Connect with us

पॉलिटिक्स

इमरान मसूद: ‘आतंकियों के समर्थन में गैंग फिर सक्रिय…’ दिल्ली धमाके पर कांग्रेस सांसद के बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल; बीजेपी spokesperson शहजाद पूनावाला ने किया जवाब; जानें पूरी जानकारी।

Published

on

इमरान मसूद: दिल्ली में हुए एक आतंकवादी हमले ने समूचे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में 13 लोगों की मृत्यु हो गई थी और कई लोग घायल हुए हैं। इस घटना के बाद सियासत गरमा गई है। कांग्रेस और बीजेपी इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गई हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में इमरान मसूद ने कहा, “ये लोग गुमराह हैं। इन गुमराह लोगों के शब्द इस्लाम की वास्तविकता को नहीं दर्शा सकते हैं।” इस बयान के बाद बीजेपी ने इमरान मसूद और कांग्रेस पर हमले तेज कर दिए हैं।

इमरान मसूद के बयान पर सियासत का तापमान बढ़ा

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एएनआई से कहा, “जो वीडियो सामने आया है (आरोपी उमर उल नबी का), मैं उससे असहमत हूँ। यह इस्लाम की सच्ची तस्वीर नहीं दिखाता। इस्लाम में आत्महत्या को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं माना गया है। जब आप आत्महत्या करते हैं और निर्दोष लोगों की जान लेते हैं, तब वह इस्लाम का रास्ता नहीं है।

हमारा धर्म हमें अपने देश से प्रेम करना सिखाता है। इसलिए इस तरह की बातें करना और ऐसा कहना देश के खिलाफ है। इसका इस्लाम से कोई संबंध नहीं है और ये गुमराह लोग हैं। इन गुमराह लोगों के शब्द इस्लाम की सही तस्वीर नहीं प्रस्तुत कर सकते।”

बीजेपी प्रवक्ता ने इमरान मसूद के बयान पर कड़ा जवाब दिया

इमरान मसूद के इस बयान के बाद सियासत पूरी तरह से गर्म हो चुकी है। बीजेपी प्रवक्ता ने इमरान मसूद और विपक्षी दलों के नेताओं को आड़े हाथों लिया है। भाजपा नेता शहज़ाद पूनावाला ने कहा कि “एक वीडियो में, दिल्ली विस्फोट का मास्टरमाइंड आत्मघाती बम विस्फोट को सही ठहरा रहा है। दूसरी तरफ, जैसे आतंक के स्पिन डॉक्टर, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद कहते हैं कि ये लोग गुमराह युवा हैं। एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र ‘राष्ट्रीय नीति’ के ऊपर ‘वोट बैंक नीति’ को प्राथमिकता देता है।

इस आतंकवादी हमले से पता चलता है कि कुछ लोग आतंकवादियों का बचाव करना शुरू कर चुके हैं – चाहे वह महबूबा मुफ्ती, हुसैन दलवई, अबू आज़मी, इमरान मसूद, अनुमा आचार्य हों। ऐसा लगता है कि तुष्टिकरण के नाम पर, ‘आतंकवादी बचाओ गिरोह’ फिर से सक्रिय हो गया है। यह कोई नई बात नहीं है; यह उनकी पुरानी रणनीति बन गई है। कांग्रेस का हमेशा आतंकवादियों से संबंध रहा है। भारतीय गठबंधन का हाथ हमेशा आतंकवादियों के साथ रहता है। आज हम इसका प्रमाण देख सकते हैं।”

असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी बात रखी

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इमरान मसूद के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “दिल्ली बम धमाकों के आरोपी उमर नबी का एक बिना तारीख वाला वीडियो सामने आया है जिसमें वह आत्मघाती हमले को ‘शहादत’ बता रहा है और इसे ‘गलत समझा गया’ है। इस्लाम में आत्महत्या हराम है और बेगुनाहों की हत्या एक बड़ा पाप है। ऐसे कृत्य देश के कानून के खिलाफ हैं।

यह कोई भी तरीके से ‘गलत नहीं समझा गया’ है। यह आतंकवाद है और कुछ नहीं। ऑपरेशन सिंदूर और महादेव के दौरान अमित शाह ने संसद में आश्वासन दिया था कि पिछले छह महीनों में कोई भी स्थानीय कश्मीरी आतंकवादी समूहों में शामिल नहीं हुआ है। तो यह समूह कहाँ से आया? इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है…’, मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए Arvind Kejriwal; क्लीन चिट मिलते ही दिया वायरल बयान

Published

on

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया है। फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल भावुक हो गए।

भावुक हुए केजरीवाल

उन्होंने कहा, “हमने पहले ही कहा था कि सच्चाई की जीत होगी। आज सच की जीत हुई है। मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा था कि न्याय जरूर मिलेगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया और झूठे आरोपों के जरिए बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी, CBI के सबूतों पर सवाल

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। चार्जशीट में भी कई खामियां पाई गईं और किसी गवाह या दस्तावेज से आरोप पुष्ट नहीं हुए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस प्रमाण के केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन इस मामले में अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में विफल रहा।

‘कोई आपराधिक साजिश साबित नहीं’

अदालत ने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक साजिश का कोई ठोस आधार नहीं मिला। न तो केजरीवाल और न ही सिसोदिया के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत पेश किए जा सके। इन्हीं कारणों से कोर्ट ने दोनों नेताओं को बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय और सच्चाई की जीत बताया।

Continue Reading

देश

शराब घोटाले में AAP को राहत, केजरीवाल-सिसोदिया पर आरोप साबित करने में नाकाम रही CBI

Published

on

दिल्ली के कथित आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों नेताओं को आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियां उनके खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त और ठोस सबूत पेश करने में विफल रहीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों में आपराधिक षड्यंत्र का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। फैसले के साथ ही मामले में नामजद अन्य कई आरोपियों को भी राहत मिली। केजरीवाल और सिसोदिया व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए, जबकि कुछ अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।

कोर्ट ने जांच पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों की विस्तार से समीक्षा की। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियां नेताओं को सीधे तौर पर कथित घोटाले से जोड़ने वाले साक्ष्य पेश नहीं कर सकीं। केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच अनिवार्य है और इस मामले में प्रॉसिक्यूशन अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।

2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा था मामला

यह पूरा मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की नई आबकारी नीति से संबंधित था। विपक्षी दलों और जांच एजेंसियों का आरोप था कि इस नीति में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और कार्टेलाइजेशन हुआ, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा। जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई थी। आरोप था कि नीति कुछ चुनिंदा शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई और इसके बदले कथित तौर पर रिश्वत ली गई। यह मामला आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बना था और कई नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, अब अदालत के फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे ‘सत्य की जीत’ बताया है।

Continue Reading

देश

PM Modi बने डिजिटल दुनिया के ‘बादशाह’, इंस्टाग्राम पर 100M का आंकड़ा पार कर रचा इतिहास

Published

on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। साल 2014 में इंस्टाग्राम से जुड़ने वाले प्रधानमंत्री मोदी के फॉलोअर्स की संख्या कई वैश्विक नेताओं से कहीं आगे निकल चुकी है।

वैश्विक नेताओं से आगे पीएम मोदी

इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में पीएम मोदी, Donald Trump से भी काफी आगे हैं। ट्रंप के 43.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जो मोदी के मुकाबले आधे से भी कम हैं।

सूची में अन्य नेताओं की स्थिति इस प्रकार है:

Prabowo Subianto – 15 मिलियन

Luiz Inácio Lula da Silva – 14.4 मिलियन

Recep Tayyip Erdoğan – 11.6 मिलियन

Javier Milei – 6.4 मिलियन

भारत में भी सबसे आगे

देश के भीतर भी इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का दबदबा कायम है। दूसरे स्थान पर Yogi Adityanath हैं, जिनके 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं।तीसरे नंबर पर Rahul Gandhi हैं, जिनके 12.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान उनके फॉलोअर्स की संख्या में और तेजी से वृद्धि हुई।

इजरायल की संसद में मिला सर्वोच्च सम्मान

अपने इजरायल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को वहां की संसद ने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। यह सम्मान भारत और इजरायल के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए दिया गया। भाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से बातचीत की। इस दौरान इजरायली सांसदों ने उनके साथ सेल्फी और तस्वीरें भी लीं। उनके संबोधन के दौरान संसद में उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला।

Continue Reading
Advertisement

Trending