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लोहड़ी 2026: अलाव और तिल-गुड़ के स्वास्थ्य लाभ, ठंडी हवाओं के बीच जानें इस त्योहार के फायदे

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लोहड़ी 2026: नए साल की शुरुआत के संग, सबसे पहले टीज़ में लोग लोहड़ी का जश्न मनाते हैं। यह नए साल की खुशी का प्रतीक होता है और अनेक लोग इसे पूरी खुशी के साथ मनाते हैं। 13 जनवरी को होने वाली लोहड़ी 2026 के लिए हर किसी की अपनी तैयारियाँ होती हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि इस त्योहार का स्वास्थ्य के संदर्भ में भी विशेष महत्व है और यह कई तरह से फायदेमंद है। अलाव और तिल-गुड़ का प्रसाद, दोनों ही आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। आइए जानते हैं कि यह त्योहार सर्दी में आपके स्वास्थ्य की किस प्रकार देखभाल करता है।

लोहड़ी 2026 पर जानें कैसे ये खाद्य पदार्थ आपके लिए लाभकारी हैं

इस पोस्ट को इंस्टाग्राम पर देखें

e-medix Smart Pharmacy द्वारा साझा किया गया एक पोस्ट (@emedixindia)

emedixindia के इंस्टाग्राम चैनल पर साझा की गई वीडियो में बताया गया है कि लोहड़ी विशेष रूप से सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में सहायक है। यह त्योहार ठंड के मौसम में मनाया जाता है और इसमें शामिल हर तत्व सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। इस दौरान तिल, गुड़ और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ आयरन, कैल्शियम और हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करते हैं। ये आपके शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।

लोहड़ी 2026 पर जानिए अलाव का महत्व क्यों है खास

लोहड़ी 2026 के अलावा अगर हम इस त्योहार के बारे में बात करें तो अलाव जलाने की परंपरा होती है, जहां बहुत से लोग इकट्ठा होते हैं। यह अलाव न केवल आपको गर्मी देता है बल्कि रक्त संचार को भी बढ़ाता है। यह तनाव और नकारात्मक ऊर्जा को निकालने में भी सहायक होता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी इसके अनेक लाभ माने जाते हैं क्योंकि इस दौरान आप कई लोगों से मिलते हैं।

इंस्टाग्राम वीडियो में यह भी बताया गया है कि यह सर्दियों में जोड़ों के दर्द, थकान और सूखापन को कम करने में मदद करता है। हालांकि, लोहड़ी 2026 के अगले दिन मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है, और इस भी त्योहार के अपने फायदें हैं।

हमारी तरफ से आप सभी को लोहड़ी 2026 की शुभकामनाएं।

अस्वीकृति: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सा सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी किंवदंती चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही इनका खंडन करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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हेल्थ

इन छोटे बीजों में छुपा है बड़ा राज… खाने का सही तरीका जान लें, ये गलती पड़ सकती है भारी!

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चिया और सब्जा (तुकमारिया/बेसिल) सीड्स आकार में भले ही छोटे होते हैं, लेकिन ये पोषक तत्वों का खजाना हैं। खासकर गर्मियों में इनका सेवन शरीर को ठंडक देता है और कई हेल्थ बेनिफिट्स प्रदान करता है। ये सीड्स डाइजेशन, हार्ट हेल्थ और बॉडी को डिटॉक्स करने में मददगार माने जाते हैं।

चिया और सब्जा सीड्स के पोषक तत्व

चिया सीड्स में पाए जाते हैं:

-प्रोटीन
-फाइबर
-कैल्शियम
-आयरन
-मैग्नीशियम
-जिंक

सब्जा सीड्स में मौजूद हैं:

-फाइबर की भरपूर मात्रा
-ओमेगा-3 फैटी एसिड (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड)
दोनों ही बीज शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ पाचन को बेहतर बनाते हैं।

कैसे करें सेवन? (सही तरीका)

चिया और सब्जा सीड्स को डाइट में शामिल करने का सबसे सही तरीका:

-रात में पानी में भिगो दें (जेल जैसा बन जाता है)
-सुबह पानी में मिलाकर पिएं
-स्वाद के लिए नींबू का रस मिला सकते हैं

इसके अलावा आप इन्हें दही में मिलाकर, स्मूदी या पुडिंग में या नारियल पानी के साथ भी ले सकते हैं।

ये गलती न करें

-कभी भी सूखे (बिना भिगोए) सीड्स न खाएं, इससे गले में फंसने या डाइजेशन की समस्या हो सकती है।
-रोजाना 2 चम्मच (भीगे हुए) से ज्यादा सेवन न करें।
-अगर आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम है या आप दवाइयां ले रहे हैं, तो इन्हें डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। खासतौर पर किडनी की समस्या (स्टेज 3) वाले मरीज या फूड एलर्जी वाले लोग डॉक्टर की सलाह के बिना सेवन न करें।

एलर्जी का खतरा भी संभव

अगर आपको तिल, मूंगफली जैसी चीजों से एलर्जी है, तो चिया या सब्जा से भी एलर्जी हो सकती है। इसलिए नए फूड को डाइट में शामिल करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है। चिया और सब्जा सीड्स गर्मियों में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं, लेकिन सही तरीके और सीमित मात्रा में सेवन करना जरूरी है।

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घर बैठे ऐसे रखें गुर्दों को हेल्दी, इन फूड्स से किडनी रहेगी साफ और मजबूत

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किडनी हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर करके यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे विषैले तत्वों को बाहर निकालती है। इसके साथ ही यह शरीर में पानी, नमक और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखती है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करती है और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करती है। ऐसे में किडनी में हल्की सी गड़बड़ी भी पूरे शरीर पर गंभीर असर डाल सकती है।

किडनी की सफाई क्यों जरूरी है?

आज के समय में किडनी स्टोन, किडनी फेलियर, क्रोनिक किडनी डिजीज जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। किडनी को साफ और स्वस्थ रखना इन बीमारियों से बचाव के लिए बेहद जरूरी है। सही खानपान और लाइफस्टाइल अपनाकर किडनी को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है।

सेब का सिरका: किडनी के लिए फायदेमंद

-सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar) किडनी की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।

-इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं

-ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायक

-साइट्रिक एसिड किडनी स्टोन को घोलने में मदद कर सकता है

राजमा: गुर्दों को रखे मजबूत

-लाल सेम (राजमा) किडनी के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

-शरीर से अपशिष्ट और टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद

-किडनी स्टोन के खतरे को कम करने में सहायक

-पोषक तत्वों से भरपूर, जो गुर्दों को मजबूत बनाते हैं

नींबू पानी: प्राकृतिक डिटॉक्स ड्रिंक

-नींबू पानी सिर्फ ताजगी के लिए नहीं, बल्कि किडनी हेल्थ के लिए भी बेहद उपयोगी है।

-इसमें मौजूद साइट्रेट किडनी स्टोन बनने से रोकता है

-शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है

-खून को साफ करने में सहायक

तरबूज: हाइड्रेशन और किडनी के लिए जरूरी

-तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है।

-पेशाब की मात्रा बढ़ाकर टॉक्सिन बाहर निकालता है

-लाइकोपीन और पोटेशियम से भरपूर

-किडनी स्टोन के खतरे को कम करने में सहायक

स्वस्थ किडनी के लिए अपनाएं सही आदतें

-रोजाना पर्याप्त पानी पिएं

-संतुलित और पौष्टिक आहार लें

-नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें

-नियमित व्यायाम करें

ध्यान रखें, किडनी की सेहत आपके पूरे शरीर की सेहत से जुड़ी है। सही खानपान और लाइफस्टाइल अपनाकर आप गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।

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अगर पैरों में दिखें ये बदलाव, तो समझ लें लिवर दे रहा है खतरे का संकेत

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और जंक फूड की बढ़ती आदतें शरीर के अंदरूनी अंगों पर बुरा असर डालती हैं। कई बार लोग थकान, सूजन या छोटे-मोटे बदलावों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार कई बार यही छोटे संकेत किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकते हैं। खासतौर पर लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण शरीर में दिखने लगते हैं, जिनमें से कुछ संकेत सबसे पहले पैरों में नजर आते हैं।

लिवर शरीर के लिए क्यों जरूरी है?

लिवर हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है। यह कई जरूरी काम करता है, जैसे:

-पाचन प्रक्रिया में मदद करना

-शरीर से जहरीले पदार्थ (टॉक्सिन्स) बाहर निकालना

-खून को साफ करना

-ब्लड शुगर को संतुलित रखना

-शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन बनाना

अगर लिवर कमजोर या खराब होने लगता है, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं और कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

  1. पैरों और टखनों में सूजन

लिवर से जुड़ी समस्याओं में अक्सर एड़ियों और टखनों में सूजन दिखाई देने लगती है। यह समस्या खासतौर पर लिवर सिरोसिस जैसी स्थिति में होती है। इसमें खून में प्रोटीन की कमी होने लगती है, जिससे शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। यह तरल पदार्थ पैरों में इकट्ठा हो जाता है और सूजन पैदा करता है। कई बार यह सूजन दर्द रहित होती है, इसलिए लोग इसे थकान या ज्यादा देर खड़े रहने की वजह समझ लेते हैं। लेकिन अगर यह सूजन लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  1. पैरों की त्वचा का पीला पड़ना

लिवर खराब होने पर शरीर में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है। इससे त्वचा का रंग पीला पड़ने लगता है। आमतौर पर लोग इसे आंखों या चेहरे पर देखते हैं, लेकिन कई बार पैरों की त्वचा भी पीली दिखने लगती है। यह भी लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

  1. तलवों में खुजली

कुछ लोगों को लिवर की समस्या होने पर पैरों के तलवों में खुजली भी महसूस हो सकती है। यह खुजली अक्सर रात के समय ज्यादा होती है और कई बार लंबे समय तक बनी रहती है।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी?

अगर पैरों में सूजन, त्वचा का पीला पड़ना या लगातार खुजली जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते जांच करवाना, संतुलित आहार लेना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना लिवर को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।

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