पॉलिटिक्स
रोहिणी आचार्य के बाद तीन अन्य बहनों ने लालू के घर छोड़ा, क्या आरजेडी संकट में है? तेज प्रताप यादव ने अपनी राय दी, इसके अर्थ को समझें।
रोहिणी आचार्य: लालू परिवार में चल रही कलह का अंत होता नहीं दिख रहा है। हाल ही में रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यह जानकारी दी कि वह राजनीति और परिवार से खुद को अलग कर रही हैं। यह कहा जा सकता है कि बिहार में आरजेडी के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद परिवार में असहमति की शुरुआत हो गई है। अब एक नई सूचना मिली है कि लालू यादव की तीन बेटियों ने लालू आवास छोड़ दिया है, जिससे अनेक अनुमान लगाए जा रहे हैं। इस पर तेजस्वी और तेजप्रताप यादव दोनों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
रोहिणी आचार्य के बाद तीन और बहनों ने छोड़ा लालू आवास
राजद प्रमुख की तीन और बेटियाँ, राजलक्ष्मी, रागिनी और चंदा, अपने बच्चों के साथ पटना में अपने घर से दिल्ली चली गईं, जो बिहार के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवार में बढ़ती दरार का संकेत दे रहा है। राजद में पिछले सप्ताह से चल रही राजनीतिक और व्यक्तिगत घोटालों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है, जो पहले से ही बिहार विधानसभा चुनावों में शर्मनाक परिणामों से जूझ रही है, जहाँ पार्टी की सीटें 75 से घटकर लगभग 25 रह गई थीं। इस संदर्भ में दोनों भाइयों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
रोहिणी आचार्य के घर छोड़ने के बाद तेज प्रताप यादव का बयान
रोहिणी आचार्य के आवास छोड़ने के बाद लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने कहा कि “कल की घटना ने मुझे अंदर से हिलाकर रख दिया है। मेरे साथ जो हुआ, वह मैंने सहा है। लेकिन मेरी बहन का जो अपमान हुआ, उसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।” उन्होंने आगे कहा, “सुन लो गद्दारों, अगर तुम हमारे परिवार पर हमला करोगे, तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ़ नहीं करेगी। जब लोगों की भावनाएँ आहत होती हैं, तो उनके फैसले पर बिछी धूल उड़ जाती है।” उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी सात बेटियों और दो बेटों के माता-पिता हैं, जिससे उनका परिवार राज्य के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से सबसे प्रतिष्ठित परिवारों में से एक बन गया है।