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Birthday Special: क्लासरूम से कैमरे तक का सफर- ‘ब्रह्मानंदम’ एक नाम, जो हंसी नहीं… बन गया इमोशन

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आज हम बात करेंगे ऐसी हस्ती की जिनका नाम सुनते ही आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी। हम बात कर रहे हैं साउथ सिनेमा के कॉमेडी किंग ब्रह्मानंदम की जिन्होंने चार अलग अलग भाषाओं मे 1000 से ज़्यादा फिल्मों मे काम किया है। ब्रह्मानंदम आज के दौर मे केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि आज उन्हे सोशल मीडिया सेन्सैशन माना जाता है, अगर आप सोशल मीडिया पर हैं तो आपने ब्रह्मानंदम से जुड़े मीम जरूर देखें होंगे। लेकिन क्या आपको मालूम है कि ब्रह्मानंदम जैसा कलाकार पहले एक प्रोफेसर हुआ करता था। ब्रह्मानंदम आज अपना 70 वां जन्मदिन माना रहे ऐसे में आईए जानते है ब्रह्मानंदम की ज़िंदगी से जुड़े कुछ पहलू…..

प्रोफेसर से बने एक्टर

ब्रह्मानन्दम का जन्म 1 फरवरी 1956 को आंध्र प्रदेश के साटेनापल्ली जिले के मुपल्ला गांव में हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। सात भाई-बहनों के बीच पले-बढ़े ब्रह्मानंदम ने बचपन से ही अभाव देखे थे। लेकिन ब्रह्मानंदम के पास एक हुनर था- लोगों को हसाने का हुनर। वे बचपन से ही अपने आस-पास के लोगों की नकल उतारकर और मिमिक्री करके लोगों को हंसाते थे। फिल्मी शोर गुल से दूर ब्रह्मानंदम ने अपनी पढ़ाई पूरी की और तेलेगु के प्रोफेसर बन गए, उनके पढ़ाने का अंदाज इतना अच्छा था कि दूसरी क्लास के बच्चे भी आकर उनकी क्लास में पढ़ते थें। एक बार मशहूर डायरेक्टर जंध्याला ने जब उन्हें एक स्टेज शो पर देखा, तो वो दंग रह गए। उन्होंने वहीं तय कर लिया कि ये हीरा क्लासरूम के लिए नहीं, कैमरे के सामने रहने के लिए बना है। साल 1986 में फिल्म आई ‘चन्ताबाब्बाई’। इसमें उनका छोटा सा रोल था। इसके बाद आई फिल्म ‘अहा ना पेलान्ता’, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। लोग उनकी ‘कॉमिक टाइमिंग’ के दीवाने हो गए। उनकी खासियत ये है कि वो सिर्फ अपनी आंखों और आइब्रो से पूरी कहानी सुना देते हैं। उन्हें लंबे संवादों की ज़रूरत नहीं पड़ती।

ब्रह्मानन्दम के पास है खास हुनर

फिल्मों के अलावा ब्रह्मानंदम के पास एक और हुनर है, जिसके बारे में कम लोग जानते हैं। वो एक बेहतरीन स्केच आर्टिस्ट हैं। खाली समय में वो भगवान की और मशहूर हस्तियों की ऐसी खूबसूरत तस्वीरें बनाते हैं कि आप देखते रह जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान उनकी बनाई पेंटिंग्स सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। इससे पता चलता है कि उनके अंदर की कला कितनी गहरी है।

‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज है नाम

आज के दौर मे जहां एक फिल्म मे काम करना भी बड़ी बात होती है वहीं ब्रह्मानंदम ने 1000 से भी ज़्यादा फिल्मों में काम किया है और ये कोई मामूली बात नहीं है। इसके लिए उनका नाम ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज है। भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म श्री’ जैसा बड़ा सम्मान दिया। लेकिन ब्रह्मानंदम का असली रिकॉर्ड तो वो है, जो लोगों के दिलों में है। उन्होंने रजनीकांत से लेकर चिरंजीवी और महेश बाबू से लेकर अल्लू अर्जुन तक, हर बड़े सुपरस्टार के साथ स्क्रीन शेयर की है और कई बार तो वो हीरो पर भी भारी पड़े हैं।

इतना नाम, इतना पैसा और इतने अवॉर्ड्स मिलने के बाद भी ब्रह्मानंदम आज भी ज़मीन से जुड़े हुए हैं। वो कहते हैं, “मैं तो बस लोगों को हसाना चाहता हूं, क्योंकि दुनिया में गम बहुत है।” उनकी यही सादगी उन्हें औरों से अलग बनाती है। तो ये थी कहानी उस इंसान की जिसने अपनी हंसी को अपनी पहचान बना दी। ब्रह्मानंदम आज सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक इमोशन हैं। हम दुआ करते हैं कि वो आने वाले कई सालों तक हमें इसी तरह हसाते रहें।

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