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मकर संक्रांति के अवसर पर बॉलीवुड के गीतों से भरें संगीत का रंग, आनंद लें इन विशेष गानों का।
मकर संक्रांति पर बॉलीवुड गाने: जब भारतीय त्योहारों की चर्चा होती है, तो बॉलीवुड का उल्लेख अनिवार्य है। मकर संक्रांति या उत्तरायण जैसे पर्व, जो पतंगबाजी, उत्साह और नए शुरुआत का प्रतीक हैं, हिंदी सिनेमा में खूबसूरती से प्रस्तुत किए गए हैं। आसमान में उड़ती रंगीन पतंगें, ढोल-नगाड़ों की तेज धुन और खुशी का माहौल- ये सभी बॉलीवुड के गीतों के माध्यम से अमर हो गए हैं।
मकर संक्रांति पर संबंधित फिल्मों के गाने केवल मनोरंजन ही नहीं करते, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक उत्सवों की झलक भी पेश करते हैं। ऐसे कई अद्भुत बॉलीवुड गाने आज भी संक्रांति की प्लेलिस्ट का एक अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं।
‘उड़ी उड़ी जाए’– रईस
यह गाना गुजरात के उत्तरायण पर्व का जीवंत चित्रण करता है। सामूहिक पतंगबाजी, गरबा और पर्व का रंग इस गीत को संक्रांति के अवसर से जोड़ता है। यह गीत आज भी उत्सवों पर बड़े जोश से गाया जाता है।
‘ढील दे, ढील दे दे रे भैया’ – हम दिल दे चुके सनम
इस गाने को बॉलीवुड में पतंगबाजी का प्रतीक माना जाता है। गुजराती संस्कृति, पारिवारिक संबंध और रोमांस का मेल इस गीत को मकर संक्रांति के साथ जोडता है।
‘मांझा’ – काय पो चे!
पतंग के मांझे पर आधारित यह गाना मित्रता, सपनों और सामाजिक परिवर्तन की कहानी कहता है। युवाओं के बीच यह गीत आज भी खासा चर्चित है।