विकसित भारत के लिए बिहार का तेजी से विकास जरूरी : सम्राट चौधरी

विकसित भारत के लिए बिहार का तेजी से विकास जरूरी : सम्राट चौधरी

नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित होटल द अशोक में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में बिहार के माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बिहार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार के “नवनिर्माण” और व्यापक परिवर्तन के लिए सामूहिक प्रयास समय की मांग है।

बिहार के विकास के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश की लगभग 10 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में राज्य के तीव्र और समग्र विकास के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “बिहार के विकास की गति जितनी तेज होगी, भारत उतनी ही मजबूती से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। हमें राज्य के लिए नई संभावनाओं और अवसरों का सृजन करना होगा।”

आधारभूत संरचना और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में बिहार ने आधारभूत संरचना, बिजली, सड़क, कनेक्टिविटी और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य में आने वाले लोगों को अब विकास और बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने अधिकारियों से केंद्र और राज्य सरकार के बीच मजबूत सेतु की भूमिका निभाने तथा विकास परियोजनाओं और निवेश को गति देने का आग्रह किया।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने पर जोर

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने और बिहार की विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

नीति आयोग ने बताया बिहार को संभावनाओं का राज्य

कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने कहा कि बिहार में असीम संभावनाएं मौजूद हैं। हालांकि, संभावनाओं और वास्तविक उपलब्धियों के बीच की दूरी को प्रभावी नीतियों और बेहतर क्रियान्वयन के माध्यम से कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर जैसे सामाजिक सूचकांकों में सुधार बिहार की सकारात्मक प्रगति को दर्शाता है। अब राज्य तेज विकास की नई उड़ान भरने के लिए तैयार है।

कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने भाग लिया। इनमें गिरिराज सिंह, रामनाथ ठाकुर, राजीव प्रताप रूडी, रविशंकर प्रसाद, संजय झा, राजभूषण चौधरी, चिराग पासवान और ललन सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।

शिक्षा, प्रशासन और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक ढांचे, पर्यटन, आधारभूत संरचना और कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। प्रतिभागियों ने बिहार को अधिक निवेश-अनुकूल और प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए बेहतर नीति समन्वय, प्रशासनिक दक्षता और मजबूत सार्वजनिक-निजी भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश और विकास की नई संभावनाओं पर सरकार का फोकस

बिहार सरकार के स्थानिक आयुक्त एवं निवेश आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सरकार, उद्योग जगत और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संवाद और समन्वय को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार निवेश, पर्यटन, उद्योग और सामाजिक विकास के क्षेत्र में नई संभावनाओं के सृजन के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। उपस्थित अतिथियों ने बिहार सरकार की पहल की सराहना करते हुए राज्य के उभरते विकास मॉडल पर विश्वास व्यक्त किया और बिहार के उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशावाद जताया।