Health
कबूतरों की बस्ती ने घर में फैलाया गंदगी का साम्राज्य, बिना खर्च किए इन मसालों से पाएं आरामदायक समाधान!
कबूतर घर से दूर: घरों की खिड़कियों और बालकनी में अक्सर कबूतर अपना बसेरा बना लेते हैं। लेकिन इससे गंदगी और बदबू फैलती है। इतना ही नहीं, इससे सांस, फंगल और कई प्रकार की स्किन और एलर्जी से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं। हालांकि, कबूतर एक बहुत अच्छा पक्षी है, लेकिन इनके झुंड का सर्वत्र होना अक्सर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। यदि आप भी कबूतरों को बिना हानि पहुंचाए छुटकारा पाना चाहते हैं, तो कुछ देसी और सस्ते उपाय जान लीजिए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका खाने में इस्तेमाल होने वाले गरम मसाले की होती है। यदि इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह फायदेमंद साबित हो सकता है।
गरम मसालों से कबूतरों को कैसे भगाएं?
कबूतरों को भगाने के लिए लोग अक्सर बालकनी में प्लास्टिक की जाली लगवाते हैं। लेकिन इसकी कीमत थोड़ी अधिक होती है, जिससे कई लोग इसे लगवाने से हिचकिचाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं? आपकी रसोई में मौजूद कुछ गरम मसाले कबूतरों को भगाने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। इसमें आपको सिर्फ लहसुन, काली मिर्च, दालचीनी और लाल मिर्च पाउडर की आवश्यकता है। इन सभी का मिश्रण करके घर की बालकनी में छिड़क दें। इस गरम मसाले की गंध कबूतरों को पसंद नहीं आती, जिससे वे दूर रहते हैं। इस तरीके से आप कबूतरों को बिना नुकसान पहुंचाए राहत पा सकते हैं।
गरम मसालों से कबूतर भागेंगे
कबूतरों को खट्टे फलों से बहुत एलर्जी होती है। यदि आप इनमें मिर्च मिलाकर बालकनी में रख देते हैं, तो कबूतर पुनः वापस नहीं आएंगे।
काली प्लास्टिक का असरदार उपाय
कबूतरों को भगाने का एक अच्छा उपाय काली प्लास्टिक मानी जाती है। यदि काली प्लास्टिक में पेपर भरकर किसी डंडे के सहारे इसे बालकनी में लटका दिया जाए, तो कबूतर वहाँ नहीं आएंगे। ये चमकदार काली प्लास्टिक से डरते हैं।
सिरका और सोडे का प्रयोग
सिरका भी एक ऐसा प्रभावी उपाय है, जिसके सामने कबूतर टिक नहीं पाते। यदि आप अपनी छत और बालकनी के आस-पास सिरके और बेकिंग सोडे के मिश्रण से छिड़काव करते हैं, तो इससे कबूतरों को आने से रोका जा सकता है।
कबूतरों से कौन-कौन सी बीमारियाँ फैलती हैं?
कई लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि कबूतरों की बीट में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया होते हैं। जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें क्रिप्टोकॉकोसिस, हिस्टोप्लाज़मोसिस और सिटाकोसिस जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। कबूतर की सूखी बीट सीधे नाक के जरिए आपके शरीर में जा सकती है और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।