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जाना नायक पर अभी भी मंडरा रहे संकट के बादल, जानें क्यों थलापति विजय की फिल्म के लिए सर्वोच्च न्यायालय बना नई बाधा
जन नायकन: थलापति विजय की फिल्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका मिला है और एक बार फिर फिल्म की रिलीज की तारीख 20 जनवरी तक टल गई है। प्रोड्यूसर ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे पुनः हाई कोर्ट में भेज दिया है। कोर्ट का कहना है कि इसमें गति बहुत तेज है। आइए जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के बयान के बाद अड़ंगा फिर से क्यों फंस गया है। इस पर लेटेस्ट अपडेट भी जानते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जन नायकन पर लटकाई मुसीबत की तलवार
एएनआई के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने तमिल फिल्म ‘जन नायकन’ के निर्माताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसमें एक्टर विजय ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसने फिल्म के सर्टिफिकेशन में रुकावट डाल दी थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और ए.जी. मसीह की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट से 20 जनवरी तक इस पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
थलापति विजय की तरफ से दी गई जानकारी
अब ऐसा लगता है कि जन नायकन की रिलीज 20 जनवरी के बाद ही होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, जन नायकन थलापति विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है और इसे लेकर फैंस में काफी उत्साह है। सीबीएफसी से सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण इसे फिलहाल रोका गया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में जन नायकन के प्रोड्यूसर्स के वकील ने कहा कि उन्हें 9 जनवरी की तारीख तक की सूचना दी गई थी। मुझे बताया गया कि 10 कट के साथ मुझे सर्टिफिकेट मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट का जन नायकन पर सख्त रुख
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि खारिज किए गए आदेश पर कोई मान्यता नहीं दी जा सकती और यह मामला 20 जनवरी को डिवीजन बेंच के समक्ष तय किया जाएगा। आप उस आदेश को चुनौती नहीं दे सकते जो पहले ही निराधारित हो चुका है। आप इसे पुनः डिवीजन बेंच के पास ले जाएं, हम सुनवाई के लिए इच्छुक नहीं हैं।
अब यह देखने की बात होगी कि 9 जनवरी को रिलीज होने वाली जन नायकन आखिर कब फैंस को देखने को मिल सकेगी।