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हेल्थ

दिल की सेहत: यदि आप दिल से प्यार करते हैं, तो सुबह उठते ही इन 5 गलतियों से बचें, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि आपकी आदतें किस प्रकार समस्याएं पैदा कर सकती हैं।

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दिल की सेहत: यदि आप सुबह को स्वस्थ रखते हैं, तो आप अपने स्वास्थ्य को सुधार सकते हैं। इस संदर्भ में मौर्निंग रूटीन को कैसे पालन करना है, यह महत्वपूर्ण है। कुछ चीजें हैं जिन्हें सुबह नहीं करना चाहिए क्योंकि ये आपके दिल की सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं। हैदराबाद के एक कार्डियोलॉजिस्ट ने उन 5 आदतों के बारे में बताया है जो आपके दिल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। लोग व्यायाम से लेकर डाइट तक पर ध्यान देते हैं, लेकिन इसी बीच कुछ गलतियाँ कर बैठते हैं जो हार्ट हेल्थ के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।

इन आदतों से दिल की सेहत पर हो सकती है परेशानी

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरसा राजू कवलिपति, सीनियर कंसल्टेंट- कार्डियोलॉजी और डायरेक्टर, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, केयर हॉस्पिटल्स, बंजारा हिल्स ने लोगों को चेतावनी दी है। इन 5 आदतों से संभावित नुकसान से बचना बेहद ज़रूरी है। अगर आप बार-बार ये गलतियाँ करते हैं, तो यह आपके दिल की सेहत के लिए लाल झंडा साबित हो सकता है। यह भविष्य में आपको परेशान कर सकता है।

सुबह का नाश्ता न करना हानिकारक

अगर आप सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं, तो यह आपके लिए चिंता की बात है क्योंकि डॉक्टरों के अनुसार इससे आपका ब्लड शुगर कम हो जाता है। तनाव हार्मोन बढ़ते हैं, और दिल को शरीर को संतुलित रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यदि आप इसे निरंतर करते रहें, तो आपकी भूख बढ़ सकती है। इससे आप दिन में अधिक भोजन करेंगे और दिल की सेहत पर दबाव पड़ेगा। खाली पेट बाहर जाने से बचें।

सुबह उठते ही फोन का उपयोग करना भी खतरनाक

आज के समय में यह आम बात हो गई है कि सुबह उठते ही या रात को सोते समय फोन का होना। लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार, यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है। सुबह-सुबह फोन का उपयोग करने से तनाव हार्मोन में अचानक वृद्धि होती है, जो दिल की धड़कन और रक्तचाप के लिए हानिकारक है।

सुबह की कॉफी हो सकती है हानिकारक

क्या आप सुबह उठते ही बिना कुछ खाए कॉफी पी लेते हैं? यदि हाँ, तो खाली पेट कैफीन लेना आपके लिए सही नहीं है। इससे आपके दिल की धड़कन बढ़ सकती है और तनाव में भी वृद्धि हो सकती है। कॉफी पीना उच्च रक्तचाप या दिल की समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे बचने के लिए, आपको इसके साथ नाश्ता लेने की सलाह दी जाती है।

सुबह उठते ही तुरंत बैठना दिल के लिए है नुकसानदायक

कार्डियोलॉजिस्ट ने कहा है कि सुबह उठते ही अगर आप तुरंत बैठ जाते हैं, तो यह दिल की सेहत के लिए उचित नहीं है। इसलिए कुछ मिनटों तक हल्की गतिविधि, खिंचाव या घर में चलने से मांसपेशियाँ जाग जाती हैं। इससे आपका दिल भी सक्रिय होता है।

सुबह की थकान है दिल की सेहत का दुश्मन

यदि सुबह उठते ही आपको थकान महसूस हो रही है, तो यह आपके स्वास्थ्य का लाल झंडा है। इस स्थिति में आपको बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि रोज़ की थकान सामान्य नहीं है। आप दिनभर ऊर्जा से भरे नहीं रह पाएंगे।

इन 5 सुबह की आदतों को नजरअंदाज करने से बचें क्योंकि इनके कारण आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

Disclaimer: यह लेख और इसकी जानकारी सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी योग्य चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इसमें बताए गए उपायों और दावों को सिफारिश समझा जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी इनकी पुष्टि या खंडन नहीं करता है। ऐसे किसी भी सुझाव, उपचार, दवा, या आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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हेल्थ

90% लोग नहीं जानते डायबिटीज की असली वजह, इन 5 कारणों से बढ़ता है खतरा

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आज के समय में Diabetes यानी मधुमेह एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है। डायबिटीज चाहे किसी भी प्रकार की हो, इसमें शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जो आगे चलकर कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है। अक्सर लोगों को लगता है कि ज्यादा चीनी खाने से ही डायबिटीज होती है, लेकिन ऐसा पूरी तरह सही नहीं है। डायबिटीज होने के पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार होते हैं।

90% लोगों को नहीं पता असली वजह

डॉक्टर के अनुसार करीब 90 प्रतिशत लोग डायबिटीज के असली कारणों से अनजान हैं। कई लोग सोचते हैं कि मीठा या चावल छोड़ देने से डायबिटीज से बचा जा सकता है, लेकिन बीमारी का कारण सिर्फ यही नहीं होता। डायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाले कई लाइफस्टाइल और हेल्थ से जुड़े फैक्टर भी होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

पेट की चर्बी और शारीरिक निष्क्रियता

पेट के आसपास बढ़ने वाली चर्बी भी डायबिटीज का बड़ा कारण बन सकती है। जब पेट की चर्बी बढ़ती है तो शरीर में ऐसे हार्मोन निकलते हैं जो इंसुलिन के काम को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा अगर व्यक्ति शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहता और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत है, तो इससे भी डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

ज्यादा हाई-कार्ब फूड खाना

बार-बार हाई कार्बोहाइड्रेट वाला खाना भी डायबिटीज का एक बड़ा कारण माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति हर 2–3 घंटे में कुछ न कुछ खाता रहता है, तो शरीर में बार-बार इंसुलिन रिलीज होता है। ऐसे में धीरे-धीरे पैंक्रियाज पर दबाव बढ़ता है और समय के साथ इसकी कार्यक्षमता कमजोर पड़ सकती है।

नींद की कमी और ज्यादा तनाव

पर्याप्त नींद न लेना और लगातार तनाव में रहना भी डायबिटीज का जोखिम बढ़ा सकता है। नींद की कमी से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो इंसुलिन के काम में बाधा डाल सकता है।

जेनेटिक कारण

अगर परिवार में किसी को पहले से डायबिटीज रही है, तो अन्य सदस्यों में भी इसका खतरा ज्यादा हो सकता है। यानी जेनेटिक्स भी इस बीमारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

डायबिटीज के शुरुआती लक्षण

डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी होता है। इनमें शामिल हैं-बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना, धुंधला दिखाई देना, चोट लगने पर घाव का देर से भरना, बार-बार अलग-अलग तरह के संक्रमण होना। अगर ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि समय रहते बीमारी को कंट्रोल किया जा सके।

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बाल रंगने से पहले सावधान! हेयर डाई से हो सकता है नुकसान, इस्तेमाल से पहले जान लें ये जरूरी बातें

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आजकल कम उम्र में ही बाल सफेद होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, गलत खानपान और प्रदूषण को इसके प्रमुख कारण माना जाता है। ऐसे में कई लोग सफेद बालों को छिपाने के लिए हेयर डाई का सहारा लेते हैं। पहले जहां हेयर डाई का इस्तेमाल अधिकतर उम्रदराज लोग करते थे, वहीं अब युवा भी नियमित रूप से इसका उपयोग करने लगे हैं। बाजार में केमिकल बेस्ड डाई, हर्बल डाई और इंस्टेंट कलर जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग घर पर ही आसानी से इस्तेमाल कर लेते हैं। हालांकि, बालों को रंगते समय अक्सर लोग सिर्फ रंग पर ध्यान देते हैं और यह भूल जाते हैं कि हेयर डाई का असर त्वचा पर भी पड़ सकता है।

त्वचा पर भी पड़ सकता है हेयर डाई का असर

बालों में डाई लगाते समय यह अक्सर माथे, कानों और गर्दन के आसपास की त्वचा के संपर्क में आ जाती है। इससे स्किन से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, हेयर डाई में मौजूद कई केमिकल्स त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी, खुजली और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

एलर्जी, रैशेज और सूजन का खतरा

डॉक्टर बताते हैं कि जब हेयर डाई त्वचा के संपर्क में आती है, तो यह स्किन को सेंसिटिव बना सकती है। कई मामलों में त्वचा पर लालपन, रैशेज और सूजन भी देखने को मिलती है। अगर लंबे समय तक या बार-बार हेयर डाई का इस्तेमाल किया जाए, तो इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी भी प्रभावित हो सकती है। इसके कारण त्वचा रूखी और बेजान लगने लगती है। कुछ लोगों को डाई लगाने के बाद सिर की त्वचा में जलन या चुभन भी महसूस हो सकती है, खासकर उन लोगों को जिनकी त्वचा पहले से संवेदनशील होती है।

हेयर डाई लगाते समय रखें ये सावधानियां

हेयर डाई का इस्तेमाल करते समय कुछ आसान सावधानियां अपनाकर त्वचा को नुकसान से बचाया जा सकता है। डाई लगाने से पहले हमेशा पैच टेस्ट जरूर करें। माथे, कान और गर्दन के आसपास वैसलीन या क्रीम लगा लें, ताकि डाई सीधे त्वचा पर न लगे। हमेशा अच्छे ब्रांड और कम केमिकल वाले प्रोडक्ट का ही इस्तेमाल करें। डाई लगाने के बाद बालों और स्किन को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। अगर हेयर डाई लगाने के बाद त्वचा में ज्यादा खुजली, लालपन या जलन महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत बालों को साफ पानी से धोना बेहतर होता है। अगर इसके बाद भी समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

बार-बार डाई लगाने से बचें

विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार हेयर डाई लगाने से बचना चाहिए। कोशिश करें कि बालों की देखभाल के लिए प्राकृतिक उपायों को भी अपनाया जाए। इससे बालों के साथ-साथ त्वचा भी स्वस्थ बनी रहती है।

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रोज नहाने से फायदे होते हैं या नुकसान? जानिए किन लोगों को रहना चाहिए सावधान

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रोज नहाना हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या रोज नहाना सेहत के लिए फायदेमंद है या इससे त्वचा को नुकसान हो सकता है? आइए विस्तार से समझते हैं।

रोज नहाने के फायदे

शरीर की सफाई और ताजगी

रोज नहाने से शरीर पर जमा धूल, पसीना और बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं। इससे शरीर में ताजगी बनी रहती है और बदबू की समस्या नहीं होती।

संक्रमण का खतरा कम

नियमित स्नान त्वचा से गंदगी और कीटाणुओं को हटाता है, जिससे फंगल इंफेक्शन और स्किन एलर्जी का खतरा कम होता है।

मानसिक सुकून

गर्म पानी से नहाने पर शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और तनाव कम होता है। वहीं ठंडे पानी से नहाना शरीर को एनर्जी देता है और मूड बेहतर करता है।

बेहतर नींद

रात में गुनगुने पानी से नहाने से शरीर शांत होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।

रोज नहाने के नुकसान

त्वचा का ड्राई होना

बहुत ज्यादा साबुन या गर्म पानी का इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी (नेचुरल ऑयल) कम हो सकती है, जिससे ड्राइनेस और खुजली की समस्या हो सकती है।

स्किन बैरियर को नुकसान

त्वचा की ऊपरी परत हमें बाहरी बैक्टीरिया से बचाती है। रोज लंबे समय तक गर्म पानी से नहाना इस सुरक्षा परत को कमजोर कर सकता है।

बालों को नुकसान

रोज शैंपू करने से बालों का नेचुरल ऑयल खत्म हो सकता है, जिससे बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं।

किसे रोज नहाना चाहिए?

-जो लोग ज्यादा पसीना बहाते हैं या बाहर धूल-मिट्टी में काम करते हैं

-जिम या खेलकूद करने वाले लोग

-गर्म और उमस भरे मौसम में रहने वाले लोग

किसे सावधानी बरतनी चाहिए?

-जिनकी त्वचा बहुत ज्यादा ड्राई या संवेदनशील है

-सर्दियों के मौसम में रहने वाले लोग

-छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हल्के गुनगुने पानी से और कम समय के लिए नहाना चाहिए

सही तरीका क्या है?

-बहुत गर्म पानी की बजाय गुनगुना पानी इस्तेमाल करें

-हल्के और मॉइस्चराइजिंग साबुन का उपयोग करें

-नहाने के बाद मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएं

-बालों में रोज शैंपू न करें

निष्कर्ष

रोज नहाना सामान्य रूप से फायदेमंद है, खासकर अगर आप साफ-सफाई और मौसम का ध्यान रखें। लेकिन जरूरत से ज्यादा गर्म पानी और केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए संतुलन बनाए रखना ही सबसे बेहतर उपाय है।

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