ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की एस.बी. कॉलेज इकाई के नेतृत्व में बुधवार को कॉलेज परिसर में विभिन्न छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर एक दिवसीय तालाबंदी आंदोलन किया गया। सुबह करीब 10 बजे से ही सैकड़ों छात्र-छात्राएं कॉलेज के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद कॉलेज के प्राचार्य ने आइसा प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। छात्र नेताओं के अनुसार, वार्ता के दौरान प्रशासन ने उनकी 8 प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उन्हें पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एस.बी. कॉलेज इकाई के सचिव एवं आइसा के जिला सह-सचिव साहिल अरोरा ने कहा कि छात्र संगठन पिछले कई वर्षों से छात्रों की बुनियादी शैक्षणिक समस्याओं और अधिकारों को लेकर कॉलेज प्रशासन को लगातार अवगत कराता रहा है, लेकिन इन मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
आइसा के जिला सचिव जयशंकर प्रसाद ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में सत्र 2023-27 की छात्राओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के छात्रों की फीस वापसी, सत्र 2024-28 के छात्रों से इंटर्नशिप के नाम पर कथित अवैध वसूली पर रोक तथा 'सेहत केंद्र' के वार्षिक बजट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच शामिल हैं।
आइसा के जिला उपाध्यक्ष सियाकांत बैठा ने कहा कि कॉलेज में छात्रों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं तत्काल बहाल की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो छात्र संगठन भविष्य में और बड़ा आंदोलन करेगा।
आंदोलन में एस.बी. कॉलेज अध्यक्ष राजन कुमार सहित विभिन्न छात्र संगठनों और कॉलेज इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी प्रदर्शन में शामिल रहीं और छात्रहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की।