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36 साल पुराने देवकली पंप कैनाल लूटकांड में बृजेश सिंह बरी, गाजीपुर CJM कोर्ट का फैसला

प्रकाशित: 15-07-2026 | 12:36 PM
36 साल पुराने देवकली पंप कैनाल लूटकांड में बृजेश सिंह बरी, गाजीपुर CJM कोर्ट का फैसला
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36 साल पुराने बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड मामले में पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को गाजीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया।

1990 में दर्ज हुआ था मामला

यह मामला साल 1990 का है। आरोप था कि 3 दिसंबर 1990 को सैदपुर थाना क्षेत्र में नहर निर्माण कार्य के दौरान फायरिंग, मारपीट और लूट की घटना हुई थी। उस समय ठेकेदार सरफराज अंसारी मौके पर मौजूद थे।आरोप के मुताबिक, नीली मारुति कार से पहुंचे आरोपियों ने हथियारों के बल पर मौके पर दहशत फैलाई, फायरिंग की, मारपीट की और वहां खड़े ट्रक के टायर में गोली मारकर उसे पंक्चर कर दिया। घटना के बाद ठेकेदार और कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकल सके थे।

तीन आरोपी थे नामजद

इस मामले में कुल तीन मुख्य आरोपी बनाए गए थे, जिनमें बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह और विजयनारायण सिंह शामिल थे। हालांकि, त्रिभुवन सिंह और विजयनारायण सिंह से जुड़ी फाइल अभी हाई कोर्ट में लंबित है।वहीं, बृजेश सिंह की फाइल अलग कर गाजीपुर CJM कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।

9 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला

बृजेश सिंह के अधिवक्ता सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में न्यायालय में सुनवाई के दौरान कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने सभी साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बृजेश सिंह को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।

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