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जिगर की विफलता: क्या पीलिया वाकई लिवर के फेल होने का कारण है? लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी लें।
यकृत विफलता: जब भी किसी को पीलिया होता है, तो उसे यह डर सताने लगता है कि उसका यकृत खराब हो जाएगा या उसके फेल होने का खतरा है। यही कारण है कि पीलिया को यकृत के लिए हानिकर माना जाता है। यदि आप भी ऐसा महसूस करते हैं, तो इस लेख को अवश्य पढ़ें। आज हम आपको यकृत विफलता के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देंगे। यकृत को हिन्दी में ‘लिवर’ कहा जाता है।
क्या पीलिया यकृत को प्रभावित करता है?
यकृत शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है। इसका कार्य शरीर के अन्य अंगों तक साफ खून पहुंचाना है। यदि यकृत खराब हो जाता है, तो रक्त ठीक से साफ नहीं हो पाता, जिसके परिणामस्वरूप मरीज को दिल से लेकर दिमाग तक की समस्या हो सकती है। जो लोग मानते हैं कि पीलिया यकृत को प्रभावी बनाता है, उन्हें जानना चाहिए कि अत्यधिक बिगड़ने पर ही पीलिया यकृत को प्रभावित करता है। अन्य मामलों में, यकृत की विफलता हेपेटाइटिस, सिरोसिस और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से होती है।
यकृत विफलता में ये लक्षण होते हैं
शरीर का पीला होना
यकृत विफलता का सबसे प्रमुख लक्षण शरीर का पीला पड़ जाना है। पीलिया आंखों से लेकर नाखूनों तक स्पष्ट होता है। इस दौरान शरीर में सूजन भी आ जाती है, जिसके कारण पेट का आकार बढ़ जाता है।
अचानक से शरीर में सूजन आना
जब यकृत विफल होता है, तो पेट में सूजन के साथ पानी भरने की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इस दौरान उल्टियों और अत्यधिक कमजोरी का अनुभव होता है।
मल-मूत्र के रंग में परिवर्तन
यकृत विफलता के एक कारण के रूप में पेशाब का पीला होना और मल में खून आना भी शामिल है। यदि पीड़ित में लंबे समय तक ये लक्षण बने रहें, तो चिकित्सक से संपर्क करें।
पाचन में कठिनाई
यदि लंबे समय तक रोगी का शरीर भोजन पचाने में असमर्थ है, तो इसका प्रमुख कारण यकृत की विफलता हो सकती है। इसलिए बार-बार पेट की समस्या को हल्के में न लें।
तेजी से वजन कम होना
यकृत संबंधित समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति का वजन तेजी से घटने लगता है। शरीर की हड्डियाँ भी कमजोर हो जाती हैं। अचानक वजन कम होने को संकट का संकेत माना जाता है।
यकृत विफलता से कैसे बचें?
1-यकृत की बीमारियों से बचने के लिए हेपेटाइटिस ए और बी का टीका ज़रूर लगवाएं। यकृत के खराब होने में हेपेटाइटिस एक बड़ा कारण है।
2-शराब और किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन से बचें। यदि आप अपने यकृत को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं।
3-यकृत से जुड़ी समस्याओं के समय में नुकसानदायक भोजन से दूर रहें। अपने आहार में पौष्टिक चीज़ें शामिल करें और नियमित रूप से व्यायाम करें।
4-यकृत की समस्याओं के समय तला-भुनी चीज़ों से परहेज़ करें। बढ़ा हुआ मोटापा अन्य समस्याओं को बढ़ा सकता है।
5-पित्त की नली में पथरी या ट्यूमर होने की स्थिति में इसे हल्के में न लें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा, पीलिया के लक्षण दिखते ही दवा लें और डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।