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टेक्नोलॉजी

OnePlus 15T जल्द होगा लॉन्च, दमदार बैटरी और 165Hz डिस्प्ले के साथ फीचर्स का खुलासा

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वनप्लस अपने नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन OnePlus 15T को लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी ने इस अपकमिंग डिवाइस को लेकर टीज करना भी शुरू कर दिया है। OnePlus के चाइना प्रेसिडेंट Li Jie ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo पर एक पोस्ट शेयर करते हुए फोन की बैटरी और चार्जिंग से जुड़ी अहम जानकारी दी है।

बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग

ली जी के मुताबिक आने वाला OnePlus 15T स्मार्टफोन 7500mAh की बड़ी बैटरी के साथ आएगा। इसके साथ 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा। आम तौर पर फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स में इतनी बड़ी बैटरी देखने को नहीं मिलती, लेकिन इसके बावजूद फोन की मोटाई सिर्फ 8.4mm और वजन करीब 194 ग्राम बताया जा रहा है।

दमदार कैमरा सेटअप

इससे पहले ली जी फोन के कैमरा को लेकर भी जानकारी साझा कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस स्मार्टफोन में 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा दिया जा सकता है। हालांकि प्राइमरी कैमरा सेंसर को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। माना जा रहा है कि इसमें 50MP का Sony IMX906 या 200MP का Samsung HP5 सेंसर मिल सकता है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा दिए जाने की उम्मीद है।

डिस्प्ले और अन्य फीचर्स

रिपोर्ट्स के अनुसार फोन में 6.31 इंच का OLED 1.5K डिस्प्ले मिलेगा, जिसका रिफ्रेश रेट 165Hz हो सकता है। इसमें अल्ट्रा-थिन बेजल्स और अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया जा सकता है। डिवाइस IP68/IP69K रेटिंग के साथ आएगा, जिससे यह डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस सपोर्ट करेगा।

प्रोसेसर और परफॉर्मेंस

लीक्स के मुताबिक यह स्मार्टफोन Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट से लैस होगा। इसके साथ 16GB LPDDR5X रैम और 1TB तक UFS 4.1 स्टोरेज मिलने की उम्मीद है। बेंचमार्क प्लेटफॉर्म AnTuTu Benchmark पर इस डिवाइस ने करीब 4.45 मिलियन का स्कोर हासिल किया है, जो इसकी दमदार परफॉर्मेंस की ओर इशारा करता है। कुल मिलाकर, बड़ी बैटरी, पावरफुल प्रोसेसर और हाई-एंड कैमरा के साथ OnePlus 15T को कंपनी का अगला प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन माना जा रहा है। लॉन्च से जुड़ी बाकी जानकारी आने वाले दिनों में सामने आ सकती है।

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टेक्नोलॉजी

अब पढ़ने के बाद गायब होंगे WhatsApp मैसेज, अनरीड भी 24 घंटे बाद हो जाएंगे डिलीट

WhatsApp एक नए ‘After Reading’ फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिसमें मैसेज पढ़ने के बाद अपने आप डिलीट हो जाएंगे। फिलहाल यह फीचर कुछ iPhone बीटा यूजर्स के लिए रोलआउट किया गया है।

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WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक नया प्राइवेसी फीचर टेस्ट कर रहा है। इस फीचर की मदद से डिसअपीयरिंग मैसेज केवल तय समय के बाद नहीं, बल्कि पढ़े जाने के बाद भी अपने आप डिलीट हो सकेंगे। फिलहाल इस फीचर की टेस्टिंग बीटा वर्जन में की जा रही है।

iPhone बीटा यूजर्स को मिला नया फीचर

रिपोर्ट के अनुसार, यह फीचर iOS के लिए WhatsApp Beta वर्जन 26.19.10.72 इस्तेमाल करने वाले कुछ यूजर्स को उपलब्ध कराया गया है। इसे TestFlight प्रोग्राम के जरिए रोलआउट किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ऐप स्टोर वाले कुछ सीमित यूजर्स को भी यह फीचर टेस्टिंग के तौर पर दिखाई दे सकता है।

‘After Reading’ ऑप्शन कैसे करेगा काम?

नई सेटिंग WhatsApp के डिसअपीयरिंग मैसेज सेक्शन में ‘After Reading’ नाम से दिखाई दे रही है। इस फीचर की खास बात यह है कि मैसेज भेजते ही टाइमर शुरू नहीं होगा। इसके बजाय रिसीवर के मैसेज पढ़ने के बाद काउंटडाउन शुरू होगा। यूजर टाइमर को 5 मिनट, 1 घंटा या 12 घंटे पर सेट कर सकेगा। अगर रिसीवर मैसेज नहीं खोलता, तो वह 24 घंटे बाद अपने आप डिलीट हो जाएगा।

मौजूदा फीचर के साथ करेगा काम

यह नया फीचर WhatsApp के मौजूदा डिसअपीयरिंग मैसेज सिस्टम के साथ काम करेगा। फिलहाल ऐप में 24 घंटे, 7 दिन और 90 दिनों के डिसअपीयरिंग टाइमर का विकल्प मिलता है। यूजर्स इसे किसी खास चैट पर लागू कर सकते हैं या सभी नई चैट्स के लिए डिफॉल्ट सेटिंग के रूप में ऑन कर सकते हैं। हालांकि नया ‘After Reading’ फीचर पूरी तरह ऑप्शनल होगा और इसे मैनुअली इनेबल करना पड़ेगा।

सेंडर और रिसीवर के लिए अलग होगा टाइमर

रिपोर्ट में कहा गया है कि सेंडर की कॉपी चुने गए टाइमर के अनुसार डिलीट हो सकती है, जबकि रिसीवर के लिए टाइमर तभी शुरू होगा जब वह मैसेज पढ़ लेगा। फिलहाल Meta ने यह साफ नहीं किया है कि यह फीचर सभी यूजर्स के लिए कब जारी किया जाएगा, लेकिन आने वाले हफ्तों में इसके ज्यादा बीटा टेस्टर्स तक पहुंचने की उम्मीद है।

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टेक्नोलॉजी

Split AC vs Window AC: कौन देता है बेहतर कूलिंग और कम शोर?

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गर्मियों का मौसम आते ही एयर कंडीशनर की जरूरत तेजी से बढ़ जाती है। बढ़ती गर्मी के बीच अब AC केवल लग्जरी नहीं बल्कि कई घरों में जरूरी उपकरण बन चुका है। ऐसे में अगर आप नया AC खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके सामने सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि Split AC लें या Window AC? दोनों ही कमरे को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन इनके डिजाइन, इंस्टॉलेशन, कूलिंग क्षमता और बिजली की खपत में बड़ा अंतर होता है।

Window AC क्या होता है?

विंडो AC एक सिंगल यूनिट सिस्टम होता है, जिसमें कंप्रेसर और कूलिंग सिस्टम समेत सभी जरूरी हिस्से एक ही बॉक्स में लगे होते हैं। इसे खिड़की या दीवार में बनाई गई जगह पर फिट किया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसका इंस्टॉलेशन काफी आसान और जल्दी हो जाता है। साथ ही इसकी कीमत भी आमतौर पर कम होती है, इसलिए कम बजट वाले लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प माना जाता है।

Split AC कैसे अलग है?

स्प्लिट AC दो अलग-अलग यूनिट्स के साथ आता है। इसकी एक यूनिट कमरे के अंदर लगती है, जो ठंडी हवा देती है, जबकि दूसरी यूनिट बाहर लगाई जाती है, जिसमें कंप्रेसर मौजूद होता है। डिजाइन के मामले में स्प्लिट AC ज्यादा मॉडर्न और आकर्षक दिखाई देते हैं। यह कमरे की सुंदरता को भी बेहतर बनाते हैं।

बिजली की बचत में कौन बेहतर?

अगर लंबे समय तक इस्तेमाल की बात करें, तो स्प्लिट AC ज्यादा किफायती साबित हो सकते हैं। आजकल ज्यादातर स्प्लिट AC इन्वर्टर टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं, जो कमरे के तापमान के हिसाब से बिजली की खपत को कंट्रोल करते हैं। इससे बिजली का बिल कम आता है। वहीं विंडो AC की शुरुआती कीमत कम जरूर होती है, लेकिन ये स्प्लिट AC की तुलना में ज्यादा बिजली खर्च कर सकते हैं।

इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस में अंतर

विंडो AC का इंस्टॉलेशन आसान और सस्ता होता है। जरूरत पड़ने पर इसे एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करना भी आसान रहता है। यही वजह है कि किराए के घरों और छोटे कमरों में लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं। दूसरी ओर, स्प्लिट AC का इंस्टॉलेशन थोड़ा महंगा और तकनीकी होता है। हालांकि, यह ज्यादा बेहतर कूलिंग और कम शोर के साथ आता है।

छोटे और बड़े कमरों के लिए कौन बेहतर?

छोटे कमरे, गेस्ट रूम या किराए के मकानों के लिए विंडो AC अच्छा विकल्प माना जाता है। वहीं मीडियम और बड़े कमरों के लिए स्प्लिट AC ज्यादा प्रभावी होता है, क्योंकि यह तेजी से और बेहतर तरीके से कूलिंग करता है। इसके अलावा स्प्लिट AC कम आवाज करता है, क्योंकि इसका कंप्रेसर कमरे के बाहर लगा होता है।

कौन-सा AC खरीदना रहेगा सही?

अगर आपका बजट कम है और आप आसान इंस्टॉलेशन चाहते हैं, तो विंडो AC आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है। लेकिन अगर आप कम शोर, बेहतर कूलिंग और बिजली की बचत चाहते हैं, तो स्प्लिट AC एक अच्छा और लंबे समय का निवेश साबित हो सकता है।

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टेक्नोलॉजी

8 मई से बदल जाएगा Instagram! अब आपकी चैट्स नहीं रहेंगी पूरी तरह प्राइवेट

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फोटो-वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। मेटा ने ऐलान किया है कि 8 मई 2026 से प्लेटफॉर्म पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट्स बंद कर दी जाएंगी। इस फैसले के बाद यूजर्स की निजी बातचीत पहले जैसी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगी, जिससे प्राइवेसी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसा सुरक्षा सिस्टम है, जिसमें मैसेज सिर्फ भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है। यहां तक कि प्लेटफॉर्म खुद भी मैसेज एक्सेस नहीं कर सकता। इसे ऑनलाइन प्राइवेसी की सबसे मजबूत सुरक्षा माना जाता है। इस फीचर के हटने से यूजर्स की चैट पहले जैसी पूरी तरह निजी नहीं रहेगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

इंस्टाग्राम ने यह फीचर दिसंबर 2023 में लॉन्च किया था। यह मेटा की प्राइवेसी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा था। हालांकि, कंपनी के मुताबिक इस फीचर का इस्तेमाल बहुत कम यूजर्स कर रहे थे। इसलिए इसे बंद कर प्लेटफॉर्म को नई दिशा में ले जाने का फैसला लिया गया।

8 मई के बाद क्या बदलेगा?

-इंस्टाग्राम पर भेजे गए मैसेज अब एन्क्रिप्टेड नहीं होंगे
-कंपनी जरूरत पड़ने पर मैसेज एक्सेस कर सकेगी
-पुराने एन्क्रिप्टेड चैट्स के लिए यूजर्स को नोटिफिकेशन मिलेगा
-कंपनी ने सलाह दी है कि यूजर्स अपने जरूरी मैसेज और मीडिया पहले ही डाउनलोड कर लें।

प्राइवेसी पर नई बहस

इस फैसले के बाद प्राइवेसी को लेकर बहस तेज हो गई है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे यूजर्स की सुरक्षा कमजोर होगी। वहीं कुछ सरकारें और सेफ्टी एजेंसियां मानती हैं कि एन्क्रिप्शन से गलत गतिविधियों को ट्रैक करना मुश्किल होता है।

क्या व्हाट्सएप की ओर बढ़ेगा फोकस?

माना जा रहा है कि मेटा अब यूजर्स को ऐसे प्लेटफॉर्म्स की ओर बढ़ावा दे सकता है, जहां एन्क्रिप्शन पहले से डिफॉल्ट है, जैसे व्हाट्सएप। अगर आप इंस्टाग्राम चैट्स में महत्वपूर्ण डेटा रखते हैं, तो उसे समय रहते सुरक्षित कर लें। आने वाले समय में प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी के नियम पहले जैसे नहीं रहेंगे।

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