पॉलिटिक्स
बीजेपी: अगले दो वर्ष बेहद महत्वपूर्ण! अगर ये उपलब्धि मिल गई, तो 1985 का कांग्रेस का चुनावी रिकॉर्ड होगा ध्वस्त; जानें पूरी कहानी
बीजेपी: विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी जल्दी ही एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर सकती है। बात चुनावी रिकॉर्ड की हो रही है, जो अब तक कांग्रेस के नाम दर्ज है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार, बीजेपी के पास बिहार चुनाव के बाद नवंबर 2025 तक कुल 1658 विधायक हैं। विधायकों की यह संख्या देश के सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को मिलाकर है। अमित मालवीय का कहना है कि बीजेपी अगले दो वर्षों में अन्य राज्यों में चुनाव जीतकर कांग्रेस के चुनावी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकती है। यही कारण है कि अगले 2 वर्ष बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
अगर बीजेपी ने यह उपलब्धि हासिल की, तो 1985 में कांग्रेस का चुनावी रिकॉर्ड टूट सकता है
यदि बीजेपी का विधानसभा चुनावों में जीतने का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो पार्टी कांग्रेस के नाम दर्ज एक अन्य रिकॉर्ड को तोड़ सकती है। यह चुनावी रिकॉर्ड अब तक कांग्रेस के पास है। वास्तव में, 1985 में कांग्रेस के पास लगभग 2018 विधायक थे, जो विभिन्न राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे थे। अभी बीजेपी की विधायकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बिहार चुनाव के बाद बीजेपी के पास कुल 1654 विधायक हो गए हैं।
अमित मालवीय ने इससे संबंधित जानकारी साझा करते हुए बताया है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख का कहना है कि पार्टी अगले दो वर्षों में कांग्रेस के चुनावी रिकॉर्ड को तोड़कर यह उपलब्धि अपने नाम कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे 2014 में 1035 विधायकों वाली पार्टी आज 2025 में 1654 विधायकों के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।
बीजेपी के लिए अगले 2 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं!
करोड़ों सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी के लिए अगले 2 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान अगर बीजेपी लगातार विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करती रही, तो यह 1985 में कांग्रेस द्वारा स्थापित रिकॉर्ड को तोड़ सकती है। इसके अलावा पार्टी को अगले 2 वर्षों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी लड़ने हैं। इसमें 2026 में होने वाले असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और 2027 में होने वाले यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, गुजरात तथा हिमाचल प्रदेश का विधानसभा चुनाव शामिल है। यही कारण है कि बीजेपी बहुत सावधानी से अपने कदम बढ़ा रही है।