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मकर संक्रांति पर सुनें ये लोकप्रिय गाने: रंग-बिरंगी पतंगों के साथ मिलेगा बॉलीवुड का जादू
मकर संक्रांति हिंदी गाने: जब मकर संक्रांति की बात होती है, तो मन में रंगीन पतंगें, छतों पर जमा भीड़, तिल और गुड़ की मिठास के साथ ढेर सारी खुशियों की छवियाँ सामने आती हैं। यह पर्व न केवल मौसम में बदलाव का संकेत है, बल्कि यह लोगों को एक-दूसरे के नजदीक लाने का भी अवसर प्रदान करता है। ऐसे पलों में यदि संगीत न हो, तो जश्न अधूरा सा लगता है। बॉलीवुड के कई गाने इस त्योहार और पतंगबाजी को और भी खास बना देते हैं। यदि आप इस मकर संक्रांति पर अपने प्रियजनों के साथ मस्ती करने की योजना बना रहे हैं, तो ये गाने आपकी प्लेलिस्ट में होने चाहिए।
झगड़ा छोड़
पहले हम चर्चा करते हैं फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के प्रसिद्ध गाने ‘झगड़ा छोड़’ की। सलमान खान और ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया यह गाना एक गुजराती पारिवारिक उत्सव की झलक पेश करता है। इसमें परिवार, प्रेम और त्योहार की खुशी का समागम दिखाई देता है।
उड़ चल
इसके बाद हम बात करते हैं फिल्म ‘रईस’ के हिट गाने ‘उड़ चल’ की। शाहरुख़ ख़ान और माहिरा ख़ान पर आधारित यह गाना मकर संक्रांति के उल्लास को बड़े ही जीवंत तरीके से पेश करता है। ढोल, लोक संगीत का तड़का और पतंगों से भरा आकाश इस गाने की पहचान है।
साल की खुशियाँ
तीसरा महत्वपूर्ण गाना है फिल्म ‘अर्थ 1947’ का ‘साल की खुशियाँ’। यह गाना उस समय की व्यथा को उजागर करता है, जब देश कठिनाइयों का सामना कर रहा था, लेकिन मकर संक्रांति जैसे त्यौहार हमेशा लोगों को एकजुट करते थे। आमिर ख़ान और नंदिता दास पर आधारित यह गीत बताता है कि त्यौहार सभी भेदभाव से ऊपर होते हैं।
पंजाबी मज़ा
अब हम बात करेंगे फिल्म ‘फुकरे’ के गाने ‘पंजाबी मज़ा’ की। यह गाना मकर संक्रांति पर विशेष नहीं है, परंतु इसमें पतंगबाजी और रोमांस का खूबसूरत संगम मिलता है। इसकी मीठी धुन और सुकून देने वाले बोल इसे हर त्यौहार के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
पतंग की कहानी
आखिर में हम चर्चा करते हैं फिल्म ‘काई पो चे’ के गाने ‘पतंग की कहानी’ की। सुशांत सिंह राजपूत, राजकुमार राव और अमित साध की यह फिल्म दोस्ती और सपनों की मिसाल पेश करती है। इसकी हल्की, लेकिन भावुक धुन मन को छू जाती है और त्यौहार के उल्लास में भावनाओं का रंग भर देती है।