बिजनेस
पश्चिम एशिया के तनाव ने बढ़ाए LPG के दाम, जानिए क्यों महंगा हो रहा है गैस सिलेंडर
मिडिल ईस्ट यानी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पिछले कुछ दिनों में भारत में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई लोगों के मन में सवाल है कि हजारों किलोमीटर दूर चल रहे तनाव या युद्ध का असर भारत में गैस की कीमतों पर कैसे पड़ सकता है। इसके पीछे एक बड़ा आर्थिक और लॉजिस्टिक कारण है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि LPG के दाम क्यों बढ़ रहे हैं और आगे क्या स्थिति बन सकती है।
भारत की LPG आयात पर निर्भरता
भारत अपनी जरूरत की करीब 60% LPG विदेशों से आयात करता है। इस आयात का लगभग 80–90% हिस्सा खाड़ी देशों से आता है, जिनमें Qatar, Saudi Arabia, United Arab Emirates और Kuwait प्रमुख हैं। इन देशों से आने वाले अधिकतर गैस जहाज Strait of Hormuz के रास्ते भारत पहुंचते हैं। लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव की वजह से यह समुद्री मार्ग असुरक्षित हो गया है। कई जहाजों को अब लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है, जिससे परिवहन में अधिक समय और खर्च लग रहा है।
शिपिंग और बीमा लागत में बढ़ोतरी
तनाव वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों के लिए वॉर-रिस्क इंश्योरेंस काफी महंगा हो गया है। इसके साथ ही शिपिंग कंपनियों ने भी माल ढुलाई का किराया बढ़ा दिया है। इन अतिरिक्त खर्चों का सीधा असर LPG की कीमतों पर पड़ रहा है, क्योंकि आयात महंगा होने पर कंपनियां इसकी लागत उपभोक्ताओं तक पहुंचाती हैं। अब बदलाव के बाद प्रमुख शहरों में सिलेंडर के रेट्स कुछ इस तरह हैं:

आगे क्या हो सकती है स्थिति?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्ते काफी अहम हो सकते हैं। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है और समुद्री रास्तों पर बाधा आती है, तो सप्लाई चेन पर दबाव और बढ़ सकता है। हालांकि, भारत सरकार स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक स्रोतों जैसे United States और Russia से LPG सप्लाई बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ताकि आम लोगों पर महंगाई का बोझ कम से कम पड़े।
बिजनेस
सोने में तेजी, चांदी के दाम गिरे: जानिए 11 मार्च के ताजा रेट
बुधवार 11 मार्च को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। आज 999 प्योरिटी वाला सोना बढ़त के साथ 1,60,692 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। मंगलवार को इसकी कीमत 1,60,188 रुपये थी। यानी आज सोना 504 रुपये महंगा हो गया है। वहीं 995 प्योरिटी वाले सोने की कीमत भी बढ़कर 1,60,049 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। इसमें करीब 502 रुपये की तेजी दर्ज की गई है, जबकि मंगलवार को इसका भाव 1,59,547 रुपये था।
916 प्योरिटी गोल्ड में भी उछाल
916 प्योरिटी वाला सोना आज 1,47,194 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। इससे पहले इसका बंद भाव 1,46,732 रुपये था। यानी इसमें करीब 462 रुपये की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि bullions.co.in के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने के दाम में करीब 730 रुपये की गिरावट आई है और यह 1,63,110 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।
चांदी की कीमत में गिरावट
अगर चांदी की बात करें तो आज इसके दाम में गिरावट देखने को मिली है। IBJA के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत आज 2,69,058 रुपये है। मंगलवार को इसका भाव 2,70,944 रुपये प्रति किलो था। यानी चांदी 1,886 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। वहीं bullions.co.in के अनुसार चांदी लगभग 2,73,740 रुपये प्रति किलो पर बिक रही है, जिसमें करीब 3,610 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। बता दें कि IBJA दिन में दो बार सोने और चांदी के रेट जारी करता है।
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?
सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने के कारण सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि तेल की कीमतों में गिरावट से मुद्रास्फीति की चिंताएं कुछ कम हुई हैं, जिससे बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि Federal Reserve इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। निवेशक अब अमेरिकी CPI डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जिससे बाजार को आगे के संकेत मिल सकते हैं।
वैश्विक तनाव का भी असर
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक United States और Israel ने Iran पर बड़े हवाई हमले किए हैं, जिन्हें हाल के समय के सबसे भीषण हमलों में से एक बताया जा रहा है। इसके अलावा Strait of Hormuz के लगभग बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। यह मार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस के परिवहन का मुख्य रास्ता है।
आगे कितनी बढ़ सकती है सोने की कीमत?
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से इस साल अब तक सोने की कीमतों में 20% से ज्यादा की तेजी आ चुकी है और यह लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। अनुमान है कि इस साल की तीसरी या चौथी तिमाही तक सोने की कीमत 6,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच सकती है, और अगले साल की शुरुआत में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर फिलहाल ब्रेक, जानिए आज के रेट
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। 11 मार्च 2026 को तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। वैश्विक बाजार में Brent Crude Oil की कीमतें हाल ही में लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, लेकिन फिलहाल यह 87 से 100 डॉलर प्रति बैरल के बीच बनी हुई हैं। इसके बावजूद भारतीय कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखकर आम लोगों को महंगाई के झटके से राहत दी है। नीचे भारत के महानगरों और प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें दी गई हैं:

मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को अस्थिर कर दिया है। खासतौर पर Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते टकराव ने Strait of Hormuz को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन होता है। अगर यहां किसी तरह की रुकावट आती है तो वैश्विक सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
सप्लाई चेन पर दबाव
मिडिल ईस्ट के हालात की वजह से खाड़ी देशों से आने वाले तेल के शिपमेंट में देरी हो रही है। इसके साथ ही जहाजों के लिए इंश्योरेंस और ट्रांसपोर्ट खर्च भी बढ़ गया है। इससे कच्चे तेल की लागत में इजाफा हो रहा है।
भारत की रणनीति
भारत इस चुनौती से निपटने के लिए अपनी आयात रणनीति में बदलाव कर रहा है। देश अब Russia और कुछ अफ्रीकी देशों से कच्चे तेल का आयात बढ़ा रहा है। इससे तेल आपूर्ति के स्रोतों को विविध बनाकर कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिल रही है।
कब बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों और सरकारी सूत्रों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़े उछाल की संभावना कम है। फिलहाल तेल कंपनियां अपने मुनाफे के जरिए इस उतार-चढ़ाव को संभालने की कोशिश कर रही हैं।
महंगाई पर भी रहेगा असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों का स्थिर रहना एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल आम लोगों की जेब पर बोझ कम पड़ता है बल्कि देश की महंगाई दर (Inflation) को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है।
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Gold Silver Rate Today: सोना हुआ महंगा, चांदी में 4% से ज्यादा की तेजी; जानें ताजा भाव
सोने और चांदी की कीमतों में आज यानी मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के दाम करीब 4.2% उछलकर 2,78,339 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए। वहीं सोने की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई और यह करीब 1% की तेजी के साथ 1,61,791 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
इंटरनेशनल मार्केट में भी तेजी
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट सिल्वर करीब 3% बढ़कर 89.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट गोल्ड 0.8% की तेजी के साथ 5,179.52 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। अन्य कीमती धातुओं में प्लेटिनम 1.2% और पैलेडियम 0.2% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे।
ट्रंप के बयान के बाद बाजार में हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद सोने और चांदी की कीमतों में सुधार देखने को मिला। ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि मौजूदा संघर्ष “काफी हद तक खत्म हो चुका है।” हालांकि इसी बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 99.42 पर पहुंच गया है। ईरान के साथ तनाव कम होने के संकेत नहीं मिलने और ऊर्जा की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण डॉलर में मजबूती बनी हुई है।
महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा की कीमतों में तेजी ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बनाया है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक निवेशकों को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकते हैं या उनमें और बढ़ोतरी कर सकते हैं। चूंकि सोना और चांदी ब्याज नहीं देते, इसलिए ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर इनकी कीमतों पर दबाव डालती हैं। इसके बावजूद वैश्विक इक्विटी बाजारों में गिरावट के चलते निवेशक इन्हें सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
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