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ज़मीर अहमद: सिद्धारमैया सरकार के मंत्री के व्यक्तिगत सचिव के पास मिला विशाल दौलत! लोकायुक्त की छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे; बीजेपी ने की तीखी प्रतिक्रिया
जमीर अहमद: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रहे संग्राम के बीच राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। लोकायुक्त की टीम ने कर्नाटक सरकार के मंत्री जमीर अहमद के निजी सचिव सरफराज खान को लक्ष्य बनाया है। लोकायुक्त ने सरफराज खान के कई ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संपत्ति बरामद की है।
इस मामले ने मंत्री जमीर अहमद की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और नाना प्रकार के सवाल उठ रहे हैं। पूछा जा रहा है कि एक मंत्री के निजी सचिव के पास इतनी विशाल संपत्ति कैसे हो सकती है? इस संदर्भ में कर्नाटक में विपक्षी पार्टी बीजेपी भी जमीर अहमद पर हमलावर है। लोकायुक्त की छापेमारी ने बेंगलुरु से बेलगावी और कलबुर्गी तक राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है।
मंत्री जमीर अहमद के निजी सचिव पर लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद चौंकाने वाले खुलासे!
कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस घटना का जिक्र सामने आया है। कर्नाटक लोकायुक्त ने मंत्री जमीर अहमद के निजी सचिव सरफराज खान के साथ जुड़े बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। खबरों के अनुसार, छापेमारी में 66,500 रुपये नकद, 2.99 लाख रुपये के सोने के गहने, 1.64 करोड़ रुपये का वाहन, 1.29 करोड़ रुपये का बैंक डिपॉजिट, 8.44 करोड़ रुपये का घर और 37 एकड़ कृषि भूमि के दस्तावेज मिले हैं।
लोकायुक्त टीम ने सरफराज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। सरफराज सहकारी समितियों के निदेशालय में एक वरिष्ठ अधिकारी हैं और आवास एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सचिव के तौर पर कार्यरत हैं। वो मंत्री जमीर अहमद के निजी सचिव के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद बीजेपी का विरोध बढ़ा!
राज्य में विपक्ष की भूमिका निभा रही भारतीय जनता पार्टी लोकायुक्त के कदमों को लेकर काफी मुखर हो गई है। बीजेपी IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस मामले में कांग्रेस और सिद्धारमैया सरकार को निशाना बनाया है।
अमित मालवीय ने ट्वीट में लिखा है कि “कांग्रेस के धर्मनिरपेक्षता के नाम पर क्या कीमत चुकानी पड़ रही है? कर्नाटक लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला उजागर किया है। कांग्रेस मंत्री बीजे जमीर अहमद खान के निजी सचिव सरफराज खान के पास से 14.38 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है। इसमें 4 आलीशान मकान, 37 एकड़ जमीन, 3 करोड़ रुपये के आभूषण, महंगी गाड़ियां और कई निवेश शामिल हैं।”
बीजेपी नेता ने सवाल उठाया है, “अगर एक निजी सचिव इतनी संपत्ति रख सकता है, तो सोचिए उसके राजनीतिक बॉस के पास कितनी होगी। कांग्रेस की सरकार, जो धर्मनिरपेक्षता की बात करती है, असल में यही कीमत चुकाती है।” इस घटना ने कर्नाटक के राजनीतिक माहौल को एक बार फिर गर्म कर दिया है।