बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन मंगलवार रात सदर थाना क्षेत्र के मिठाई पुलिस शिविर में तैनात एएसआई देवेंद्र ठाकुर पर शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने और लोगों के साथ गाली-गलौज करने का आरोप लगा। घटना के बाद मिठाई चौक पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब आठ बजे एएसआई देवेंद्र ठाकुर कथित रूप से शराब के नशे में कुछ लोगों से अभद्र व्यवहार कर रहे थे। विरोध होने पर वह अपने आवास में चले गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर ही ब्रेथ एनालाइजर मंगाकर जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि पुलिस आम लोगों पर शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई करती है, तो पुलिसकर्मियों के मामले में भी समान नियम लागू होने चाहिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब आठ बजे शुरू हुआ विवाद लगभग साढ़े दस बजे तक चलता रहा। इस दौरान लोगों और पुलिस के बीच बातचीत और समझाने-बुझाने का दौर जारी रहा, लेकिन स्थानीय लोग मौके पर ही जांच कराने की मांग पर अड़े रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भान टेकठी पंचायत के मुखिया विकास कुमार और मिठाई पंचायत के सरपंच बलराम यादव मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद डायल-112 की टीम भी पहुंची। ड्यूटी पर तैनात दरोगा सुनील कुमार ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
बाद में सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एएसआई देवेंद्र ठाकुर को अपने साथ थाना ले गई। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और भीड़ छंटने लगी।
घटना के बाद मामले से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि एक वीडियो में एएसआई अपने आवास पर कुछ लोगों से मामले को शांत कराने की बात करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य वीडियो में कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, एएसआई देवेंद्र ठाकुर का हाल ही में शंकरपुर थाना में तबादला हुआ था और उन्होंने मंगलवार को ही वहां योगदान दिया था। इसके बावजूद वह अपने मिठाई स्थित सरकारी आवास पर मौजूद थे, जहां यह विवाद सामने आया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ शराबबंदी कानून और अन्य लागू नियमों के तहत निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
फिलहाल सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच रिपोर्ट और बयान का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।