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पॉलिटिक्स

निकाय चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत! महायुति की पूर्ण विजय से विपक्ष में खलबली; क्या बीएमसी चुनाव पर इसका प्रभाव होगा?

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महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम 2025: महाराष्ट्र के निकाय चुनाव परिणाम ने प्रदेश में बदलते राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा किया है। विधानसभा चुनाव के बाद 246 नगरपालिका और 42 पंचायतों यानी कुल 288 सीटों पर हुए चुनाव में सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने लगभग पूर्ण सफलता हासिल करते हुए कुल 215 सीटों पर जीत दर्ज की है।

महायुति को यह अहम सफलता 15 जनवरी, 2026 को आयोजित होने वाले बीएमसी चुनाव से ठीक पहले मिली है। प्रदेश के इस बदले समीकरण को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों में बढ़ती हलचल के बीच यह पूछा जा रहा है कि क्या निकाय चुनाव के परिणाम बीएमसी चुनाव पर प्रभाव डाल सकते हैं? तो आइए, इस सवाल का उत्तर ढूंढने के साथ महाराष्ट्र के नए राजनीतिक समीकरण पर चर्चा करते हैं।

निकाय चुनाव में महायुति की शानदार जीत से विपक्ष में हलचल!

उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट, कांग्रेस या शरद पवार की एनसीपी हो। विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी के रूप में सामने आए इस विपक्षी गठबंधन को निकाय चुनाव में बड़ा झटका लगा है। 288 सीटों पर हुए चुनाव में महायुति ने लगभग 70 प्रतिशत यानी 215 सीटें जीत ली हैं। वहीं, विपक्ष की ओर से कांग्रेस को 35, शिवसेना यूबीटी को 9 और एनसीपी (शप) को सिर्फ 7 सीटें मिली हैं।

बीजेपी ने 129, शिवसेना ने 51 और एनसीपी (अप) ने 35 सीटें जीतकर निकाय चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। महायुति की इस स्पष्ट जीत के बाद विपक्ष में हलचल तेज हो गई है। पहले महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव जीतने और फिर विधानसभा तथा निकाय चुनावों में गंभीर हार झेलने वाली महा विकास अघाड़ी के लिए अब समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं, जिस पर मंथन चल रहा है।

क्या बीएमसी चुनाव पर भी निकाय चुनाव के परिणामों का असर होगा?

निकाय चुनाव के परिणामों ने महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण के बदलने के संकेत दिए हैं। शिंदे गुट की शिवसेना का 54.9 प्रतिशत की सफलता दर के साथ 51 सीटें जीतना दर्शाता है कि जनता ने एकनाथ की शिवसेना को असली मान लिया है। वहीं, बीजेपी ने 63.1 प्रतिशत की सफलता दर के साथ 129 सीटें जीतकर दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल की जमीनी राजनीति और स्थानीय नेतृत्व के बेहतर समन्वय को साबित किया है।

इसी कारण से इस बदलते समीकरण को बीएमसी चुनाव से जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत 15 जनवरी, 2026 को मुंबई की 29 नगर पालिका सीटों पर चुनाव होने हैं। बीएमसी हमेशा से शिवसेना का गढ़ रहा है। इसलिए, निकाय चुनाव में महायुति की सफलता बीएमसी में भी दिखाई दे सकती है। यही वजह है कि बीएमसी चुनाव पर इन परिणामों के प्रभाव का प्रश्न उठ रहा है। अब देखा जाना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है और बीएमसी चुनाव के परिणाम किसके पक्ष में आते हैं।

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पॉलिटिक्स

‘दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा…’, CM भगवंत मान का बड़ा एक्शन! मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा

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पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा ले लिया है, जिसे तुरंत स्वीकार भी कर लिया गया। सीएम मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की जानकारी दी। लालजीत सिंह भुल्लर, जो ट्रांसपोर्ट और जेल मंत्री थे, पर गंभीर आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने वेयरहाउस के जिला प्रबंधक (DM) गगनदीप सिंह को अपने घर बुलाकर मारपीट की। इस घटना से आहत होकर अधिकारी ने कथित तौर पर वीडियो बनाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पूरे मामले की जांच अभी जारी है।

जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जांच की जिम्मेदारी चीफ सेक्रेटरी को सौंप दी है। सीएम ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री का पद से हटना जरूरी था, ताकि किसी भी तरह का दबाव न बने।

सीएम मान का सख्त संदेश

प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कानून-व्यवस्था और ड्रग्स के मामलों में कोई समझौता नहीं होगा। दोषी चाहे कोई भी हो, सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति की जान बेहद कीमती है और ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

मंत्री के इस्तीफे से पहले ही विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने सोशल मीडिया पर भुल्लर के इस्तीफे की मांग की थी और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। वहीं, गगनदीप सिंह को अमृतसर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनके परिवार ने मारपीट के आरोप लगाए। अब इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या सामने आता है और आगे क्या कार्रवाई होती है।

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एंटरटेनमेंट

‘महिलाएं असहज महसूस करती हैं…’, कंगना का राहुल गांधी पर हमला; व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कह डाला ‘टपोरी’

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अदाकारा और सांसद Kangana Ranaut ने Rahul Gandhi के संसद में आचरण को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी के मुताबिक, कंगना का कहना है कि राहुल गांधी के व्यवहार से महिला सांसद असहज महसूस करती हैं।

‘टपोरी जैसा व्यवहार’- कंगना का आरोप

कंगना से जब पूछा गया कि कुछ ब्यूरोक्रेट्स ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, तो उन्होंने कहा कि संसद जैसे गरिमामय स्थान पर ऐसा रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बातचीत के दौरान बीच में टोकते हैं और अनुचित टिप्पणियां करते हैं, जिससे माहौल असहज हो जाता है।

प्रियंका गांधी की तारीफ

कंगना रनौत ने Priyanka Gandhi Vadra के व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि उनका आचरण संतुलित और शिष्ट है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी बहन से सीख लेनी चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में कैसे व्यवहार किया जाता है।

सनातन पर भी रखा अपना पक्ष

इस दौरान कंगना रनौत ने सनातन धर्म को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सनातन का अर्थ है—जिसका न कोई आदि है, न अंत। उनके अनुसार, सनातन शाश्वत सत्य है और बाकी धर्म अपेक्षाकृत नए हैं। कंगना रनौत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बहस तेज होने की संभावना है।

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पॉलिटिक्स

‘संसद से नरेंद्र, देश से सिलेंडर गायब…’, LPG संकट पर राहुल गांधी का PM Modi पर निशाना

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ईरान-इजरायल युद्ध के चलते देश में गहराते LPG संकट को लेकर गुरुवार को संसद भवन के बाहर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक सहित कई विपक्षी दलों के सांसद संसद के मकर द्वार के पास इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।

संसद के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के बाहर ‘मोदी जी एलपीजी’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कई सांसदों के हाथों में गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी नजर आईं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश में गैस संकट से निपटने में विफल रही है।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, “संसद से नरेंद्र गायब, देश से सिलेंडर गायब।”

मीडिया से बातचीत में क्या बोले राहुल गांधी?

संसद के बाहर मौजूद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से घबराने की जरूरत न होने की बात कह रहे हैं, लेकिन खुद अलग कारणों से चिंतित नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी अदाणी मामले और एप्सटीन फाइल को लेकर दबाव में हैं और इसी वजह से सदन के भीतर आने से बच रहे हैं।

LPG संकट पर पीएम मोदी की अपील

उधर, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण देश में LPG की किल्लत की खबरों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोगों से घबराने की जरूरत न होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार जनहित की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लोगों से केवल सही और सत्यापित जानकारी साझा करने का आग्रह किया था।

युद्ध के असर से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को लेकर देश में LPG सप्लाई और कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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