बॉलीवुड सुपरस्टार Salman Khan पान मसाला विज्ञापन से जुड़े एक कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि फिलहाल अभिनेता को बड़ी राहत मिली है। नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) ने उनके खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में चल रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला कथित रूप से भ्रामक या गुमराह करने वाले पान मसाला विज्ञापन से जुड़ी शिकायत पर आधारित है।
यह राहत उस अपील की सुनवाई के दौरान मिली, जिसमें कोटा के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (DCDRC) द्वारा जारी निर्देशों को चुनौती दी गई थी। जिला आयोग ने सलमान खान समेत अन्य पक्षकारों के हस्ताक्षरों के सत्यापन से संबंधित आदेश जारी किए थे। NCDRC की बेंच, जिसमें प्रेसिडेंट जस्टिस ए.पी. साही और सदस्य भरत कुमार पांड्या शामिल थे, ने शिकायतकर्ता इंद्र मोहन सिंह उर्फ हनी को नोटिस जारी करते हुए जिला आयोग की आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी।
10 जून को जारी अपने आदेश में NCDRC ने कहा कि मामले में उठाए गए कानूनी बिंदुओं और राजस्थान हाईकोर्ट के पहले से पारित आदेश को देखते हुए शिकायतकर्ता से जवाब मांगा जाना उचित है। कमीशन ने यह भी माना कि अपील में जिला आयोग के अधिकार क्षेत्र और कार्यवाही की प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं, जिन पर विचार किया जाना आवश्यक है।
अपीलकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि जिला आयोग ने शिकायत की स्वीकार्यता पर फैसला किए बिना ही हस्ताक्षरों की प्रमाणिकता जांचने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। वकील का कहना था कि यह प्रक्रिया निर्धारित कानूनी व्यवस्था के अनुरूप नहीं थी और आयोग ने जल्दबाजी में कार्रवाई की।
सुनवाई के दौरान NCDRC ने राजस्थान हाईकोर्ट के 27 मई के अंतरिम आदेश का भी उल्लेख किया। हाईकोर्ट ने जिला आयोग द्वारा पहले जारी किए गए हस्ताक्षर सत्यापन संबंधी निर्देशों के अमल पर रोक लगा दी थी। कमीशन ने कहा कि उसके आदेश की एक प्रति जिला आयोग के रिकॉर्ड में रखी जाए और अगली सुनवाई तक वहां कोई आगे की कार्यवाही न की जाए।
अपीलकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इसी प्रकार की कार्यवाही अन्य उपभोक्ता मंचों में भी शुरू की गई थी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की आशंका पैदा होती है। इन तर्कों को ध्यान में रखते हुए NCDRC ने फिलहाल जिला आयोग की कार्रवाई पर रोक बनाए रखने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सलमान खान और अन्य लोगों की मौजूदगी वाला पान मसाला विज्ञापन उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की गई है, जहां आयोग आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगा।