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क्या आपको भी बार-बार जौंडिस हो रहा है? डॉक्टर सरीन से जानें कि शादी न करने का निर्णय सही है या गलत।

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पीलिया: क्या आप या आपका कोई करीबी व्यक्ति बार-बार पीलिया से जूझ रहा है, जिससे आप मानसिक तनाव में हैं? इस विषय पर जिगर विशेषज्ञ ने कुछ ऐसा कहा है जो उन लोगों के लिए राहत की बात है जो लगातार पीलिया से परेशान हैं। कभी-कभी पीलिया के कारण लोग शादी न करने का निर्णय भी ले लेते हैं, लेकिन जब आप डॉक्टर शिव कुमार सरीन की बात सुनेंगे तो चौंक जाएंगे। उन्होंने बताया कि आपको कब सतर्क रहने की आवश्यकता है और इस दौरान क्या उपाय किए जा सकते हैं।

पीलिया बार-बार क्यों होता है

Credit- @shubhankarmishraofficial

जब शुभंकर मिश्रा के साथ एक इंटरव्यू में डॉक्टर शिव कुमार सरीन से पूछा गया कि बार-बार पीलिया हो रहा है तो इसका क्या मतलब है। इस पर डॉक्टर सरीन ने कहा कि अगर कोई बार-बार पीलिया से प्रभावित है और वह फिर भी स्वस्थ है तो इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। लगभग 10 से 15% लोग ऐसे होते हैं जिनका बिलीरुबिन थोड़ा उच्च होता है, जो जन्मजात होता है। कुछ मामलों में, अधिक बिलीरुबिन के कारण जो स्थिति बनती है, उसे हम जिल्बर्ट सिंड्रोम कहते हैं। ऐसे व्यक्तियों में कहीं न कहीं बिलीरुबिन उच्च होता है, जिससे पीलिया की समस्या उत्पन्न होती है।

पीलिया के जोखिम का मूल्यांकन कैसे करें

डॉक्टर सरीन ने पीलिया के बारे में आगे कहा है कि ऐसे व्यक्तियों से एक ही सवाल होता है। यदि आपका यूरिन सुबह में पीला है लेकिन दिनभर साफ होता है, तो यह चिंता का विषय नहीं है। यदि आपने पानी पिया है और यूरिन का रंग साफ हो गया है, तो पीलिया की चिंता नहीं करनी चाहिए। इससे घबराएं नहीं और भ्रमित न हों। कई लोग पीलिया के कारण शादी नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर पीलिया है तो लीवर ठीक नहीं है। कई लोग अपने बच्चों के खाने में तेल को सीमित कर देते हैं। हालांकि, डॉक्टर ने ऐसे लोगों को राहत प्रदान की है।

इस प्रकार, डॉक्टर शिवकुमार सरीन ने पीलिया के बारे में जो अफवाहें और मिथक हैं, उन पर प्रकाश डाला है, जो कई लोगों के लिए मददगार साबित हो सकता है।

अस्वीकृती: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सा सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही इनकार करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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