देश
होली से पहले दिल्ली की बेटियों को राष्ट्रपति मुर्मु की बड़ी सौगात, 1 लाख तक मिलेगा लाभ
होली से पहले 2 मार्च का दिन दिल्ली की बेटियों और महिलाओं के लिए ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu राजधानी में महत्वाकांक्षी ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगी। यह योजना पुरानी लाडली योजना का विस्तारित और सशक्त रूप है, जिसका उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन Women and Child Development Department Delhi द्वारा किया जा रहा है और यह दिल्ली सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ क्या है?
पुरानी लाडली योजना के तहत बालिका के नाम पर जन्म से लेकर विभिन्न शैक्षणिक चरणों में सीमित राशि जमा की जाती थी, जिसे 18 वर्ष की आयु पर निकाला जा सकता था। नई ‘लखपति बिटिया योजना’ में इस व्यवस्था को और व्यापक बनाया गया है। अब अलग-अलग चरणों में कुल 56,000 रुपये जमा किए जाएंगे। ब्याज सहित 21 वर्ष की आयु तक यह राशि 1 लाख रुपये से अधिक हो जाएगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बेटियां स्नातक या व्यावसायिक डिप्लोमा पूरा कर सकें और उच्च शिक्षा उनके लिए सामान्य उपलब्धि बने।
40 हजार से अधिक बालिकाओं को मिलेगा लाभ
‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ योजना के तहत 40,642 बालिकाओं को 100 करोड़ रुपये से अधिक की परिपक्वता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी।
मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना का भी शुभारंभ करेंगी। इस योजना से करीब 15.50 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को होली के अवसर पर राहत मिलेगी। सरकार के अनुसार, लगभग 15 लाख परिवारों के खातों में मुफ्त सिलेंडर की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
पिंक मोबिलिटी कार्ड भी होगा लॉन्च
लाडली योजना से जुड़े कार्यक्रम में डीटीसी बसों में मुफ्त सफर के लिए ‘पिंक मोबिलिटी कार्ड’ भी लॉन्च किया जाएगा। इस स्मार्ट कार्ड के जरिए मेट्रो, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में एकीकृत भुगतान सुविधा उपलब्ध होगी। यह पहल महिलाओं की सुरक्षित और सुलभ यात्रा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
महिला सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम
दिल्ली सरकार का कहना है कि ये योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। होली से पहले इन घोषणाओं को महिलाओं और परिवारों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
देश
रॉबर्ट वाड्रा को शिकोहपुर मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली जमानत, राहत मिलते ही ED जांच पर किया राजनीतिक हमला
शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई है। राहत मिलने के बाद उन्होंने ED और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
Priyanka Gandhi के पति और कारोबारी Robert Vadra को शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। Rouse Avenue Court ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 10 जुलाई को होगी।
कोर्ट से राहत के बाद ED पर साधा निशाना
जमानत मिलने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में Enforcement Directorate और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मैं जानता हूं कि ईडी को सरकार चला रही है और वह सरकार के इशारों पर काम करती है। इसके बावजूद मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है।”
‘मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’
अदालत परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए वाड्रा ने खुद को पूरी तरह निडर बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। वाड्रा ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रियाओं से भागने वाले नहीं हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
परिवार के प्रदर्शन से जोड़ा मामला
रॉबर्ट वाड्रा ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक संदर्भ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब उनका परिवार चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करता है या जनता का समर्थन मिलता है, तब इस तरह की जांचों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि अगर लोग अब भी उनके परिवार को पसंद करते हैं, तो उन्हें इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना ही पड़ेगा।
क्या है शिकोहपुर भूमि सौदा मामला?
यह मामला हरियाणा के शिकोहपुर इलाके में हुए कथित भूमि सौदे और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है। इस पूरे मामले की जांच Enforcement Directorate कर रही है। फिलहाल कोर्ट से मिली जमानत को रॉबर्ट वाड्रा के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
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पेट्रोल-डीजल के दामों ने बढ़ाई डिलीवरी-कैब ड्राइवरों पर परेशानी, Ola-Uber से लेकर Blinkit तक हड़ताल पर वर्कर्स
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों और LPG संकट से गिग वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विरोध में डिलीवरी और ऐप आधारित ड्राइवरों ने 5 घंटे सेवाएं बंद रखने का एलान किया है।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने ऐप आधारित टैक्सी और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से जुड़े गिग वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले लगभग चार वर्षों में यह पहली बड़ी ईंधन वृद्धि मानी जा रही है, जिसका सीधा असर लाखों डिलीवरी एजेंट और ड्राइवरों की कमाई पर पड़ रहा है।
5 घंटे ऐप सेवाएं बंद रखने का एलान
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने रविवार दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ऐप आधारित सेवाओं को बंद रखने की घोषणा की है। यूनियन का कहना है कि कंपनियों को तुरंत प्रति किलोमीटर सर्विस रेट बढ़ाना चाहिए ताकि बढ़ते खर्च का बोझ वर्कर्स पर न पड़े।
1.2 करोड़ गिग वर्कर्स प्रभावित
यूनियन के मुताबिक, देशभर में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे। इनमें डिलीवरी पार्टनर्स, बाइक टैक्सी ड्राइवर और ऐप आधारित कैब ड्राइवर शामिल हैं, जिनकी रोजी-रोटी पूरी तरह दोपहिया वाहनों पर निर्भर है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह हैं।
LPG संकट ने बढ़ाई परेशानी
ईंधन महंगा होने के साथ-साथ एलपीजी संकट ने भी गिग वर्कर्स की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। गैस की कमी के कारण कई रेस्तरां और क्लाउड किचन ने अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं या अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।इसका सीधा असर फूड डिलीवरी सेक्टर पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑर्डर वॉल्यूम में 50 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे उन डिलीवरी एजेंटों की कमाई प्रभावित हुई है, जिनकी आय इंसेंटिव और ज्यादा ऑर्डर पर निर्भर करती है।
20 रुपये प्रति किलोमीटर न्यूनतम रेट की मांग
GIPSWU की अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई और भीषण गर्मी के बीच यह ईंधन वृद्धि श्रमिकों पर सीधा आर्थिक प्रहार है। उन्होंने कहा कि Swiggy, Zomato, Blinkit और अन्य प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स अब अतिरिक्त खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। यूनियन ने मांग की है कि कम से कम 20 रुपये प्रति किलोमीटर का न्यूनतम सर्विस रेट तय किया जाए।
महिला वर्कर्स पर सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट का सबसे ज्यादा असर महिला गिग वर्कर्स और डिलीवरी एजेंटों पर पड़ रहा है। कई कर्मचारी रोजाना 10 से 14 घंटे तक भारी ट्रैफिक और खराब मौसम में काम करने को मजबूर हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कमाई नहीं बढ़ी तो बड़ी संख्या में लोग इस सेक्टर को छोड़ सकते हैं।
इन सेवाओं पर दिख सकता है असर
रविवार को होने वाले 5 घंटे के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कई बड़े प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स के शामिल होने की संभावना है। इसका असर Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Ola, Uber और Rapido जैसी सेवाओं पर देखने को मिल सकता है।
आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा सेक्टर
NITI Aayog के अनुमान के अनुसार, चुनौतियों के बावजूद भारत में गिग इकॉनमी का विस्तार लगातार जारी रहेगा। वर्ष 2020-21 में देश में गिग वर्कर्स की संख्या करीब 77 लाख थी, जो 2029-30 तक बढ़कर 2.3 करोड़ से अधिक हो सकती है।
देश
‘मजबूत परिवार से ही मजबूत समाज…’, मंत्री श्रवण कुमार का संदेश
Shravan Kumar ने परिवार दिवस पर कहा कि परिवार केवल रिश्तों का समूह नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, संस्कार और सहयोग की मजबूत नींव है। उन्होंने समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता के लिए मजबूत और संस्कारी परिवारों के निर्माण पर जोर दिया।
श्रवण कुमार ने परिवार दिवस के अवसर पर कहा कि परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, संस्कार और सहयोग की सबसे मजबूत नींव होता है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत परिवार ही समाज और राष्ट्र की असली ताकत बनता है।
“सशक्त परिवार से मजबूत समाज का निर्माण”
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि समाज की मजबूती सशक्त और संस्कारी परिवारों पर आधारित होती है। जब परिवारों में आपसी प्रेम, सम्मान और एकता बनी रहती है, तब समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता का वातावरण विकसित होता है।
परिवार की एकजुटता को बताया राष्ट्र की शक्ति
उन्होंने कहा कि परिवार की एकजुटता ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। परिवारों में अच्छे संस्कार और सहयोग की भावना आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देने का काम करती है।
प्रेमपूर्ण परिवार बनाने का लिया जाए संकल्प
परिवार दिवस के मौके पर मंत्री ने लोगों से मजबूत, संस्कारी और प्रेमपूर्ण परिवारों के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवारों में आपसी विश्वास और सम्मान बनाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
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