Connect with us

बिजनेस

HDFC Bank ने बढ़ाई FD की ब्याज दरें, जानें अब कितने परसेंट तक मिलेगा रिटर्न

Published

on

सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न की बात आते ही फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी भारतीय निवेशकों की सबसे पसंदीदा स्कीम मानी जाती है। इसी भरोसे को बरकरार रखते हुए HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए एक खास अवधि की एफडी पर ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है। बैंक की नई ब्याज दरें 6 मार्च 2026 से लागू हो चुकी हैं और यह बदलाव 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल एफडी पर लागू होगा। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की थी, जिसके बाद अब इस बढ़ोतरी से निवेशकों को कुछ राहत मिली है।

खास अवधि की FD पर बढ़ाया गया ब्याज

बैंक ने सभी एफडी की दरों में बदलाव नहीं किया है। नई घोषणा के मुताबिक 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम की अवधि वाली एफडी पर ब्याज दरों में 10 बेसिस प्वाइंट (0.10%) की बढ़ोतरी की गई है। पहले इस अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों को 6.40% ब्याज मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 6.50% कर दिया गया है।

सीनियर सिटीजन को मिलेगा ज्यादा फायदा

बैंक ने वरिष्ठ नागरिकों को भी अतिरिक्त फायदा दिया है। पहले सीनियर सिटीजन को 6.90% ब्याज मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। यानी बुजुर्ग निवेशकों को इस योजना में ज्यादा रिटर्न का फायदा मिलेगा।

अब इतनी हो गई हैं FD की ब्याज दरें

नई दरों के बाद एचडीएफसी बैंक में एफडी की ब्याज दरें इस प्रकार हैं:

सामान्य ग्राहकों के लिए: 2.75% से 6.50%

सीनियर सिटीजन के लिए: 3.25% से 7%

ये दरें 7 दिन से लेकर 10 साल तक की विभिन्न अवधि की एफडी पर लागू हैं।

अलग-अलग अवधि पर कितना मिलेगा रिटर्न

7–29 दिन: 2.75% (सीनियर सिटीजन 3.25%)

6–9 महीने: 5.50% (सीनियर सिटीजन 6%)

1 साल: करीब 6.25% (सीनियर सिटीजन 6.75%)

18 महीने – 2 साल: लगभग 6.45% (सीनियर सिटीजन 6.95%)

5–10 साल: 6.15% (सीनियर सिटीजन 6.65%)

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एफडी को सुरक्षित और कम जोखिम वाला निवेश माना जाता है। हालांकि निवेश करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

-अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना जरूर करें

-अपनी आर्थिक जरूरत और लक्ष्य के अनुसार अवधि चुनें

-लंबी या छोटी अवधि का फैसला सोच-समझकर लें

सही समय पर सही अवधि की एफडी चुनने से आपको बेहतर और स्थिर रिटर्न मिल सकता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिजनेस

पाकिस्तान बेहाल… पेट्रोल 321 रुपये पार, डीजल के दामों पर भी दिखी जंग की मार

Published

on

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। शुक्रवार और शनिवार की रात पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। सरकार ने पेट्रोल की कीमत में करीब 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल का दाम 335.86 रुपये प्रति लीटर हो गया है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असर सप्लाई पर

पाकिस्तान पूरी तरह से तेल के आयात पर निर्भर देश है। उसका अधिकांश कच्चा तेल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आता है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते पाकिस्तान पहुंचता है। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ गया है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती है।

इमरजेंसी बैठक में लिया गया फैसला

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला पाकिस्तान सरकार की एक इमरजेंसी बैठक में लिया गया। इस बैठक में डिप्टी प्राइम मिनिस्टर इशाक डार, वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में अंतरराष्ट्रीय हालात और तेल की सप्लाई पर पड़ रहे असर को देखते हुए कीमतें बढ़ाने का फैसला किया गया।

पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें

कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद कराची, लाहौर और इस्लामाबाद समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियों में पेट्रोल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सरकार का दावा – पर्याप्त तेल भंडार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है।

IMF की सलाह भी बनी वजह

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी पाकिस्तान को सलाह दी है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय की जाएं। इसी कारण सरकार ने कीमतों में संशोधन किया है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अब हर हफ्ते तेल की कीमतों की समीक्षा की जाएगी, ताकि वैश्विक बाजार के अनुसार दाम तय किए जा सकें।

Continue Reading

बिजनेस

Petrol Diesel Price Today: देशभर में जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए दाम, जानिए आपके शहर में क्या है रेट

Published

on

Petrol Price Today: सुबह के 6 बजते ही देश की प्रमुख तेल कंपनियों—Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL)—ने पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब ईंधन की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने से आने वाले समय में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, हालांकि फिलहाल देश के कई शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

आज देश के बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं—

नई दिल्ली: पेट्रोल रुपये 94.77, डीजल रुपये 87.67

कोलकाता: पेट्रोल रुपये 105.41, डीजल रुपये 92.02

मुंबई: पेट्रोल रुपये 103.50, डीजल रुपये 90.03

चेन्नई: पेट्रोल रुपये 101.06, डीजल रुपये 92.61

गुड़गांव: पेट्रोल रुपये 95.51, डीजल रुपये 87.97

नोएडा: पेट्रोल रुपये 94.90, डीजल रुपये 88.01

बेंगलुरु: पेट्रोल रुपये 102.96, डीजल रुपये 90.99

भुवनेश्वर: पेट्रोल रुपये 101.19, डीजल रुपये 92.77

चंडीगढ़: पेट्रोल रुपये 94.30, डीजल रुपये 82.45

हैदराबाद: पेट्रोल रुपये 107.50, डीजल रुपये 95.70

जयपुर: पेट्रोल रुपये 105.11, डीजल रुपये 90.56

लखनऊ: पेट्रोल रुपये 94.57, डीजल रुपये 87.67

पटना: पेट्रोल रुपये 105.48, डीजल रुपये 91.72

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल रुपये 107.48, डीजल रुपये 96.48

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude Oil की कीमत फिलहाल करीब 84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। हालांकि भारत ने हाल के महीनों में रूस और अमेरिका से तेल आयात की रणनीति में बदलाव किया है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है।

SMS से जानें अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के दाम

अगर आप अपने शहर के ताजा पेट्रोल-डीजल दाम जानना चाहते हैं, तो घर बैठे SMS के जरिए भी जानकारी हासिल कर सकते हैं—

Indian Oil Corporation (IOCL): RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें

Bharat Petroleum (BPCL): RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें

Hindustan Petroleum (HPCL): HPPRICE लिखकर 9222201122 पर भेजें

क्या आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं दाम?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ता है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल की कीमतों में 2 से 3 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल आज के लिए ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जो आम लोगों के लिए कुछ हद तक राहत की खबर है।

Continue Reading

बिजनेस

क्या महंगा होने वाला है गैस सिलेंडर? ईरान के फैसले से LPG और LNG सप्लाई पर संकट

Published

on

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। Iran और Israel के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया है। यह रास्ता भारत सहित कई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है।

होरमुज जलडमरूमध्य क्यों है भारत के लिए अहम?

होरमुज जलडमरूमध्य से होकर दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल और गैस सप्लाई होता है। भारत अपनी जरूरत का करीब 80–85% LPG अरब देशों से आयात करता है, और यह ज्यादातर इसी रास्ते से भारत पहुंचती है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि पेट्रोल-डीजल की तरह भारत के पास LPG का बड़ा इमरजेंसी भंडार नहीं है। अगर यह समुद्री रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो देश में गैस की कमी और कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

LNG सप्लाई पर भी मंडराया खतरा

दुनिया के प्रमुख LNG निर्यातकों में शामिल Qatar ने ईरानी ड्रोन हमलों के बाद अपने सबसे बड़े एक्सपोर्ट सेंटर पर उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। रिपोर्ट के अनुसार यूरोप में गैस की कीमतें लगभग 50% तक बढ़ चुकी हैं। भारत अपनी करीब 60% LNG जरूरत इसी समुद्री मार्ग के जरिए पूरी करता है, इसलिए आने वाले दिनों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

पेट्रोल-डीजल को लेकर क्या है स्थिति?

कच्चे तेल को लेकर फिलहाल घबराने की स्थिति नहीं है, लेकिन जोखिम पूरी तरह टला भी नहीं है।

पर्याप्त भंडार: भारत के पास फिलहाल लगभग 70–80 दिनों का तेल रिजर्व मौजूद है।

नई रणनीति: सरकार अब Russia और United States जैसे देशों से तेल आयात बढ़ाने पर विचार कर रही है, जो युद्ध क्षेत्र से बाहर हैं।

कीमतों का खतरा: विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकट बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।

सरकार एक्शन मोड में

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल ही में एक आपात बैठक बुलाई है। सरकार वैकल्पिक सप्लाई रूट और नए ऊर्जा स्रोतों की तलाश कर रही है ताकि अगर युद्ध लंबा चलता है तो भी देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।

आम लोगों को क्या करना चाहिए?

इस संभावित संकट के बीच विशेषज्ञ कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं:

अफवाहों से बचें: अभी गैस की किल्लत शुरू नहीं हुई है, इसलिए पैनिक बुकिंग से बचें।

ऊर्जा की बचत करें: आने वाले समय में कीमतें बढ़ सकती हैं, इसलिए गैस और ईंधन का समझदारी से उपयोग करें।

खबरों पर नजर रखें: मिडिल ईस्ट की स्थिति में हर बदलाव आपके घरेलू बजट को प्रभावित कर सकता है।

भारत के लिए बड़ा सबक

यह युद्ध भले ही सीमाओं पर लड़ा जा रहा हो, लेकिन इसकी आर्थिक मार दुनिया भर के देशों पर पड़ सकती है। भारत के लिए अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और नए आयात विकल्प खोजना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

Continue Reading
Advertisement

Trending