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दिल की सेहत: ये 5 कसरतें दिल की समस्याओं में मददगार, भारत के मशहूर नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजिस्ट ने साझा की जानकारी
दिल की सेहत: यदि आप भी दिल से संबंधित बीमारियों से बचना चाहते हैं या इनसे प्रभावित हैं, तो देश के प्रसिद्ध नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. बिमल छाजेड़ द्वारा बताई गई इन 5 व्यायामों को अवश्य जानें। यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने में मदद करेंगी। हार्ट डिजीज से पीड़ित व्यक्तियों को इन्हें अवश्य आजमाना चाहिए। ये आसन दवाओं की तरह असरदार हैं।
डॉ. बिमल छाजेड़ से जानें दिल के लिए बेहतरीन योग
डॉक्टर बिमल छाजेड़ द्वारा दिल की गंभीर बीमारियों से बचने के 5 योगासनों को SAAOL हार्ट सेंटर के यूट्यूब चैनल पर साझा किया गया है।
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1-वृक्षासन योग घर पर करें
वृक्षासन योग हमारे संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। यह नर्वस सिस्टम में सुधार करता है और तनाव को कम कर देता है, जिससे चिंता का नियंत्रण होता है। इसलिए इसे रोजाना अवश्य करना चाहिए।
2-ताड़ासन रक्त संचार और हार्ट को देगा जीवनदान
डॉक्टर ने दूसरा आसन ताड़ासन का सुझाव दिया है। इसे माउंटेन पोस्चर भी कहते हैं। आप इसे
Google में सर्च कर सकते हैं। यह शरीर के पोस्चर में सुधार करता है। स्पाइनल कॉर्ड को ठीक रखता है और रक्त संचार को बढ़ाता है। यह हमारे नर्वस सिस्टम के लिए लाभदायक है।
इसलिए इसे दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है। इससे कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल घटता है।
3-भुजंगासन रक्तदाब को नियंत्रित करेगा
तीसरा आसन भुजंगासन है। इसे कोबरा पॉस्चर भी कहा जाता है। यह बहुत कठिन नहीं है। यदि आप इसे पूरा नहीं कर पाते हैं, तो इसे सर्पासन में बदल सकते हैं। यह हमारे फेफड़ों और जिगर को बहुत हलचल देता है। यह हमारे कार्डियक एफिशिएंसी और श्वसन कार्य दोनों में सुधार करता है। योग संस्थानों में देखा गया है कि इससे रक्तदाब नियंत्रित होता है। ऑक्सीजन स्तर बढ़ता है और यह दिल की समस्याओं को उलट देता है।
4-वीरभद्रासन योगासन दिल को स्वस्थ रखेगा
चौथा वीरभद्रासन योगासन है। यह हमारे दिल की मांसपेशियों को मजबूत करता है। कुछ कार्डियक रिहैबिलिटेशन परीक्षण किए गए हैं जिनमें इस आसन के बेहतरीन परिणाम देखने को मिले हैं।
5-अर्ध मत्स्यासन दिल को फायदा पहुँचाएगा
दिल के लिए पांचवां योगासन अर्ध मत्स्यासन है। इसे फिश पोज भी कहते हैं। यह एक
ट्विस्टिंग पोज है जिसमें जिगर और अग्न्याशय को सक्रिय किया जाता है। इससे कोलेस्ट्रॉल और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह हमारे दिल को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्रदान करता है। यह मेटाबॉलिक सिंड्रोम को नियंत्रित करने में भी सहायक है। यह शुगर को ठीक से नियंत्रित करने में मदद करता है।