सलमान खान के सालों पुराने काला हिरण केस को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। अब इस मामले पर एक फिल्म आ रही है, जिसका पोस्टर भी रिलीज हो चुका है। पोस्टर में सलमान खान जैसा दिखने वाला शख्स हथियार लिए निशाना लगाते हुए और कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है। इस पोस्टर को देखने के बाद सलमान खान ने तुरंत एक्शन लेने का मन बना लिया और उनकी लीगल टीम ने फिल्म के प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेज दिया। इस नोटिस में फिल्म पर रोक लगाने और पोस्टर हटाने की मांग की गई है। साथ ही बिना शर्त माफी मांगने को भी कहा गया है।
सलमान खान के नोटिस पर प्रोड्यूसर का जवाब
अब इस विवाद के बाद फिल्म 'काला हिरण' के प्रोड्यूसर अमित जानी ने रिएक्शन दिया है। उन्होंने सलमान खान द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस का जवाब दिया है। सलमान खान की टीम ने आरोप लगाया था कि ये फिल्म सलमान खान के केस पर आधारित है और इससे ये मामला प्रभावित हो सकता है। साथ ही सलमान का निष्पक्ष सुनवाई पाने का अधिकार भी इससे प्रभावित हो सकता है। अब इन सभी आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए अमित जानी ने साफ कर दिया है कि ये फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। उन्होंने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।
नोटिस में किए दावों को किया खारिज
अमित जानी बोलें कि ये फिल्म पब्लिक डोमेन में मौजूद जानकारी के आधार पर बनाई गई है। इसकी कहानी वन्यजीवों की रक्षा के लिए बिश्नोई समुदाय की लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक्टर की तरफ से ये नोटिस जल्दबाजी में भेजा गया है। ये फिल्म उनकी बायोपिक नहीं है। ऐसे में ये लीगल कार्रवाई गैर-जरूरी है। उनका कहना है कि पोस्टर के अलावा अब तक कुछ भी सामने नहीं आया है। टीजर 20 जून को आएगा और ऐसे में इस लीगल नोटिस से वो हैरान हैं।
फिल्म को लेकर दी सफाई
अमित जानी का कहना है कि ये केस और उससे जुड़ी जानकारियां पब्लिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। ऐसे में उन्हें फिल्म में दिखाया जा सकता है। हालांकि, फिल्म सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बिश्नोई समुदाय का संघर्ष, उनकी परंपराएं और वन्यजीवों के प्रति उनका गहरा लगाव भी दिखाया जाएगा। उन्होंने ये भी साफ किया है कि इस फिल्म में ना तो सलमान खान को नेगेटिव नहीं दिखाया गया है और ना ही लॉरेंस बिश्नोई का गुणगान किया गया है। ये फिल्म बस बिश्नोई समुदाय की मान्यताओं और इतिहास को सामने लाती है।