बिहार में उच्च शिक्षा को प्रखंड स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में बिना डिग्री कॉलेज वाले 211 प्रखंडों में नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों की शुरुआत की गई है। इसके तहत किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड को भी अपना पहला राजकीय डिग्री महाविद्यालय मिल गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड के कासिल से वर्चुअल माध्यम के जरिए राज्य के सभी 211 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का शुभारंभ किया। इस पहल को बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार के सभी 534 प्रखंडों तक उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
दिघलबैंक में राजकीय डिग्री महाविद्यालय की स्थापना को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज शुरू होने से हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं, को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी और उनकी शिक्षा की राह आसान बनेगी।
स्थानीय लोगों ने इस उपलब्धि का श्रेय ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल के लगातार प्रयासों को दिया। उनका कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है।
उद्घाटन कार्यक्रम में ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल, किशनगंज के जिलाधिकारी नवीन कुमार, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) प्रदीप कुमार झा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बताया।