जनता दल (यूनाइटेड) ने पार्टी नेता छोटू सिंह को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। विरोध जताने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पटना स्थित जेडीयू कार्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि छोटू सिंह ने लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया है। उनका आरोप है कि किसी विवाद या मतभेद के आधार पर उन्हें पार्टी से बाहर करना उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि छोटू सिंह को सम्मान के साथ दोबारा पार्टी में शामिल किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप था कि पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
समर्थकों ने छोटू सिंह को गरीबों का हितैषी बताते हुए कहा कि उन्होंने बाढ़ जैसी आपदा के दौरान लोगों तक भोजन और दवाइयां पहुंचाने का काम किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि ऐसे नेता के खिलाफ की गई कार्रवाई से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा से मांग की कि वे हस्तक्षेप कर छोटू सिंह की पार्टी में सम्मानपूर्वक वापसी सुनिश्चित करें। उनका कहना था कि इससे कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर होगी।
कुछ कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि छोटू सिंह की पार्टी में वापसी नहीं हुई, तो वे बांकीपुर उपचुनाव में विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने चुनाव में समर्थन नहीं देने की बात भी कही। हालांकि, यह प्रदर्शनकारियों के व्यक्तिगत बयान हैं और पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।