बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र के दिलावरपुर पंचायत में वर्षों से बनी जलजमाव की समस्या अब जनआक्रोश में बदल गई है। स्थायी समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य सड़क किनारे जगह-जगह "मंत्री जी का मुफ्त वाटर पार्क" लिखे बैनर-पोस्टर लगाकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया है। इतना ही नहीं, लोगों ने अपने पंचायत का नाम व्यंग्यात्मक रूप से "पानी टोला" लिखकर भी विरोध जताया है।
जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग को लेकर ग्रामीण 6 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि कई वर्षों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 10 से 15 वर्षों से मुख्य सड़क पर सालभर घुटनों से ऊपर पानी जमा रहता है। यही सड़क दिलावरपुर पंचायत को दरभंगा शहर से जोड़ने वाली प्रमुख संपर्क सड़क है। बरसात के दौरान हालात और गंभीर हो जाते हैं। सड़क के साथ-साथ मोहल्लों और घरों के आंगन तक पानी भर जाता है, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलजमाव का असर अब केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। वर्षों से मोहल्ले में बैंड-बाजा नहीं बजा और बारात नहीं आई। खराब हालात के कारण बेटियों के रिश्ते टूट रहे हैं और लोग शादी-विवाह के लिए इस इलाके में आने से कतराने लगे हैं। वहीं, व्यापार-कारोबार भी प्रभावित हुआ है और कई परिवार अपने घरों में ताला लगाकर किराये के मकानों में रहने को मजबूर हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से गंदे पानी में रहने के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सड़क पर बने गड्ढे पानी में दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा गंदे पानी में सांप और जहरीले कीड़ों का खतरा भी बना रहता है।
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलनिकासी की समस्या को लेकर कई बार स्थानीय विधायक एवं बिहार सरकार के मंत्री मदन साहनी से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि मंत्री ने उनसे कहा था कि दिलावरपुर पंचायत से उन्हें पर्याप्त बढ़त (लीडिंग वोट) नहीं मिलती, इसलिए वे इस मामले में उनकी मदद नहीं कर सकते। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और मंत्री की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और राज्य सरकार से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने, सड़क की मरम्मत करने और वर्षों से चली आ रही समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।