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सदगुरु: 68 साल की उम्र में युवा बने रहने के लिए सर्दियों में दिन में यह जूस पिएं, कैंसर और डिप्रेशन से मिलेगी राहत।

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सदगुरु: सदगुरु की विश्वभर में पहचान एक आध्यात्मिक शिक्षक और प्रेरणादायक मार्गदर्शक के रूप में होती है। जिस प्रकार वह तर्कों के साथ अपनी बात रखता हैं, वह मन को शांति प्रदान करता है। सदगुरु 68 वर्ष की आयु में भी काफी फिट और स्वस्थ हैं। सदगुरु नियमित रूप से योग करते हैं, जिसके कारण उनकी फिटनेस बनी रहती है। इतनी उम्र में भी वह थकावट के बिना काम कर रहे हैं। इसका एक मुख्य कारण उनके जीवनशैली को भी माना जाता है। सदगुरु अक्सर पौष्टिक सब्जियों के फायदे बताते हैं और इसी क्रम में उन्होंने पेठे के जूस के बारे में भी चर्चा की है। उनका कहना है कि यदि रोज पेठे का जूस पिया जाए तो कैंसर के सेल को उलटने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, यह दिमाग को शांति देकर अवसाद जैसी समस्याओं से दूर रखता है।

सदगुरु ने बताए पेठे के जूस के अद्भुत लाभ

पेठे को आमतौर पर मिठाई के रूप में खाया जाता है। लेकिन यदि इसके जूस का सेवन किया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

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वीडियो क्रेडिट: soothingtales2801

पेठे में आयरन, पोटेशियम, कॉपर, विटामिन B1, B3, C, E, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर के साथ-साथ कैल्शियम और फॉस्फोरस प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसलिए, सदगुरु का कहना है कि पेठे के जूस के नियमित सेवन से कैंसर के सेल में कमी आती है। इसके अलावा, यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। पेठे का जूस डायबिटीज, हृदय के रोगों और पाचन की समस्याओं में लाभकारी होता है। यह शरीर को डिटॉक्स करके बीमारियों से बचावा भी कर सकता है।

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पेठे का जूस बनाने की विधि

पेठे को कई जगह सफेद कद्दू के नाम से जाना जाता है। आप इसे बेहद आसान तरीके से घर पर बना सकते हैं। इसके लिए पेठे को छोटे टुकड़ों में काटें। इसके बाद मिक्सर में इसे अच्छी तरह से पीस लें। पीसने के बाद इसमें स्वाद अनुसार नमक और नींबू का रस मिलाएं। हर सुबह नाश्ते से पहले इसका सेवन कर सकते हैं। ठंड के मौसम में इसकी उपयोगिता अधिक होती है।

अस्वीकृति: यह लेख और इसमें दिए गए चिकित्सा संबंधी सुझाव केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। यह किसी भी तरह से चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव रूप में लिया जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से परामर्श लें।

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पैक्ड फूड्स: अगर आप नाश्ते में खाते हैं महंगे हेल्दी ऑप्शन, तो जानिए इसके नुकसान, अन्यथा आपकी सेहत पर पड़ेगा बुरा असर।

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प्रोसेस्ड फ़ूड्स: पैकेज में आने वाले फूड्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग अब खुद खाना बनाने से बचने के लिए रेडी-टू-ईट विकल्प चुनने लगे हैं। प्रोसेस्ड फूड स्वादिष्ट लगता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इनसे वजन तो बढ़ता ही है, बल्कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय समस्याएं, डायबिटीज, लिवर और किडनी से संबंधित परेशानियां भी हो सकती हैं। प्रोसेस्ड फूड में प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स होते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इनके नकारात्मक प्रभावों के बारे में बता रहे हैं।

रेडी-टू-ईट फूड शरीर को कैसे नुकसान पहुँचाते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, अगर आप अपने ब्रेकफास्ट में रेडी-टू-ईट पोहा, इडली और डोसा शामिल करते हैं तो यह स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

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वीडियो क्रेडिट: FitTuberHindi

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि, ये ताजगी वाले खाने के मुकाबले बहुत कम पोषक तत्वों से लबरेज होते हैं। इनमें विटामिन, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा अत्यंत कम होती है। यह तुरंत पेट भर देते हैं लेकिन शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि, ये रेडी-टू-ईट फूड स्वास्थ्य को केवल हानि पहुंचाते हैं। प्रोसेस्ड फूड में चीनी, नमक, हानिकारक वसा और केमिकल्स की मात्रा अधिक होती है, जबकि पोषक तत्वों की कमी होती है। ये शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

प्रोसेस्ड फ़ूड्स क्या होते हैं?

प्रोसेस्ड फ़ूड वे खाद्य पदार्थ होते हैं जिनमें परिवर्तन किया जाता है। इनमें शीतल पेय, चिप्स, पैकेट में बंद सब्जियाँ, दालें, मांस, फलों का जूस आदि शामिल हैं। ये असली नहीं होते। इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कृत्रिम तत्व मिलाए जाते हैं, जिनके साइड इफेक्ट्स अत्यंत हानिकारक होते हैं।

अस्वीकृति: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सा सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताई गई विधियों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी इनकी न तो पुष्टि करता है और न ही इनका खंडन करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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उच्च रक्तदाब के रोगियों को नमक से क्यों रहना चाहिए दूर? डॉक्टर प्रियंका ने किन चीजों को बताया खतरे का संकेत

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उच्च रक्तचाप: उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को नमक का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह जानना आवश्यक है कि आप कितना नमक ले सकते हैं। क्या आपकी सेहत के लिए यह सुरक्षित है? इस विषय पर डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने एक वीडियो साझा किया है, जिससे सबको जानकारी मिली है, जो आपके लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें यह नहीं पता कि उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए नमक खाना कितना सुरक्षित है, तो आइए जानते हैं डॉक्टर की सलाह।

उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए नमक की सुरक्षित मात्रा

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Dr.Priyanka Sehrawat द्वारा साझा किया गया एक पोस्ट (@docpriyankasehrawat)

डॉ प्रियंका इस वीडियो में बताती हैं कि जिन लोगों का रक्तचाप 140/90 से अधिक होता है, उन्हें दवाइयों के साथ साथ जीवनशैली में बदलाव की भी आवश्यकता होती है। सबसे महत्वपूर्ण सलाह जो दी जाती है, वह है नमक का सेवन कम करना। विशेषकर, उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को 24 घंटे में 5 ग्राम से कम नमक का उपयोग करना चाहिए, मतलब दिनभर में एक चम्मच नमक से कम।

उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए डॉक्टर की सलाह

डॉ प्रियंका कहती हैं कि दही, अचार और चटनी जैसी चीजों में अधिक नमक होता है, इसलिए उनसे बचना बेहतर है। इसके अलावा तली हुई चीजों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है। इसके साथ ही, दैनिक वॉकिंग के लिए 30 मिनट निकालना आवश्यक है ताकि आपकी सेहत बेहतर हो सके। डॉ प्रियंका उच्च रक्तचाप के मरीजों को नमक की मात्रा के बारे में जानकारी देकर उन सभी की मदद कर रही हैं जो नमक से परहेज़ करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनका रक्तचाप बढ़ सकता है।

अस्वीकृति: यह लेख और इसमें दिए गए चिकित्सा सलाह केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। यह किसी योग्य चिकित्सा राय का स्थान नहीं लेता। इस लेख में उल्लिखित तरीकों और दावों को केवल सुझाव के रूप में देखा जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इसकी पुष्टि करता है और न ही इनका खंडन। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से परामर्श करें।

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लोहड़ी 2026: अलाव और तिल-गुड़ के स्वास्थ्य लाभ, ठंडी हवाओं के बीच जानें इस त्योहार के फायदे

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लोहड़ी 2026: नए साल की शुरुआत के संग, सबसे पहले टीज़ में लोग लोहड़ी का जश्न मनाते हैं। यह नए साल की खुशी का प्रतीक होता है और अनेक लोग इसे पूरी खुशी के साथ मनाते हैं। 13 जनवरी को होने वाली लोहड़ी 2026 के लिए हर किसी की अपनी तैयारियाँ होती हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि इस त्योहार का स्वास्थ्य के संदर्भ में भी विशेष महत्व है और यह कई तरह से फायदेमंद है। अलाव और तिल-गुड़ का प्रसाद, दोनों ही आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। आइए जानते हैं कि यह त्योहार सर्दी में आपके स्वास्थ्य की किस प्रकार देखभाल करता है।

लोहड़ी 2026 पर जानें कैसे ये खाद्य पदार्थ आपके लिए लाभकारी हैं

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e-medix Smart Pharmacy द्वारा साझा किया गया एक पोस्ट (@emedixindia)

emedixindia के इंस्टाग्राम चैनल पर साझा की गई वीडियो में बताया गया है कि लोहड़ी विशेष रूप से सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में सहायक है। यह त्योहार ठंड के मौसम में मनाया जाता है और इसमें शामिल हर तत्व सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। इस दौरान तिल, गुड़ और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ आयरन, कैल्शियम और हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करते हैं। ये आपके शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।

लोहड़ी 2026 पर जानिए अलाव का महत्व क्यों है खास

लोहड़ी 2026 के अलावा अगर हम इस त्योहार के बारे में बात करें तो अलाव जलाने की परंपरा होती है, जहां बहुत से लोग इकट्ठा होते हैं। यह अलाव न केवल आपको गर्मी देता है बल्कि रक्त संचार को भी बढ़ाता है। यह तनाव और नकारात्मक ऊर्जा को निकालने में भी सहायक होता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी इसके अनेक लाभ माने जाते हैं क्योंकि इस दौरान आप कई लोगों से मिलते हैं।

इंस्टाग्राम वीडियो में यह भी बताया गया है कि यह सर्दियों में जोड़ों के दर्द, थकान और सूखापन को कम करने में मदद करता है। हालांकि, लोहड़ी 2026 के अगले दिन मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है, और इस भी त्योहार के अपने फायदें हैं।

हमारी तरफ से आप सभी को लोहड़ी 2026 की शुभकामनाएं।

अस्वीकृति: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सा सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी किंवदंती चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही इनका खंडन करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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