देशभर में ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती लगातार बढ़ रही है। सड़कों पर लगे हाईटेक कैमरे और ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग सिस्टम की वजह से कई बार वाहन मालिकों को पता भी नहीं चलता और उनका ऑनलाइन चालान कट जाता है। ऐसे में केवल चालान भर देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कुछ जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करना भी बेहद जरूरी है।
अगर आपकी गाड़ी पर कोई ट्रैफिक चालान लंबित था, तो RTO आपके वाहन का स्टेटस Block या Blacklist कैटेगरी में डाल सकता है। चालान जमा करने के बाद परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर वाहन नंबर के जरिए स्टेटस जरूर चेक करें। यदि स्टेटस अभी भी Pending, Blocked या Blacklisted दिख रहा है, तो चालान भुगतान की रसीद के साथ संबंधित RTO कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं और रिकॉर्ड अपडेट करवाएं।
लंबे समय तक चालान का भुगतान नहीं करने पर RTO आपकी गाड़ी की RC (Registration Certificate) पर प्रतिबंध लगा सकता है। ऐसे में वाहन से जुड़े कई जरूरी काम रुक सकते हैं।
RC क्लियर नहीं होने पर:
इसलिए चालान भरने के बाद RC स्टेटस भी अपडेट हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि जरूर करें।
अगर आप अपनी गाड़ी को किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर करना चाहते हैं या वाहन बेचना चाहते हैं, तो RTO से NOC (No Objection Certificate) लेना जरूरी होता है। लेकिन यदि वाहन पर पहले कोई बकाया चालान था और उसका रिकॉर्ड सिस्टम में अपडेट नहीं हुआ है, तो NOC जारी होने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए चालान भुगतान के बाद यह सुनिश्चित करें कि वाहन का रिकॉर्ड पूरी तरह क्लियर हो चुका है।
आजकल कई बीमा कंपनियां वाहन का क्लेम पास करने से पहले ट्रैफिक चालान और कानूनी रिकॉर्ड की जांच करती हैं। अगर आपकी गाड़ी पर कोई बड़ा चालान या कोर्ट से जुड़ा मामला लंबित था और आपने उसका भुगतान कर दिया है, तो यह जानकारी इंश्योरेंस रिकॉर्ड में भी अपडेट होनी चाहिए। रिकॉर्ड अपडेट न होने पर दुर्घटना की स्थिति में क्लेम प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
ऑनलाइन पोर्टल, लोक अदालत या किसी अन्य माध्यम से चालान भरने के बाद उसकी डिजिटल या प्रिंटेड रसीद जरूर डाउनलोड करें। कई बार सरकारी पोर्टल पर रिकॉर्ड अपडेट होने में कुछ समय लग जाता है। ऐसे में यदि रास्ते में ट्रैफिक पुलिस द्वारा जांच की जाती है, तो भुगतान की रसीद आपके लिए सबूत का काम करेगी और किसी भी तरह की असुविधा से बचाएगी।
ई-चालान भरने के बाद सिर्फ भुगतान करना ही पर्याप्त नहीं है। वाहन का स्टेटस, RC रिकॉर्ड, NOC और इंश्योरेंस डिटेल्स अपडेट हैं या नहीं, इसकी जांच करना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी आपको भविष्य की कई परेशानियों से बचा सकती है।