राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं की पहचान केवल बेटी, पत्नी या मां तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मनुस्मृति में महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर कही गई बातों और महिलाओं से जुड़े इस विचार को शर्मनाक बताया। राहुल ने महिलाओं से बराबरी के लिए आवाज उठाने और अपनी पहचान खुद बनाने की अपील की। राहुल गांधी ने अपने भाषण में ‘मनुस्मृति की मानसिकता’ का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि BJP और RSS महिलाओं को एक सिमा में रखने वाली सोच को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने छात्राओं से भेदभाव के खिलाफ मजबूती से खड़े होने को कहा।

निशिकांत दुबे ने श्लोक के जरिए किया पलटवार

राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय दी। उन्होंने मनुस्मृति का एक श्लोक बताते हुए राहुल गांधी से ग्रंथ को पढ़ने और समझने की बात कही। दुबे ने ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ श्लोक का तर्क दिया। उन्होंने कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास माना जाता है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के भारतीय वेद, पुराण और ग्रंथों की समझ पर भी सवाल उठाए।

योगी आदित्यनाथ ने भी साधा निशाना

24 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में राहुल गांधी के बयान पर पलटवार कर कहा कि राहुल गांधी को देश की परंपराओं और विरासत का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर भारतीय संस्कृति और परंपराओं को लेकर बयानबाजी करने का आरोप लगाया। योगी ने यह भी कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि वे संविधान के साथ-साथ देश की परंपरा और विरासत का भी सम्मान करें।

हिमंता बिस्वा सरमा ने UCC को लेकर घेरा

विवाद में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। 24 अगस्त को उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को हिंदू धर्म पर हमला करने के लिए ‘स्मोकस्क्रीन’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। हिमंता ने सवाल किया कि अगर राहुल गांधी महिला-पुरुष बराबरी के पक्ष में हैं, तो वे समान नागरिक संहिता यानी UCC का समर्थन क्यों नहीं करते हैं।

बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग

मनुस्मृति को लेकर शुरू हुई यह बहस अब महिलाओं के अधिकार, पुरुष प्रधान व्यवस्था, धार्मिक ग्रंथों और UCC जैसे मुद्दों पर आ गई है। राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी के कई नेताओं ने अलग-अलग मुद्दों पर उन्हें घेरा, जबकि कांग्रेस की ओर से महिलाओं की स्वतंत्रता और महिला-पुरुष समानता को लेकर राहुल के रुख को शाबाशी दी जा रही है। फिलहाल इस पूरे विवाद में राहुल गांधी के बयान, निशिकांत दुबे की श्लोक वाली प्रतिक्रिया, योगी आदित्यनाथ के पलटवार और हिमंता बिस्वा सरमा के UCC वाले सवाल ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है। यूपी चुनाव से पहले शुरू हुए इस विवाद से किस पार्टी को मिलेगा फायदा, यह समय ही बताएगा।