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‘अवॉर्ड्स से मेरा कोई नाता नहीं’, रोहित शेट्टी ने प्रणाली पर किया कटाक्ष
रोहित शेट्टी: बॉलीवुड के प्रमुख और सफल तथाकथित निर्देशकों में शुमार रोहित शेट्टी ने फिल्म उद्योग में लगभग 34 वर्षों का अद्भुत सफर तय किया है। इस यात्रा में उन्होंने एक्शन, कॉमेडी और ड्रामा का ऐसा मिश्रण प्रस्तुत किया, जिसने उन्हें दर्शकों के बीच एक प्रिय नाम बना दिया। ‘गोलमाल’ श्रृंखला से लेकर ‘सिंघम’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’, ‘सिंबा’ और ‘सूर्यवंशी’ जैसी शानदार फिल्मों तक, रोहित शेट्टी की कृतियों ने बॉक्स ऑफिस पर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की और मनोरंजन की नई मान्यता स्थापित की।
रोहित शेट्टी का सफर
तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में, रोहित शेट्टी ने 17 ऐसी फिल्मों का निर्माण किया है, जिन्हें हिट या सुपरहिट का तमगा प्राप्त हुआ है। फिर भी, उन्हें हमेशा यह एहसास रहा है कि इतने बड़े सफर के बाद भी उनके पास कोई बड़ा फिल्म पुरस्कार नहीं आया।
अवार्ड न मिलने पर टिप्पणी
हाल ही में इंडियन नेशनल सिने एकेडमी अवॉर्ड्स की घोषणा के संदर्भ में एक प्रेस मीट के दौरान, रोहित शेट्टी ने इस मुद्दे पर हल्की-फुल्की टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके और अवॉर्ड्स के बीच कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, उन्होंने 17 फिल्में बनाई हैं, लेकिन उन्हें एक भी अवार्ड नहीं मिला। हालांकि, उन्हें कई बार पुरस्कार समारोहों की मेज़बानी करने के लिए बुलाया गया। इस बयान के माध्यम से उन्होंने पुरस्कार प्रणाली पर सवाल उठाते हुए उद्योग की असली स्थिति भी बयान की।
हिंदी सिनेमा पर खुलकर विचार
रोहित शेट्टी ने हिंदी सिनेमा की सीमाओं पर भी खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी हिट फिल्म की सबसे कठिन सच्चाई यह है कि उसकी ऑडियंस कभी चार करोड़ से अधिक नहीं हो सकती। इसका मुख्य कारण भाषा की सीमाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें बॉलीवुड, टॉलीवुड या कॉलीवुड जैसे नामों पर अधिक गर्व नहीं करना चाहिए। पहचान भाषा के माध्यम से होनी चाहिए—जैसे हिंदी सिनेमा, तेलुगु सिनेमा, या फिर आम तौर पर भारतीय सिनेमा।