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ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच बड़ा झटका, हमले में घायल हुए नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई

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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान से बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei अमेरिकी और इजरायली हमलों के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उनके पैर में चोट लगी है। यह जानकारी The New York Times ने इजरायली और ईरानी अधिकारियों के हवाले से दी है। हालांकि, Agence France-Presse (AFP) की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति के बेटे ने कहा है कि मोजतबा खामेनेई घायल जरूर हुए हैं लेकिन फिलहाल सुरक्षित हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

IRGC ने शुरू किया जवाबी ऑपरेशन

इस बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में अपना सैन्य अभियान “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” तेज कर दिया है। आईआरजीसी के अनुसार, मंगलवार देर रात इजरायल पर भारी मिसाइल हमला किया गया। यह हमला तीन घंटे से अधिक समय तक चला, जिसमें कई लेयर में लगातार मिसाइलें दागी गईं। इन हमलों में भारी बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं।

हिजबुल्लाह ने भी किया इजरायल पर हमला

ईरान के समर्थन में लेबनान का संगठन Hezbollah भी इस संघर्ष में सक्रिय हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने भी इजरायल के ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के इस्लामिक शासन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद ही ईरान ने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” की शुरुआत की थी।

यूएई के पास कंटेनर जहाज से टकराई रहस्यमयी वस्तु

एक ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि United Arab Emirates के तट के पास एक कंटेनर जहाज किसी अज्ञात वस्तु से टकरा गया। यह घटना Ras Al Khaimah अमीरात से करीब 25 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम में हुई। अधिकारियों ने आसपास के जहाजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, जब तक इस घटना की जांच पूरी नहीं हो जाती।

इजरायल का दावा: 300 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

Israel Defense Forces (IDF) ने दावा किया है कि ईरान ने इजरायल पर करीब 300 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से लगभग आधी मिसाइलों में क्लस्टर बम वॉरहेड लगे थे। आईडीएफ के मुताबिक, अधिकतर मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया। हालांकि एक वॉरहेड मिसाइल Beit Shemesh के पास खुले इलाके में गिरकर फट गई।

ईरानी हमलों में 12 लोगों की मौत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की बमबारी के जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इन हमलों में इजरायल में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक

इससे पहले Israel Defense Forces ने दावा किया था कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े अल-क्वार्ड अल-हसन एसोसिएशन के एसेट्स और स्टोरेज सुविधाओं को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की। आईडीएफ ने यह भी कहा कि उसने हिजबुल्लाह की नासर यूनिट सलामेह के कमांडर हसन सलामेह को मार गिराया है।

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ईरान के खिलाफ ट्रंप का एक्शन, डिफेंस कंपनियों संग मीटिंग के बाद अमेरिका ने लिया बड़ा फैसला

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एडवांस्ड हथियारों के उत्पादन को तेजी से बढ़ाने का फैसला किया है। इस सिलसिले में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस मीटिंग में देश के हथियारों के स्टॉक को तेजी से बढ़ाने पर चर्चा हुई।

चार गुना बढ़ेगा हथियारों का उत्पादन

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि अमेरिकी रक्षा कंपनियां हथियारों का उत्पादन चार गुना तक बढ़ाने पर सहमत हो गई हैं। उन्होंने लिखा कि अमेरिका जल्द से जल्द हथियारों की संख्या को सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंचाना चाहता है, ताकि किसी भी सैन्य जरूरत के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहे।

डिफेंस कंपनियों के साथ हुई अहम बैठक

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने अमेरिका की सबसे बड़ी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उत्पादन और उत्पादन शेड्यूल पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में कई बड़ी रक्षा कंपनियों के सीईओ शामिल हुए, जिनमें BAE Systems, Boeing, Honeywell Aerospace, L3Harris Technologies, Lockheed Martin, Northrop Grumman और Raytheon Technologies के अधिकारी मौजूद थे।

ईरान और वेनेजुएला का भी किया जिक्र

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के पास मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड के हथियारों की लगभग असीमित सप्लाई मौजूद है।उन्होंने दावा किया कि इन हथियारों का इस्तेमाल Iran और हाल ही में Venezuela से जुड़े सैन्य अभियानों में भी किया गया है। इसके चलते अब हथियारों के नए ऑर्डर भी बढ़ा दिए गए हैं।

मिसाइल उत्पादन बढ़ाने की पहले भी हो चुकी है डील

अमेरिका इससे पहले भी रक्षा कंपनियों के साथ कई बड़े समझौते कर चुका है। इनमें Lockheed Martin के साथ PAC-3 मिसाइलों का उत्पादन तीन गुना और THAAD इंटरसेप्टर का उत्पादन चार गुना बढ़ाने का बहुवर्षीय समझौता शामिल है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हालिया बैठक में पेंटागन द्वारा पहले घोषित उत्पादन बढ़ोतरी के अलावा कोई नया समझौता हुआ है या नहीं।

लॉकहीड मार्टिन ने किया उत्पादन बढ़ाने का ऐलान

व्हाइट हाउस में हुई बैठक के तुरंत बाद Lockheed Martin के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि कंपनी आवश्यक हथियारों का उत्पादन चार गुना तक बढ़ाने के लिए तैयार है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में यह प्रक्रिया महीनों पहले ही शुरू कर दी गई थी और कंपनी अमेरिकी सेना की सैन्य क्षमता को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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Israel-Iran War: खामेनेई को मारने की साजिश पहले से थी तैयार! इजरायली रक्षा मंत्री का बड़ा दावा

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इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। बताया जा रहा है कि इजरायल ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को निशाना बनाने की योजना पिछले साल नवंबर में ही बना ली थी। इजरायल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने इस बात का खुलासा किया है।

नवंबर 2025 में बनी थी योजना

रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने एक इंटरव्यू में बताया कि नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई एक बेहद गोपनीय सुरक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया था। उस बैठक में खामेनेई को खत्म करना इजरायल का रणनीतिक लक्ष्य तय किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिशन को शुरू में लगभग छह महीने बाद यानी 2026 के मध्य तक अंजाम देने की योजना थी। लेकिन ईरान के भीतर बढ़ती घरेलू अशांति और क्षेत्रीय हालात को देखते हुए ऑपरेशन की समयसीमा में बदलाव किया गया।

अमेरिका के साथ साझा की गई रणनीति

इजरायल ने अपनी इस रणनीति की जानकारी अमेरिका को भी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, मिशन को जनवरी के आसपास आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। इजरायली नेतृत्व को आशंका थी कि तेहरान की दबाव में चल रही सरकार पश्चिम एशिया में इजरायल और अमेरिका के हितों के खिलाफ आक्रामक कदम उठा सकती है।

‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के दौरान हुआ हमला

बताया जा रहा है कि खामेनेई की हत्या ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और ‘एपिक फ्यूरी’ के शुरुआती चरण में की गई। शनिवार को शुरू हुए इस सैन्य अभियान में इजरायल ने ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। यह पहली बार माना जा रहा है जब किसी संप्रभु देश के शीर्ष नेता को हवाई हमले में मारा गया है। इजरायल का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और परमाणु गतिविधियों से पैदा होने वाले खतरे को खत्म करना है। इसके साथ ही वह ईरान में शासन परिवर्तन की दिशा में भी दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

तेहरान में हमलों की 12वीं लहर

इस बड़े हमले के बाद इजरायल रक्षा बल (IDF) ने अपने हवाई अभियान को और तेज कर दिया है। गुरुवार को आईडीएफ ने जानकारी दी कि तेहरान में हमलों की 12वीं लहर पूरी कर ली गई है। इन हमलों में ईरान की सुरक्षा और सैन्य ढांचे से जुड़े कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। अलबरज प्रांत में स्थित एक विशेष इकाई का मुख्यालय भी हमले का लक्ष्य बना, जो ईरान की आंतरिक सुरक्षा बलों का संचालन करता है।

IRGC और बासिज ठिकानों पर भी हमला

आईडीएफ के मुताबिक, इस अभियान के तहत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बासिज अर्धसैनिक बल से जुड़े कई ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा हथियारों के भंडारण और उत्पादन से जुड़ी कई अन्य साइटों पर भी हवाई हमले किए गए। इजरायली वायु सेना का कहना है कि तेहरान में ईरानी शासन से जुड़े सैन्य और सुरक्षा ढांचे पर लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है और यह अभियान आगे भी जारी रह सकता है।

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मिडिल ईस्ट संकट के कारण CBSE बोर्ड एग्जाम पोस्टपोन, युद्ध का असर 217 स्कूलों पर

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मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध जैसे हालात का असर अब शिक्षा पर भी पड़ने लगा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Central Board of Secondary Education (CBSE) ने बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने 5 और 6 मार्च को प्रस्तावित कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

मिडिल ईस्ट के कई देशों में परीक्षा टली

सीबीएसई ने छात्रों और स्कूलों को आधिकारिक पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के कुछ हिस्सों में मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र में सुरक्षा हालात सामान्य न होने के कारण निर्धारित तिथियों पर परीक्षा कराना संभव नहीं है। इसलिए 2 मार्च 2026 को होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की जाती हैं। संशोधित तिथियां जल्द घोषित की जाएंगी।

मिडिल ईस्ट में 217 सीबीएसई स्कूल

आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 तक मिडिल ईस्ट देशों में सीबीएसई से संबद्ध कुल 217 स्कूल संचालित हो रहे हैं। ये सभी स्कूल बोर्ड के नियमों के तहत शिक्षा प्रदान करते हैं और इनमें हजारों भारतीय और प्रवासी छात्र पढ़ाई करते हैं। सबसे अधिक स्कूल संयुक्त अरब अमीरात में हैं, जहां कुल 106 सीबीएसई स्कूल संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा सऊदी अरब में 37, कुवैत में 26, ओमान में 21 और कतर में 19 स्कूल हैं। बहरीन में 8 स्कूल सीबीएसई बोर्ड से जुड़े हुए हैं।

छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौजूदा हालात को देखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों से आधिकारिक वेबसाइट और स्कूल प्रशासन के संपर्क में रहने की अपील की गई है। मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होने के बाद ही नई परीक्षा तिथियों की घोषणा की जाएगी।

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