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गुस्ताख इश्क की समीक्षा: मनीष मल्होत्रा का यह काम प्रेम पत्र, शायरी और पुरानी प्रेम कहानियों से भरा हुआ है
फिल्म – गुस्ताख इश्क
निर्माता – मनीष मल्होत्रा
निदेशक – विभु पुरी
कलाकार – विजय वर्मा, फातिमा सना शेख, नसीरुद्दीन शाह और शारिब हाशमी
रिलीज डेट – 28 नवंबर 2025
रेटिंग – 3.5/5
गुस्ताख इश्क की समीक्षा: प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा द्वारा निर्मित यह फिल्म इस समय काफी सुर्खियों में है। नसीरुद्दीन शाह, विजय वर्मा और फातिमा सना शेख जैसे कलाकारों संग आई यह फिल्म आपको उस युग में ले जाती है, जब प्रेम चिट्ठियों और शायरी के माध्यम से व्यक्त होता था। इसकी कहानी दो पीढ़ियों के प्यार को दर्शाती है—एक पुरानी, अधूरी और दर्द भरी, और दूसरी नई एवं संकोच में डूबी हुई। फिल्म का निर्देशन विभु पुरी ने किया है। इसकी कहानी आज के रोमांस के बिल्कुल विपरीत है।
फिल्म की कहानी कैसी है?
यह कहानी 90 के दशक की पुरानी दिल्ली और पंजाब में फैली है। जहां नवाबुद्दीन सैफुद्दीन रहमान, जिसे विजय वर्मा ने निभाया है, अपने पिता की बंद हो रही उर्दू प्रिंटिंग प्रेस को बचाने की कोशिश कर रहा है। उसे विश्वास है कि अगर मशहूर शायर अजीज, यानी नसीरुद्दीन शाह, की शायरी पुनः प्रकाशित होगी, तो प्रेस फिर से सक्रिय हो जाएगी। लेकिन अजीज का मानना है कि “शायरी सिर्फ शोहरत के लिए नहीं, आत्मा के लिए लिखी जाती है,” इसलिए वह अपनी कविताएं छपवाने से इनकार कर देते हैं। हालांकि, शायरी सीखने के लिए नवाबुद्दीन की मुलाकात मिन्नी, यानी फातिमा सना शेख से होती है।
विजय-फातिमा की अदाकारी
विजय वर्मा ने इस बार अपने आपको बिल्कुल नए रूप में प्रस्तुत किया है। उनकी आंखों की मासूमियत और उनके छोटे-छोटे एक्सप्रेशन कहानी को जीवंत बनाते हैं। वहीं, फातिमा सना शेख ने अपने किरदार को बेहद सादगी से निभाया है। उनका शांत स्वभाव और विजय के साथ की नैचुरल केमिस्ट्री फिल्म को एक अलग स्तर पर लाती है। यदि आपको पुराने दौर का प्यार पसंद है, तो इसे अवश्य देखें।