पीने के शौकीन हो जाए सतर्क, एक भूल से हो सकता है कैंसर; जानें गरमा-गरम चाय कैसे बनती है जानलेवा…

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भारत में चाय लोगों की दिनचर्या और भावनाओं से जुड़ी आदत है। सुबह की शुरुआत हो या दिनभर की थकान दूर करनी हो, अधिकतर लोग चाय पर ही भरोसा करते हैं। कई घरों में तो बिना चाय के दिन अधूरा माना जाता है। लेकिन अगर यही चाय बहुत ज्यादा गर्म पी जाए, तो यह सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

गर्म चाय से खाने की नली को पहुंचता है नुकसान

वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि अत्यधिक गर्म पेय—खासकर 65 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान पर—नियमित रूप से पीने से खाने की नली (एसोफैगस) को नुकसान पहुंच सकता है। बार-बार बहुत गर्म तरल निगलने से इस नली की अंदरूनी परत जल सकती है, जिससे सूजन (क्रॉनिक इंफ्लेमेशन) और कोशिकाओं में बदलाव (सेल म्यूटेशन) शुरू हो सकते हैं। लंबे समय में यही बदलाव कैंसर का रूप ले सकते हैं।

बढ़ सकता है कैंसर का जोखिम

World Health Organization (डब्ल्यूएचओ) भी यह चेतावनी दे चुका है कि 65 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म पेय का नियमित सेवन एसोफैजियल कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है। खाने की नली के कैंसर के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं—एसोफैजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और एसोफैजियल एडेनोकार्सिनोमा। पहला प्रकार आमतौर पर नली के ऊपरी हिस्से में पाया जाता है और इसे गर्म पेय व तंबाकू सेवन से जोड़ा जाता है। दूसरा प्रकार नली के निचले हिस्से में होता है और अक्सर मोटापा या लंबे समय तक बनी रहने वाली एसिडिटी से संबंधित होता है।

चाय नहीं तापमान से होती है समस्या

ध्यान देने वाली बात यह है कि चाय खुद नुकसानदेह नहीं है, बल्कि उसका अत्यधिक गर्म होना समस्या पैदा करता है। यही बात कॉफी, सूप या किसी भी गरम पेय पर लागू होती है। आयुर्वेद भी सलाह देता है कि भोजन और पेय न तो बहुत गरम हों, न अत्यधिक ठंडे। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण के अनुसार, हल्का गर्म पेय पाचन में सहायक हो सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा गर्म चीजें शरीर में पित्त बढ़ाकर सूजन और अन्य रोगों की आशंका बढ़ा सकती हैं।

ये संकेत होते हैं गंभीर बीमारी के इशारे

यदि किसी व्यक्ति को निगलने में कठिनाई, गले में लगातार खराश, निगलते समय दर्द या बिना कारण तेजी से वजन कम होने जैसे लक्षण महसूस हों, तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे संकेत गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं। समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती पहचान ही कई बार बड़ी बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका साबित होती है।

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गर्म पानी पीने के क्या होते हैं नुकसान? अगली बार रखिए खास ध्यान, नहीं तो भुगतने पड़ेंगे भारी अंजाम

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गर्म या गुनगुना पानी अक्सर सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। वजन घटाने, पाचन सुधारने और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने जैसे कई लाभ इसके साथ जोड़े जाते हैं। लेकिन हर चीज की तरह इसका जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। लंबे समय तक लगातार गर्म या गुनगुना पानी पीना कुछ स्थितियों में हानिकारक हो सकता है।

गर्म पानी पीने के संभावित नुकसान

  1. अल्सर का खतरा

डॉक्टर के मुताबिक, रोजाना खाली पेट या बार-बार गर्म पानी पीने से खाद्य नली और पेट की अंदरूनी परत पर असर पड़ सकता है। इससे जलन और आगे चलकर अल्सर की समस्या पैदा होने की आशंका रहती है।

  1. जीभ और मुंह की अंदरूनी परत को नुकसान

बहुत ज्यादा गर्म पानी पीने से जीभ जल सकती है। इससे मुंह के अंदर मौजूद म्यूकस मेम्ब्रेन को भी नुकसान पहुंच सकता है, जो आगे चलकर अन्य समस्याओं की वजह बन सकता है।

  1. त्वचा का रूखापन

कई लोगों को यह अंदाजा नहीं होता कि उन्हें कितना गुनगुना पानी पीना चाहिए। जरूरत से ज्यादा सेवन त्वचा को ड्राई बना सकता है। लगातार रूखी त्वचा रहने से स्किन इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है।

  1. दांतों को नुकसान

बहुत अधिक और नियमित रूप से गर्म पानी पीने से दांतों की ऊपरी परत (एनामेल) पर असर पड़ सकता है। इससे कैविटी और दांतों की संवेदनशीलता बढ़ने की संभावना रहती है।

  1. तनाव में मनोवैज्ञानिक निर्भरता

आमतौर पर माना जाता है कि गर्म पानी पीने से तनाव कम होता है। लेकिन अगर हर बार तनाव होने पर केवल गर्म पानी पर निर्भर रहा जाए तो इसकी मनोवैज्ञानिक आदत पड़ सकती है। इसलिए इसे स्ट्रेस रिलीफ का स्थायी उपाय नहीं बनाना चाहिए।

  1. डिहाइड्रेशन का जोखिम

जरूरत से ज्यादा गर्म पानी पीने से शरीर के फ्लुइड बैलेंस पर असर पड़ सकता है, जिससे डिहाइड्रेशन की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए ठंडे और गर्म पेय पदार्थों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

क्या करें?

डॉक्टर की सलाह है कि जो लोग लंबे समय से लगातार गुनगुना पानी पी रहे हैं, वे इसकी मात्रा पर ध्यान दें और जरूरत से ज्यादा सेवन से बचें। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को इससे नुकसान ही हो या हर किसी को समान लाभ मिले। किसी भी आदत को अपनाने से पहले अपने शरीर की जरूरत और विशेषज्ञ की सलाह को ध्यान में रखना बेहतर होता है।

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पैक्ड फूड्स: अगर आप नाश्ते में खाते हैं महंगे हेल्दी ऑप्शन, तो जानिए इसके नुकसान, अन्यथा आपकी सेहत पर पड़ेगा बुरा असर।

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प्रोसेस्ड फ़ूड्स: पैकेज में आने वाले फूड्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग अब खुद खाना बनाने से बचने के लिए रेडी-टू-ईट विकल्प चुनने लगे हैं। प्रोसेस्ड फूड स्वादिष्ट लगता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इनसे वजन तो बढ़ता ही है, बल्कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय समस्याएं, डायबिटीज, लिवर और किडनी से संबंधित परेशानियां भी हो सकती हैं। प्रोसेस्ड फूड में प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स होते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इनके नकारात्मक प्रभावों के बारे में बता रहे हैं।

रेडी-टू-ईट फूड शरीर को कैसे नुकसान पहुँचाते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, अगर आप अपने ब्रेकफास्ट में रेडी-टू-ईट पोहा, इडली और डोसा शामिल करते हैं तो यह स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

वीडियो देखें

वीडियो क्रेडिट: FitTuberHindi

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, ये ताजगी वाले खाने के मुकाबले बहुत कम पोषक तत्वों से लबरेज होते हैं। इनमें विटामिन, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा अत्यंत कम होती है। यह तुरंत पेट भर देते हैं लेकिन शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि, ये रेडी-टू-ईट फूड स्वास्थ्य को केवल हानि पहुंचाते हैं। प्रोसेस्ड फूड में चीनी, नमक, हानिकारक वसा और केमिकल्स की मात्रा अधिक होती है, जबकि पोषक तत्वों की कमी होती है। ये शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

प्रोसेस्ड फ़ूड्स क्या होते हैं?

प्रोसेस्ड फ़ूड वे खाद्य पदार्थ होते हैं जिनमें परिवर्तन किया जाता है। इनमें शीतल पेय, चिप्स, पैकेट में बंद सब्जियाँ, दालें, मांस, फलों का जूस आदि शामिल हैं। ये असली नहीं होते। इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कृत्रिम तत्व मिलाए जाते हैं, जिनके साइड इफेक्ट्स अत्यंत हानिकारक होते हैं।

अस्वीकृति: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सा सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताई गई विधियों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी इनकी न तो पुष्टि करता है और न ही इनका खंडन करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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