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पॉलिटिक्स

राहुल गांधी: ‘देश में एकल नेतृत्व का शासन है..,’ मनरेगा के समर्थन में पीएम मोदी पर जबरदस्त टिप्पणी की विपक्ष के नेता ने, अब नई रणनीति अपनाने का किया ऐलान

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राहुल गांधी: इंदिरा भवन में आज एक बार फिर प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर मनरेगा के मुद्दे को उठाया। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन पर तीखा प्रहार किया। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट कहा कि ‘मनरेगा को समाप्त करने का निर्णय सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से लिया गया है। यह मंत्रियों और कैबिनेट से पूछे बिना किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि देश में एक व्यक्ति का शासन चल रहा है।’

राहुल गांधी ने इस अवसर पर कई अन्य मुद्दों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस की आगामी रणनीति की चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मनरेगा की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। ऐसे में यह लगभग तय है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस बड़े विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार हो सकती है।

मनरेगा के संरक्षण को लेकर पीएम मोदी पर राहुल गांधी का हमला

नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने पीएम मोदी पर जोरदार हमला किया। राहुल गांधी ने देश में ‘वन मैन शो’ का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार का विरोध किया।

राहुल गांधी का कहना है कि “मनरेगा केवल एक योजना नहीं थी, बल्कि यह कार्य के अधिकार पर आधारित एक विचार था। मनरेगा ने करोड़ों लोगों को न्यूनतम मजदूरी देने का माध्यम प्रदान किया। मनरेगा पंचायतों में सीधा राजनीतिक भागीदारी और वित्तीय सहायता का साधन था। मोदी सरकार इस अधिकारों के सिद्धांत और संघीय प्रणाली पर हमले कर रही है। वे राज्यों से संसाधनों को छीन रहे हैं। यह सत्ता और वित्त का केंद्रीकरण है, जिससे देश और गरीब जनता को नुकसान होगा। यह निर्णय सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से लिया गया है और मंत्री, कैबिनेट से पूछे बिना किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि देश में एक व्यक्ति का शासन चल रहा है।”

नेता प्रतिपक्ष ने आगे पीएम मोदी को टार्गेट करते हुए कहा, “जो भी नरेंद्र मोदी करना चाहते हैं, वे करते हैं, जिसका लाभ कुछ पूंजीपतियों को मिलता है। आप देखें कि नरेंद्र मोदी का निर्णय कैसे विफल होगा।”

अब कांग्रेस की आगे की योजना क्या होगी?

इस संदर्भ में राहुल गांधी ने महत्वपूर्ण बातें कहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मनरेगा की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई बाकी रहेगी। इसके अलावा मजदूरों की सुरक्षा के लिए कांग्रेस कार्य समिति ने भी संकल्प लिया है। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि कांग्रेस केंद्र के खिलाफ और संघर्ष करने की योजना बनाएगी। आने वाले समय में मनरेगा की रक्षा के लिए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, अजय माकन जैसे कई प्रमुख कांग्रेस नेता इसकी लड़ाई में भाग लेते दिख सकते हैं।

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एंटरटेनमेंट

‘महिलाएं असहज महसूस करती हैं…’, कंगना का राहुल गांधी पर हमला; व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कह डाला ‘टपोरी’

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अदाकारा और सांसद Kangana Ranaut ने Rahul Gandhi के संसद में आचरण को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी के मुताबिक, कंगना का कहना है कि राहुल गांधी के व्यवहार से महिला सांसद असहज महसूस करती हैं।

‘टपोरी जैसा व्यवहार’- कंगना का आरोप

कंगना से जब पूछा गया कि कुछ ब्यूरोक्रेट्स ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, तो उन्होंने कहा कि संसद जैसे गरिमामय स्थान पर ऐसा रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बातचीत के दौरान बीच में टोकते हैं और अनुचित टिप्पणियां करते हैं, जिससे माहौल असहज हो जाता है।

प्रियंका गांधी की तारीफ

कंगना रनौत ने Priyanka Gandhi Vadra के व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि उनका आचरण संतुलित और शिष्ट है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी बहन से सीख लेनी चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में कैसे व्यवहार किया जाता है।

सनातन पर भी रखा अपना पक्ष

इस दौरान कंगना रनौत ने सनातन धर्म को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सनातन का अर्थ है—जिसका न कोई आदि है, न अंत। उनके अनुसार, सनातन शाश्वत सत्य है और बाकी धर्म अपेक्षाकृत नए हैं। कंगना रनौत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बहस तेज होने की संभावना है।

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पॉलिटिक्स

‘संसद से नरेंद्र, देश से सिलेंडर गायब…’, LPG संकट पर राहुल गांधी का PM Modi पर निशाना

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ईरान-इजरायल युद्ध के चलते देश में गहराते LPG संकट को लेकर गुरुवार को संसद भवन के बाहर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक सहित कई विपक्षी दलों के सांसद संसद के मकर द्वार के पास इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।

संसद के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कई सांसदों के हाथों में गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी नजर आईं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश में गैस संकट से निपटने में विफल रही है।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, “संसद से नरेंद्र गायब, देश से सिलेंडर गायब।”

मीडिया से बातचीत में क्या बोले राहुल गांधी?

संसद के बाहर मौजूद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से घबराने की जरूरत न होने की बात कह रहे हैं, लेकिन खुद अलग कारणों से चिंतित नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी अदाणी मामले और एप्सटीन फाइल को लेकर दबाव में हैं और इसी वजह से सदन के भीतर आने से बच रहे हैं।

LPG संकट पर पीएम मोदी की अपील

उधर, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण देश में LPG की किल्लत की खबरों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोगों से घबराने की जरूरत न होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार जनहित की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लोगों से केवल सही और सत्यापित जानकारी साझा करने का आग्रह किया था।

युद्ध के असर से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को लेकर देश में LPG सप्लाई और कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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देश

R N Ravi बने पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल, कोलकाता में ली पद और गोपनीयता की शपथ

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पश्चिम बंगाल को नया राज्यपाल मिल गया है। गुरुवार को आरएन रवि ने कोलकाता स्थित लोकभवन में राज्य के 22वें राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्हें राज्य के मुख्य न्यायाधीश संजय पॉल ने शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी समारोह में मौजूद रहे।

लोकभवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ। समारोह की शुरुआत और समापन वंदे मातरम् और राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। शपथ लेने के बाद नए राज्यपाल आरएन रवि ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य अतिथियों से मुलाकात कर औपचारिक बातचीत भी की।

कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी रहे मौजूद

इस समारोह में राज्य के कई प्रमुख पदाधिकारी और राजनीतिक नेता शामिल हुए। इनमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, विधानसभा अध्यक्ष बिमल बनर्जी और वाम मोर्चा अध्यक्ष बिमान बोस सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद नियुक्ति

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने आरएन रवि को राज्य का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। इससे पहले वह तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे थे।

तमिलनाडु में विवादों में रहा कार्यकाल

तमिलनाडु में अपने कार्यकाल के दौरान आरएन रवि का राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव भी चर्चा में रहा। कई विधेयकों को लेकर राज्यपाल और सरकार के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। यहां तक कि तमिलनाडु सरकार ने राष्ट्रपति से राज्यपाल को हटाने की मांग भी की थी।

ममता बनर्जी ने उठाए थे सवाल

पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सवाल उठाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि इस्तीफे की खबर से वह हैरान और चिंतित हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई थी कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले किसी राजनीतिक दबाव के कारण यह फैसला लिया गया है, तो यह चिंताजनक हो सकता है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

आरएन रवि के राज्यपाल पद संभालने के बाद अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले समय में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच संबंध किस दिशा में जाएंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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