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कर्नाटका समाचार: बीजेपी महिला कार्यकर्ता के साथ हिरासत में alleged misconduct को लेकर टकराव! सिद्धारमैया सरकार एक बार फिर फंसी; जानें पुलिस का बयान

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कर्नाटका समाचार: कर्नाटका का हुबली शहर आज चर्चा में है। आज इस शहर की बात कर्नाटका से बाहर भी की जा रही है। इसकी मुख्य वजह पुलिस हिरासत में एक भाजपा महिला कार्यकर्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार है। इस संदर्भ में सिद्धारमैया सरकार फिर से सवालों के घेरे में आ चुकी है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस मामले पर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा ने प्रियंका गांधी के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे का उल्लेख करते हुए कर्नाटका सरकार पर हमला बोला है। वहीं, हुबली पुलिस कमिश्नर शशि कुमार की प्रतिक्रिया भी सुर्खियों में बनी हुई है।

भाजपा महिला कार्यकर्ता के साथ हिरासत में कथित दुर्व्यवहार पर बड़ा विवाद!

कर्नाटका में विपक्षी पार्टी भाजपा राज्य में एक महिला कार्यकर्ता के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर सिद्धारमैया सरकार पर हमलावर बन गई है।

पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस पार्टी के खोखले नारे ‘मैं लड़की हूं, मैं लड़ सकती हूं’ की यही सच्चाई है। जरा सोचिए, अगर पुलिस किसी महिला के साथ ऐसा बर्ताव करे, तो कर्नाटका में कांग्रेस शासन के तहत महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति कैसी होगी?”

शहजाद पूनावाला ने एक्स पर भी एक पोस्ट के जरिए महिला कार्यकर्ता के साथ हुए कथित अपमान को लेकर टिप्पणी की। उनका कहना है, “अगर किसी महिला की मर्यादा भंग की जाती है, उसके कपड़े उतार दिए जाते हैं, और पुलिस इस तरह उसका अपमान करती है, तो कर्नाटका में कांग्रेस शासन में महिलाओं की सुरक्षा का क्या हाल होगा? क्या यही है ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’? क्या यह ठीक है कि भाजपा की महिला कार्यकर्ता को इस तरह नंगा किया जाए? कांग्रेस पार्टी के लिए यह बेहद शर्मनाक है।”

हुबली पुलिस कमिश्नर का बयान amid सियासी बहस

हुबली पुलिस कमिश्नर शशि कुमार ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा कि महिला ने अपने कपड़े खुद उतारे थे और पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि “सर्वेक्षण के लिए सक्षम अधिकारी चालुक्य नगर गए थे, और इस प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के बीच टकराव हो गया। बहस के बाद गाली-गलौज और हाथापाई हुई। इसी आधार पर 5 जनवरी को महिला को हिरासत में लिया गया था। उसे एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा दर्ज कराए गए हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान महिला ने तीन-चार अधिकारियों पर हमला किया और उन्हें अपने कार्य में बाधा डाली।”

पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि “पुलिस वाहन में ले जाते समय महिला ने अपने कपड़े फाड़ दिए। हमारे पुलिसकर्मी स्थानीय लोगों की मदद से उसके कपड़े मंगवाए और उसे पहनाया।” पुलिस के अनुसार, महिला के साथ हिरासत में दुर्व्यवहार के आरोप निराधार हैं। अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या चलता है।

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