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प्रदीप काबरा: गंभीर कठिनाइयों से जूझते हुए ‘जीवित श्रवण कुमार’, माँ की देखभाल के लिए करियर का किया त्याग, वायरल क्लिप से प्रशंसकों के आंखों में आए आंसू
प्रदीप काबरा: बॉलीवुड में नकारात्मक किरदारों के लिए जाने जाने वाले प्रदीप काबरा इन दिनों सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें वह अपनी विकलांग मां को पीठ पर लादकर समुद्र तट पर चलते दिखाई दे रहे हैं। जहां आज के लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने से कतराते हैं, वहीं प्रदीप काबरा का अपनी मां के प्रति समर्पण और प्यार एक प्रेरणा बन गई है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद फैंस उन्हें ‘रियल लाइफ श्रवण कुमार’ नाम से संबोधित कर रहे हैं।
मां के प्रति प्रदीप काबरा का समर्पण
प्रदीप काबरा ने टेलीविजन और फिल्मों में नकारात्मक भूमिकाओं से एक खास पहचान बनाई है। प्रसिद्ध शो CID में भी उन्होंने कई खलनायकों का किरदार निभाया। भले ही लोग उन्हें देखकर डरते हों, लेकिन वास्तविक जीवन में उनका दिल कितना बड़ा है, यह शायद ही किसी ने सोचा होगा। लगभग 10 साल पहले उनकी मां को पैरालिसिस का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने उनकी देखभाल का संपूर्ण उत्तरदायित्व अपने ऊपर ले लिया। वह रोज उनकी फिजियोथैरेपी करते हैं, उन्हें टहलाते हैं और कई बार अपनी पीठ पर बिठाकर समुद्र किनारे ले जाते हैं, ताकि उनकी मां को थोड़ी राहत मिल सके।
प्रदीप का असली श्रवण कुमार बनना
हाल ही में आए इस वीडियो में प्रदीप काबरा अपनी मां को पीठ पर लिए चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैला और लोगों की सराहना हासिल की। कई कमेंट्स में लिखा गया, “हीरो बनने के लिए फिल्म के सेट की जरूरत नहीं है, घर पर भी हीरो वजूद में आ सकता है।” कुछ लोगों ने यह भी कहा, “परदे पर वह विलेन हैं, लेकिन असल में वह एक दयालु इंसान हैं।” कई लोगों ने उन्हें ‘रियल लाइफ श्रवण कुमार’ कहकर सम्मानित किया।
बॉलीवुड के अलावा साउथ में भी छाया जादू
जानकारी के अनुसार, प्रदीप काबरा ने 2004 में फिल्म ‘रन’ से बॉलीवुड में प्रवेश किया, जिसमें अभिषेक बच्चन और भूमिक चावला थे। इसके बाद उन्होंने ‘दिल्ली बेली’, ‘बैंग बैंग!’ और शाहरुख खान की ‘दिलवाले’ जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया। उनका काम केवल हिंदी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह तमिल सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘दरबार’ का भी हिस्सा रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने राजस्थानी फिल्म ‘Taawdo the Sunlight’ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो कई फिल्म महोत्सवों में प्रशंसा अर्जित कर चुकी है। वास्तविकता यह है कि किसी इंसान की असली पहचान उसके कार्यों से होती है। भले ही प्रदीप काबरा स्क्रीन पर खलनायक हों, लेकिन असल जीवन में वह एक बड़े दिल वाले बेटे हैं और यही बात लोगों के दिलों में छाई हुई है।
महुआ खबर पॉडकास्ट में रवि शास्त्री 7 दिसंबर को