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डॉक्टर गणेश बारइया: अनपढ़ किसान के परिवार में आया एक अद्भुत बच्चा, 3 फीट के गणेश को डॉक्टर बनने के लिए करनी पड़ी पापड़ बेलने की मेहनत, जानें अचानक क्यों बना चर्चा का विषय
डॉक्टर गणेश बरैया: मीडिया और सोशल मीडिया पर अचानक 3 फीट के डॉक्टर गणेश बरैया की चर्चा बढ़ गई है। गणेश भारत के एकमात्र ऐसे डॉक्टर हैं जिन्होंने गरीबी और शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए एमबीबीएस किया और नौकरी हासिल की। एक गरीब और अनपढ़ किसान के घर जन्म लेना और 9 भाई-बहनों के बीच एक प्रेरणा बनकर उभरना अपने आप में अत्यंत कठिन था। गणेश बरैया के जीवन में एक ऐसा वक्त भी आया जब उनके बौनेपन के कारण सर्कस वालों ने उन्हें खरीदने के लिए उनके घर तक पहुंच गए।
डॉक्टर गणेश बरैया की संघर्षपूर्ण कहानी
गणेश बरैया ने हाल ही में 26 नवंबर को गुजरात के भावनगर में सिटी जनरल हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की हैं। उनका 3 फीट का कद लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
देखें वीडियो
गणेश की सफलता और संघर्ष की वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें वे यह बताते हैं कि, साल 2018 में दिव्यांग कोटे से नीट परीक्षा पास करने के बावजूद जब मेडिकल काउंसलिंग ऑफ इंडिया ने उन्हें एमबीबीएस में एडमिशन नहीं दिया, तो उनके जानने वाले डॉक्टर दलपत कटारिया ने सुप्रीम कोर्ट में जाकर उनकी लड़ाई लड़ी और 2019 में भावनगर के मेडिकल कॉलेज में उन्हें एडमिशन दिलवाया। गणेश का शरीर केवल 3 फीट लंबा नहीं है, बल्कि उन्हें कई प्रकार की शारीरिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा है। उन्हें लिखने और अंग्रेजी समझने में बहुत दिक्कत होती थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और सभी बाधाओं को पार करते हुए आज इस मुकाम पर पहुंच गए हैं। गणेश की जिंदगी में डॉ. कटारिया और प्राचार्य रैवरसिंह सरवैया का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
गणेश बरैया की आने वाली योजनाएँ
एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद गणेश बरैया अब क्लीनिकल मेडिसिन में आगे बढ़ना चाहते हैं, और इसके लिए वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं। फिलहाल उनकी भावनगर में हुई पोस्टिंग के कारण वे चर्चा में हैं। उनकी जिद्दी, संघर्ष और मेहनत की कहानी हर जगह सुनने, देखने और पढ़ने को मिल रही है।