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ममता बनर्जी: ‘मुख्यमंत्री की कठोरता पर सुप्रीम कोर्ट का प्रहार..,’ IPAC रेड मामले में फंसी बंगाल की मुख्यमंत्री, बीजेपी ने आक्रामक अंदाज में की प्रतिक्रिया

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ममता बनर्जी: चुनावी प्रक्रिया के बीच बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पिछले हफ्ते आईपैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी ने पूरे राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस मुद्दे पर प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख सामने आया है। इतना ही नहीं, कोर्ट की बेंच ने ममता बनर्जी समेत बंगाल के कई शीर्ष अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार के बाद बीजेपी ने आक्रामक रुख अपनाया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कोर्ट के रुख का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी को मिले नोटिस को सुप्रीम थप्पड़ कहा है। इसी बीच, बीजेपी के अन्य नेता भी IPAC छापेमारी मामले को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ सक्रिय हो गए हैं।

IPAC रेड केस में ममता बनर्जी पर बीजेपी की आक्रामकता

बंगाल में मुख्य विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी खुलकर आईपैक छापेमारी मामले में ममता बनर्जी पर हमला कर रही है।

बीजेपी नेता तरुण चुघ ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा, “ED मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार सत्य की जीत एवं ममता बनर्जी की कालातीत भ्रष्टाचार, माफिया को संरक्षण देने वाली सरकार के लिए एक सुप्रीम थप्पड़ जैसा है। ममता सरकार संवैधानिक संस्थाओं के कार्यों में खुलकर दखल दे रही है और केवल अराजकता फैला रही है। ममता बनर्जी चाहे कितना भी दबाव बनाए, लूट और भ्रष्टाचार की जांच नहीं रुकेगी और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।”

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि “ममता बनर्जी सरकार का असली चेहरा सुप्रीम कोर्ट ने सामने रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्थिति अराजक हो जाएगी। बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है, यह तो सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से ही स्पष्ट है। IPAC की जांच में मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें और फाइल ले जाएं। सुप्रीम कोर्ट के बयान से यह साफ होता है कि किस प्रकार की अराजकता व्याप्त है।”

इसके अलावा, सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार और अन्य स्थानीय बीजेपी नेताओं ने भी ममता बनर्जी पर तीखे हमले किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ी!

पिछले कल आईपैक छापेमारी मामले में प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख सामने आया। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने ममता बनर्जी, बंगाल पुलिस के DGP, पुलिस आयुक्त और उपायुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में उत्तर देने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट द्वारा ममता बनर्जी और अन्य आला अधिकारियों को जारी नोटिस बंगाल सरकार की समस्याओं को और बढ़ा रहा है। अब यह देखना होगा कि कोर्ट आगे क्या कदम उठाता है।

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देश

‘केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है…’, मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए Arvind Kejriwal; क्लीन चिट मिलते ही दिया वायरल बयान

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया है। फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल भावुक हो गए।

भावुक हुए केजरीवाल

उन्होंने कहा, “हमने पहले ही कहा था कि सच्चाई की जीत होगी। आज सच की जीत हुई है। मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा था कि न्याय जरूर मिलेगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया और झूठे आरोपों के जरिए बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी, CBI के सबूतों पर सवाल

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। चार्जशीट में भी कई खामियां पाई गईं और किसी गवाह या दस्तावेज से आरोप पुष्ट नहीं हुए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस प्रमाण के केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन इस मामले में अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में विफल रहा।

‘कोई आपराधिक साजिश साबित नहीं’

अदालत ने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक साजिश का कोई ठोस आधार नहीं मिला। न तो केजरीवाल और न ही सिसोदिया के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत पेश किए जा सके। इन्हीं कारणों से कोर्ट ने दोनों नेताओं को बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय और सच्चाई की जीत बताया।

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देश

शराब घोटाले में AAP को राहत, केजरीवाल-सिसोदिया पर आरोप साबित करने में नाकाम रही CBI

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दिल्ली के कथित आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों नेताओं को आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियां उनके खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त और ठोस सबूत पेश करने में विफल रहीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक षड्यंत्र का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। फैसले के साथ ही मामले में नामजद अन्य कई आरोपियों को भी राहत मिली। केजरीवाल और सिसोदिया व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए, जबकि कुछ अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।

कोर्ट ने जांच पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों की विस्तार से समीक्षा की। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियां नेताओं को सीधे तौर पर कथित घोटाले से जोड़ने वाले साक्ष्य पेश नहीं कर सकीं। केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच अनिवार्य है और इस मामले में प्रॉसिक्यूशन अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।

2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा था मामला

यह पूरा मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की नई आबकारी नीति से संबंधित था। विपक्षी दलों और जांच एजेंसियों का आरोप था कि इस नीति में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और कार्टेलाइजेशन हुआ, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा। जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई थी। आरोप था कि नीति कुछ चुनिंदा शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई और इसके बदले कथित तौर पर रिश्वत ली गई। यह मामला आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बना था और कई नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, अब अदालत के फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे ‘सत्य की जीत’ बताया है।

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देश

PM Modi बने डिजिटल दुनिया के ‘बादशाह’, इंस्टाग्राम पर 100M का आंकड़ा पार कर रचा इतिहास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। साल 2014 में इंस्टाग्राम से जुड़ने वाले प्रधानमंत्री मोदी के फॉलोअर्स की संख्या कई वैश्विक नेताओं से कहीं आगे निकल चुकी है।

वैश्विक नेताओं से आगे पीएम मोदी

इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में पीएम मोदी, Donald Trump से भी काफी आगे हैं। ट्रंप के 43.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जो मोदी के मुकाबले आधे से भी कम हैं।

सूची में अन्य नेताओं की स्थिति इस प्रकार है:

Prabowo Subianto – 15 मिलियन

Luiz Inácio Lula da Silva – 14.4 मिलियन

Recep Tayyip Erdoğan – 11.6 मिलियन

Javier Milei – 6.4 मिलियन

भारत में भी सबसे आगे

देश के भीतर भी इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का दबदबा कायम है। दूसरे स्थान पर Yogi Adityanath हैं, जिनके 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं।तीसरे नंबर पर Rahul Gandhi हैं, जिनके 12.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान उनके फॉलोअर्स की संख्या में और तेजी से वृद्धि हुई।

इजरायल की संसद में मिला सर्वोच्च सम्मान

अपने इजरायल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को वहां की संसद ने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। यह सम्मान भारत और इजरायल के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए दिया गया। भाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से बातचीत की। इस दौरान इजरायली सांसदों ने उनके साथ सेल्फी और तस्वीरें भी लीं। उनके संबोधन के दौरान संसद में उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला।

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