जिले में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बांसडीह तहसील क्षेत्र के चांदपुर, महाराजपुर और भोजपुरवा गांवों का जिलाधिकारी ने दौरा कर बाढ़ और कटान की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के कटान को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर हाल में महाराजपुर गांव को कटान से बचाना है। इसके लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड अधिकारी को निर्देश दिया कि घाघरा नदी की धारा को नियंत्रित करने के लिए जिओट्यूब की समुचित व्यवस्था जल्द सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों के मुताबिक, जिओट्यूब लगाने से नदी की जलधारा का रुख बदला जा सकेगा और कटान को रोकने में मदद मिलेगी।उन्होंने साफ कहा कि कटान रोधी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भोजपुरवा गांव में घाघरा नदी से बढ़ते खतरे को देखते हुए डीएम ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कटान के कारण उजड़े स्कूल की जगह नया विद्यालय बनाया जाएगा।
डीएम ने नदी के किनारे बसे ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो जाएं। प्रशासन के अनुसार, घाघरा नदी का जलस्तर करीब दो मीटर तक और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और राहत कार्यों की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।