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देश

चिनाब पर भारत का बड़ा दांव: सावलकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट क्यों है ‘गेम चेंजर’? पाकिस्तान पर ‘वाटर स्ट्राइक’

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देश की सबसे ताक़तवर नदियों में शुमार चिनाब एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। वजह है जम्मू-कश्मीर की दुर्गम पहाड़ियों के बीच आकार ले रहा सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, जिसे भारत के ऊर्जा क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा और सबसे अहम दांव माना जा रहा है। यह परियोजना सिर्फ़ एक बांध या बिजली उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि ऊर्जा में आत्मनिर्भर भारत, रणनीतिक मजबूती और क्षेत्रीय विकास की नई कहानी है। चिनाब के पानी पर भारत का यह कदम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पाकिस्तान इसे अपनी जल सुरक्षा के लिए चुनौती के रूप में देख रहा है।

क्या है सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट

जम्मू-कश्मीर के रामबन और उधमपुर जिलों के बीच बहती चिनाब नदी, जहां भारत बना रहा है 1,856 मेगावाट क्षमता वाला सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट। यह परियोजना इतनी बिजली पैदा करेगी कि पूरे जम्मू-कश्मीर को बिजली मिल सकती है। इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए NHPC ने 5,129 करोड़ रुपये का टेंडर केवल मुख्य सिविल वर्क के लिए जारी किया है, जबकि कुल लागत 22,000 से 31,000 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। करीब 9 साल तक चलने वाले इस निर्माण कार्य में डायवर्जन टनल, कोफर डैम, स्पाइरल टनल और लगभग 192 मीटर ऊंचा विशाल बांध बनाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली का नहीं, बल्कि भारत के जल-अधिकारों के इस्तेमाल का भी प्रतीक है, जिससे पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है।

गौर करने वाली बात यह है कि चिनाब कोई साधारण नदी नहीं, बल्कि 1960 के ‘सिंधु जल समझौते’ के तहत आने वाली नदी है। दशकों से इस संधि की शर्तों ने भारत के हाथों को बांधे रखा था, जहां पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान की ओर बह जाता था। लेकिन बदलते दौर के साथ भारत ने अपनी रणनीति की दिशा बदल दी है। दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि हुई थी, जिसके तहत चिनाब, झेलम और सिंधु नदियों का पानी पाकिस्तान को दिया गया, लेकिन साथ ही भारत को इन नदियों पर बिजली परियोजनाएं बनाने का पूरा अधिकार भी मिला। इस प्रोजेक्ट से चिनाब नदी के बहाव पर भारत का नियंत्रण बढ़ेगा। यही बात पाकिस्तान को बेचैन कर रही है, क्योंकि उसे डर है कि भविष्य में भारत चाहे तो पानी के प्रबंधन में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।

कैसे होगा आम लोगों को फायदा

आम लोगों को इससे सीधे-सीधे कई बड़े फायदे मिलेंगे। जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के दौरान बिजली की भारी कमी रहती है, जिसे यह प्रोजेक्ट लंबे समय के लिए खत्म कर सकता है। जब स्थानीय स्तर पर पर्याप्त बिजली बनेगी, तो कटौती कम होगी और घरों, कारोबारों व उद्योगों को बिजली की सप्लाई मिलेगी। दूसरी ओर, बची हुई बिजली नेशनल ग्रिड में जाएगी, जिससे पूरे देश की ऊर्जा आपूर्ति मजबूत होगी इसके साथ-साथ, लगभग 9 साल तक चलने वाले निर्माण कार्य से हजारों इंजीनियरों, मजदूरों और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, जिससे इलाके में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। और अंत में, यह प्रोजेक्ट एक कड़ा संदेश भी देता है भारत अब पानी पर राजनीति नहीं, बल्कि अपने अधिकारों का पूरा इस्तेमाल करेगा, जिसका सीधा फायदा देश के नागरिकों को मिलेगा।

कुल मिलाकर कहें तो, सावलकोट प्रोजेक्ट सिर्फ ईंट और कंक्रीट का कोई ढांचा नहीं है, बल्कि यह बदलते भारत की नई पहचान है। यह चिनाब की लहरों से पैदा होने वाली वह बिजली है, जो न केवल जम्मू-कश्मीर के अंधेरों को दूर करेगी, बल्कि विकास की एक नई सुबह भी लाएगी। सावलकोट प्रोजेक्ट का पूरा होना यानी सुरक्षित बॉर्डर, आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर और ऊर्जा के क्षेत्र में एक शक्तिशाली भारत।

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एंटरटेनमेंट

50,000 फैंस के साथ दिल्ली में होगा Karan Aujla का लाइव कॉन्सर्ट, ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

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होली से पहले दिल्ली में पंजाबी पॉप सुपरस्टार करण औजला का बड़ा लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट होने जा रहा है। यह कॉन्सर्ट 28 फरवरी को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN Stadium) में आयोजित होगा, जिसमें हजारों फैंस के पहुंचने की उम्मीद है। इस वजह से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्टेडियम के आसपास विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। ट्रैफिक प्लान शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा।

करण औजला का लाइव कॉन्सर्ट

कॉन्सर्ट “P-POP CULTURE INDIA TOUR 2026” का हिस्सा है और इसमें करीब 50,000 फैंस के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। बड़े इवेंट को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्टेडियम के आसपास ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से बचने के लिए संपूर्ण ट्रैफिक प्लान बनाया है।

ट्रैफिक रूट और रोड क्लोजर

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि विशेष रूप से BP मार्ग (बिश्मा पितामह मार्ग), लोधी रोड और JLN स्टेडियम के आसपास की सड़कों पर शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।

इसके अलावा, इन स्थानों पर रूट डायवर्ट लागू रहेगा:

-JLN रेड लाइट

-सेवा नगर बस डिपो रेड लाइट

-5th एवेन्यू रोड (डबल स्टोरी मार्केट/धोबी घाट)

-प्रगति विहार रेड लाइट

-लाला लाजपत राय मार्ग टी-पॉइंट

-JLN गेट नंबर 5 के पास बारापुल्लाह कट

-जंगपुरा मेट्रो स्टेशन/सूचना भवन टी-पॉइंट

फैंस और आम नागरिकों के लिए सलाह

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से कहा है कि 28 फरवरी की शाम BP मार्ग, लोधी रोड और स्टेडियम के आसपास की सड़कों पर जाने से बचें। एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें। कॉन्सर्ट में शामिल होने वाले फैंस को मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।JLN स्टेडियम मेट्रो स्टेशन (वायलेट लाइन) सबसे सुविधाजनक विकल्प है।

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देश

Q3 में 7.8% की रफ्तार से दौड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था, नए बेस ईयर से जारी हुए आंकड़े

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भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। सरकार द्वारा जारी ताजा जीडीपी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) में देश की ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत रही है। यह पिछले साल की समान अवधि के 7.4 प्रतिशत से अधिक है, हालांकि सितंबर तिमाही के 8.4 प्रतिशत के मुकाबले थोड़ी कम दर्ज की गई है।

वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी अनुमान पहले ही संशोधित किए जा चुके हैं। पहले 7.1 प्रतिशत का अनुमान था, जिसे बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया गया है।

GDP आंकड़ों की प्रमुख बातें

इस बार जीडीपी के आंकड़े नई सीरीज के तहत जारी किए गए हैं। बेस ईयर को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। जनवरी 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देश का राजकोषीय घाटा 9.81 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कुल सरकारी खर्च 36.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

क्या होता है बेस ईयर?

राष्ट्रीय आय के वार्षिक और तिमाही अनुमान अब न्यू नेशनल इनकम सीरीज के तहत जारी किए जा रहे हैं। पहले 2011-12 को आधार वर्ष माना जाता था, लेकिन अब 2022-23 को नया बेस ईयर बनाया गया है। आधार वर्ष वह समय अवधि होती है, जिसके मूल्य और उत्पादन स्तर को मानक मानकर आगे की वृद्धि दर की तुलना की जाती है।

तिमाही आंकड़ों में संशोधन

जुलाई-सितंबर 2025-26 तिमाही की ग्रोथ रेट को संशोधित कर 8.4 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 8.2 प्रतिशत आंकी गई थी। वहीं अप्रैल-जून तिमाही की ग्रोथ रेट को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया है।

आधार वर्ष में बदलाव से आर्थिक गतिविधियों के आकलन का दायरा व्यापक होता है। इससे नई आर्थिक संरचना के अनुरूप आंकड़ों को अपडेट किया जाता है और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को ज्यादा सटीक तरीके से समझा जा सकता है।

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देश

‘केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है…’, मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए Arvind Kejriwal; क्लीन चिट मिलते ही दिया वायरल बयान

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया है। फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल भावुक हो गए।

भावुक हुए केजरीवाल

उन्होंने कहा, “हमने पहले ही कहा था कि सच्चाई की जीत होगी। आज सच की जीत हुई है। मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा था कि न्याय जरूर मिलेगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया और झूठे आरोपों के जरिए बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी, CBI के सबूतों पर सवाल

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। चार्जशीट में भी कई खामियां पाई गईं और किसी गवाह या दस्तावेज से आरोप पुष्ट नहीं हुए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस प्रमाण के केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन इस मामले में अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में विफल रहा।

‘कोई आपराधिक साजिश साबित नहीं’

अदालत ने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक साजिश का कोई ठोस आधार नहीं मिला। न तो केजरीवाल और न ही सिसोदिया के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत पेश किए जा सके। इन्हीं कारणों से कोर्ट ने दोनों नेताओं को बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय और सच्चाई की जीत बताया।

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