देश
बेटियों के जन्म पर पौधा लगाने वाली बिहार की महुआवा पंचायत ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय स्तर पर मिला तीसरा स्थान
Mahuawa Panchayat को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2026 के तहत क्लाइमेट एक्शन स्पेशल पंचायत अवार्ड (CASPA) के लिए चुना गया है। एक दिन में 9 हजार पौधे लगाने, जल संरक्षण, बॉयोगैस और सोलर ऊर्जा जैसी पहलों के कारण इस पंचायत को देशभर में तीसरा स्थान मिला है।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2026 के तहत बिहार के सीतामढ़ी जिला स्थित बथनाहा प्रखंड की महुआवा पंचायत का चयन क्लाइमेट एक्शन स्पेशल पंचायत अवार्ड (सीएएसपीए) के लिए हुआ है। सूबे की इस पंचायत को देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए पंचायत के मुखिया संजीव भूषण को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। मुखिया संजीव ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंचायत में एक ही दिन में लगभग 9 हजार पौधे लगाकर यह कीर्तिमान स्थापित किया है।
बेटियों के जन्म पर फलदार पौधा लगाने की पहल
वर्तमान में इन पौधों के कारण पंचायत क्षेत्र हरित, स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। इन पौधों के संरक्षण के लिए कंटीले तारों से घेराबंदी भी कराई गई है। इसके अतिरिक्त पंचायत में लड़कियों के जन्म पर घर के बाहर एक फलदार पौधा लगाने की अनिवार्य पहल शुरू की गई है। इसके तहत अब तक लगभग 250 पौधे लगाए जा चुके हैं। वर्तमान में पंचायत क्षेत्र में एक लाख से अधिक फलदार और औषधीय पेड़ हैं। वर्ष 2021 से पंचायत का नेतृत्व कर रहे मुखिया संजीव ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से पंचायत में समग्र एवं सतत विकास को नई दिशा दी है, विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए।
बॉयोगैस और जल संरक्षण के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा
महुआवा पंचायत में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा बचत व जल प्रबंधन की दिशा में भी प्रभावी काम किए गए हैं। पंचायत में जिन परिवारों के पास लगभग पांच पशु हैं, उन्हें बॉयोगैस प्लांट से जोड़ने की पहल की गई है। इसके लिए कुल 50 परिवारों को चिन्हित किया गया, जिनमें 12 परिवारों में बॉयोगैस प्लांट का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह लगभग 2 हजार रुपये की बचत हो रही है।
सतत विकास को मिली नई दिशा
साथ ही पंचायत क्षेत्र में 35 से 60 कट्ठे तक क्षेत्रफल वाले 10 बड़े तालाबों का विकास किया गया है, जहां मछली पालन के साथ-साथ जल संचयन भी हो रहा है। नदियों के जीर्णोद्धार के माध्यम से भीषण गर्मी के दौरान भूजल स्तर प्रबंधन को सुदृढ़ बनाया गया है। पंचायत के विद्यालयों में सोलर प्लेट स्थापित हैं और मिड-डे मील सहित विभिन्न गतिविधियों की निगरानी मोबाइल ऐप के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। यह पंचायत आज पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन व सतत विकास के क्षेत्र में एक सफल और अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है।
महुआवा पंचायत पूरे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत: मंत्री
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने इस उपलब्धि पर मुखिया संजीव भूषण समेत पंचायतवासियों को बधाई देते हुए कहा कि महुआवा पंचायत ने जलवायु और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जो उत्कृष्ट कार्य किया है, वह पूरे बिहार के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पंचायत की तरफ से बड़े पैमाने पर पौधरोपण, जल संचयन, बॉयोगैस प्लांट एवं सौर ऊर्जा के उपयोग जैसे प्रयास सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। ऐसे नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेंगे।
देश
रॉबर्ट वाड्रा को शिकोहपुर मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली जमानत, राहत मिलते ही ED जांच पर किया राजनीतिक हमला
शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई है। राहत मिलने के बाद उन्होंने ED और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
Priyanka Gandhi के पति और कारोबारी Robert Vadra को शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। Rouse Avenue Court ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 10 जुलाई को होगी।
कोर्ट से राहत के बाद ED पर साधा निशाना
जमानत मिलने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में Enforcement Directorate और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मैं जानता हूं कि ईडी को सरकार चला रही है और वह सरकार के इशारों पर काम करती है। इसके बावजूद मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है।”
‘मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’
अदालत परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए वाड्रा ने खुद को पूरी तरह निडर बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। वाड्रा ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रियाओं से भागने वाले नहीं हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
परिवार के प्रदर्शन से जोड़ा मामला
रॉबर्ट वाड्रा ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक संदर्भ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब उनका परिवार चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करता है या जनता का समर्थन मिलता है, तब इस तरह की जांचों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि अगर लोग अब भी उनके परिवार को पसंद करते हैं, तो उन्हें इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना ही पड़ेगा।
क्या है शिकोहपुर भूमि सौदा मामला?
यह मामला हरियाणा के शिकोहपुर इलाके में हुए कथित भूमि सौदे और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है। इस पूरे मामले की जांच Enforcement Directorate कर रही है। फिलहाल कोर्ट से मिली जमानत को रॉबर्ट वाड्रा के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
देश
पेट्रोल-डीजल के दामों ने बढ़ाई डिलीवरी-कैब ड्राइवरों पर परेशानी, Ola-Uber से लेकर Blinkit तक हड़ताल पर वर्कर्स
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों और LPG संकट से गिग वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विरोध में डिलीवरी और ऐप आधारित ड्राइवरों ने 5 घंटे सेवाएं बंद रखने का एलान किया है।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने ऐप आधारित टैक्सी और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से जुड़े गिग वर्कर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले लगभग चार वर्षों में यह पहली बड़ी ईंधन वृद्धि मानी जा रही है, जिसका सीधा असर लाखों डिलीवरी एजेंट और ड्राइवरों की कमाई पर पड़ रहा है।
5 घंटे ऐप सेवाएं बंद रखने का एलान
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने रविवार दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ऐप आधारित सेवाओं को बंद रखने की घोषणा की है। यूनियन का कहना है कि कंपनियों को तुरंत प्रति किलोमीटर सर्विस रेट बढ़ाना चाहिए ताकि बढ़ते खर्च का बोझ वर्कर्स पर न पड़े।
1.2 करोड़ गिग वर्कर्स प्रभावित
यूनियन के मुताबिक, देशभर में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे। इनमें डिलीवरी पार्टनर्स, बाइक टैक्सी ड्राइवर और ऐप आधारित कैब ड्राइवर शामिल हैं, जिनकी रोजी-रोटी पूरी तरह दोपहिया वाहनों पर निर्भर है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह हैं।
LPG संकट ने बढ़ाई परेशानी
ईंधन महंगा होने के साथ-साथ एलपीजी संकट ने भी गिग वर्कर्स की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। गैस की कमी के कारण कई रेस्तरां और क्लाउड किचन ने अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं या अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।इसका सीधा असर फूड डिलीवरी सेक्टर पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑर्डर वॉल्यूम में 50 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे उन डिलीवरी एजेंटों की कमाई प्रभावित हुई है, जिनकी आय इंसेंटिव और ज्यादा ऑर्डर पर निर्भर करती है।
20 रुपये प्रति किलोमीटर न्यूनतम रेट की मांग
GIPSWU की अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई और भीषण गर्मी के बीच यह ईंधन वृद्धि श्रमिकों पर सीधा आर्थिक प्रहार है। उन्होंने कहा कि Swiggy, Zomato, Blinkit और अन्य प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स अब अतिरिक्त खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। यूनियन ने मांग की है कि कम से कम 20 रुपये प्रति किलोमीटर का न्यूनतम सर्विस रेट तय किया जाए।
महिला वर्कर्स पर सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट का सबसे ज्यादा असर महिला गिग वर्कर्स और डिलीवरी एजेंटों पर पड़ रहा है। कई कर्मचारी रोजाना 10 से 14 घंटे तक भारी ट्रैफिक और खराब मौसम में काम करने को मजबूर हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कमाई नहीं बढ़ी तो बड़ी संख्या में लोग इस सेक्टर को छोड़ सकते हैं।
इन सेवाओं पर दिख सकता है असर
रविवार को होने वाले 5 घंटे के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कई बड़े प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स के शामिल होने की संभावना है। इसका असर Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Ola, Uber और Rapido जैसी सेवाओं पर देखने को मिल सकता है।
आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा सेक्टर
NITI Aayog के अनुमान के अनुसार, चुनौतियों के बावजूद भारत में गिग इकॉनमी का विस्तार लगातार जारी रहेगा। वर्ष 2020-21 में देश में गिग वर्कर्स की संख्या करीब 77 लाख थी, जो 2029-30 तक बढ़कर 2.3 करोड़ से अधिक हो सकती है।
देश
‘मजबूत परिवार से ही मजबूत समाज…’, मंत्री श्रवण कुमार का संदेश
Shravan Kumar ने परिवार दिवस पर कहा कि परिवार केवल रिश्तों का समूह नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, संस्कार और सहयोग की मजबूत नींव है। उन्होंने समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता के लिए मजबूत और संस्कारी परिवारों के निर्माण पर जोर दिया।
श्रवण कुमार ने परिवार दिवस के अवसर पर कहा कि परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, संस्कार और सहयोग की सबसे मजबूत नींव होता है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत परिवार ही समाज और राष्ट्र की असली ताकत बनता है।
“सशक्त परिवार से मजबूत समाज का निर्माण”
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि समाज की मजबूती सशक्त और संस्कारी परिवारों पर आधारित होती है। जब परिवारों में आपसी प्रेम, सम्मान और एकता बनी रहती है, तब समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता का वातावरण विकसित होता है।
परिवार की एकजुटता को बताया राष्ट्र की शक्ति
उन्होंने कहा कि परिवार की एकजुटता ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। परिवारों में अच्छे संस्कार और सहयोग की भावना आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देने का काम करती है।
प्रेमपूर्ण परिवार बनाने का लिया जाए संकल्प
परिवार दिवस के मौके पर मंत्री ने लोगों से मजबूत, संस्कारी और प्रेमपूर्ण परिवारों के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवारों में आपसी विश्वास और सम्मान बनाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
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