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लीवर रोगियों के लिए तेल, घी या मक्खन: डॉक्टर सरीन का अद्भुत खुलासा
लीवर आहार : लीवर शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। यह खाने को पचाने में मदद करता है और खून को शुद्ध करके अन्य अंगों तक पहुंचाता है। इसलिए, यदि लीवर में कोई समस्या होती है, तो चिकित्सक विशेष प्रकार का आहार निर्धारित करते हैं। लीवर से संबंधित गंभीर और जानलेवा बीमारियों में हेपेटाइटिस, सिरोसिस, फैटी लीवर, लिवर कैंसर, और पीलिया शामिल हैं। इन बीमारियों के मुख्य कारण खान-पान और जीवनशैली को माना जाता है। इसी कारण, लीवर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सरीन ने लीवर की सेहत के लिए किस तरह का तेल उपयोग करना चाहिए, इस पर सुझाव दिया है।
लीवर आहार में कौन सा तेल लेना चाहिए
डॉ. सरीन एक जाने-माने हेपेटोलॉजिस्ट और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि, लीवर के मरीजों के लिए सरसों का तेल, ऑलिव ऑयल, देसी घी, या फिर सरसों का तेल कौन सा सर्वोत्तम होता है? उन्होंने यह भी कहा कि, लीवर की सेहत के लिए प्रोसेस्ड तेल से बचना चाहिए।
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लेकिन लीवर की सेहत के लिए सबसे अच्छा देसी घी और मक्खन माने जाते हैं। इसी तरह, सरसों का तेल भी लाभकारी है। यदि लीवर इन चीजों को पचाता है तो इससे बेहतर कोई चीज नहीं हो सकती। डॉ. सरीन द्वारा सुझाए गए किसी भी तेलीय पदार्थ का आप चयन कर सकते हैं।
लीवर खराब होने के सामान्य संकेत
जब भी लीवर में किसी प्रकार की गड़बड़ी आती है, वह शरीर को कुछ संकेत देता है। इसलिए इन पर ध्यान दें। लीवर से संबंधित विभिन्न बीमारियों के अलग-अलग लक्षण होते हैं, लेकिन फिर भी लीवर कुछ सामान्य लक्षण पेश करता है। पीलिया, पेट का बार-बार खराब होना, भूख में कमी, उल्टी होना, पेशाब और मल का रंग बदलना, पैरों में सूजन और अचानक अत्यधिक कमजोरी का अनुभव होना। यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो अनदेखा न करें, बल्कि जल्दी से डॉक्टर से संपर्क करें।