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Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी CM अजित पवार का निधन, देवेंद्र फडणवीस ने की 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा

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महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया है। आज यानी बुधवार सुबह 8:45 बजे अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। जिसके कारण 66 साल के अजित पवार इस दुनिया को छोड़कर चले गए। इस भयानक हादसे में अजित पवार के सुरक्षाकर्मी, 2 पायलट और 1 महिला क्रू मेंबर समेत 5 लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र पंचायत चुनाव के लिए जनसभा को संबोधित करने अजित पवार बारामती जा रहे थे। सुबह 8:10 बजे वो वे मुंबई से रवाना हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पायलट ने सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन रनवे साफ दिखाई नहीं दिया, जिसकी वजह से वो विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले गया।

नहीं रहे अजित पवार

पहली कोशिश सफल ना होने के बाद बारामती के रनवे-11 पर दोबारा लैंडिंग की कोशिश की गई। इस दौरान विमान रनवे से फिसला और क्रैश हो गया और फिर उसमें आग लग गई। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान चार्टर्ड प्लेन के पायलट ने कोई इमरजेंसी सिग्नल नहीं दिया था। साथ ही उसने ‘मेडे’ कॉल भी नहीं किया था। वहीं, अब महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस भी बारामती पहुंच रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस ने आज स्कूलों की छुट्‌टी और 3 दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि अजित पवार का अंतिम संस्कार कल किया जा सकता है। शरद पवार भी बारामती हॉस्पिटल पहुंच गए हैं, जहां प्लेन में मौजुद सभी लोगों के शव लाए गए हैं।

हादसे की जांच शुरू

दूसरी तरफ एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो, यानी AAIB ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली में जांच एजेंसी की एक टीम विमान की ऑपरेटर कंपनी यानी VSR वेंचर्स के ऑफिस पहुंची है। दूसरी टीम बारामती निकल गई है। VSR वेंचर्स का कहना है कि पायलट को 16 हजार घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था। इसके अलावा विमान की को-पायलट के पास भी 1500 घंटे का एक्सपीरियंस था। कंपनी का दावा है कि एयरक्राफ्ट में कोई तकनीकी समस्या नहीं थी।

आपको बता दें, अजित पवार की पार्टी NCP भाजपा-शिवसेना महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शामिल है। अजित को मिलाकर पार्टी के टोटल 41 विधायक थे। वो उपमुख्यमंत्री थे और उनके अलावा 7 कैबिनेट और 1 राज्य मंत्री हैं।

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भारत ने पाकिस्तान पर किया ‘रावी अटैक’, अब बूंद-बूंद के लिए तरसेगा दुश्मन देश

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पिछले वर्ष Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपना रुख और सख्त कर दिया है। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सीमा पार सक्रिय आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद केंद्र सरकार ने Indus Waters Treaty को लेकर भी कड़ा फैसला लिया।

रावी नदी के पानी को पाक नहीं कर पाएगा इस्तेमाल

अब भारत ने Ravi River के पानी के उपयोग को लेकर एक अहम कदम उठाया है। जो पानी अब तक बिना उपयोग के पाकिस्तान की ओर बह जाता था, उसे अब भारत में ही इस्तेमाल किया जाएगा। यह संभव होगा Shahpur Kandi Dam के निर्माण से।

शाहपुर कंडी डैम के होंगे कई फायदे

सरकार के अनुसार, शाहपुर कंडी डैम का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे मार्च 2026 तक पूरी तरह चालू करने की योजना है। इसके शुरू होने के बाद रावी का पानी सीमा पार जाने के बजाय देश के भीतर सिंचाई और अन्य जरूरतों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इस परियोजना से जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों की लगभग 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। साथ ही पंजाब के कई किसानों को भी इसका फायदा होगा। अब तक पानी की कमी के कारण इन क्षेत्रों में फसलों को नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन डैम के चालू होने से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

रोजगार बढ़ने की उम्मीद

रावी उन नदियों में शामिल है, जिन पर समझौते के तहत भारत का पूर्ण अधिकार है। हालांकि, पहले पर्याप्त भंडारण और वितरण व्यवस्था नहीं होने से हर साल बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह जाता था। शाहपुर कंडी डैम बनने के बाद भारत अपने हिस्से के पानी का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकेगा। इस परियोजना से खेती के अलावा जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। क्षेत्रीय विकास को गति मिलने के साथ भविष्य में बिजली उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने की भी उम्मीद है।

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1993 मुंबई ब्लास्ट के आरोपी अबू सलेम की रिहाई याचिका SC ने की खारिज, सजा पूरी होने पर भी नहीं मिली राहत

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1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी गैंगस्टर Abu Salem को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने उनकी उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने समय से पहले रिहाई की मांग की थी। सलेम का तर्क था कि पुर्तगाल के साथ हुए प्रत्यर्पण समझौते के अनुसार उन्हें 25 साल से अधिक जेल में नहीं रखा जा सकता, जबकि वह पहले ही तय अवधि से लगभग 10 महीने ज्यादा सजा काट चुके हैं।

अदालत ने की सख्त टिप्पणी

अदालत ने इस दलील पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सलेम को टाडा जैसे गंभीर कानून के तहत सजा मिली है और वह किसी सामाजिक हित में जेल में बंद नहीं हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में वह हस्तक्षेप नहीं करेगा और सलेम को अपनी राहत के लिए संबंधित हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।

‘अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है’- वकील

सुनवाई के दौरान सलेम के वकील ऋषि मल्होत्रा ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सजा की गणना में जो विवाद है, वह केवल गणितीय त्रुटि का मामला है। वकील ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि कम से कम हाई कोर्ट को इस मामले में शीघ्र सुनवाई का निर्देश दिया जाए, क्योंकि तीन बार अपील के बावजूद सुनवाई नहीं हो सकी है। हालांकि, बेंच ने पूछा कि क्या नासिक जेल प्रशासन की रिपोर्ट हाई कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। सकारात्मक जवाब मिलने पर अदालत ने साफ कहा कि अब दस्तावेजों के आधार पर फैसला हाई कोर्ट ही करेगा।

हाईकोर्ट करेगा किस्मत का फैसला!

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि यदि सलेम अंतरिम जमानत चाहते हैं, तो उन्हें हाई कोर्ट में आवेदन करना चाहिए, क्योंकि फिलहाल शीर्ष अदालत जमानत याचिका पर विचार नहीं कर सकती। अदालत ने दोहराया कि जब जेल प्रशासन का हलफनामा पहले से हाई कोर्ट के समक्ष है, तो वही अदालत मामले की मेरिट पर फैसला करेगी। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद अब सलेम की उम्मीदें पूरी तरह से Bombay High Court की नियमित सुनवाई पर टिकी हैं। फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा, जब तक हाई कोर्ट इस मामले में कोई निर्णय नहीं दे देता।

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Noida को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा: Aqua Line विस्तार को 2,254 करोड़ की मंजूरी, अब सफर होगा सुपरफास्ट!

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नोएडा और आसपास के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 2,254 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।

बोटैनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक सीधा कनेक्शन

मंजूर किए गए विस्तार के तहत Noida Metro Rail Corporation (NMRC) बोटैनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक एक नई मेट्रो लाइन विकसित करेगा। अभी एक्वा लाइन सेक्टर-52 पर ब्लू लाइन से जुड़ती है, लेकिन इस नए विस्तार के बाद सेक्टर-142 से सीधे बोटैनिकल गार्डन तक कनेक्टिविटी मिल जाएगी। बोटैनिकल गार्डन स्टेशन पर यात्रियों को ब्लू लाइन के साथ-साथ मैजेंटा लाइन की भी सुविधा मिलेगी, जिससे दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा और अधिक आसान और तेज हो जाएगी। खासतौर पर नोएडा एक्सप्रेस-वे के किनारे बसे सेक्टरों में रहने और काम करने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

ट्रैफिक और समय दोनों में राहत

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नोएडा एक्सप्रेस-वे के आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। इससे न केवल सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि रोजाना ऑफिस जाने वाले हजारों कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारियों का समय भी बचेगा। रियल एस्टेट और व्यावसायिक गतिविधियों को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले

नोएडा मेट्रो विस्तार के अलावा कैबिनेट ने कई अन्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी दी है:

-कसारा–मनमाड तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना के लिए 10,154 करोड़ रुपये की मंजूरी

-दिल्ली–अंबाला और बल्लारी–होसपेटे रेल मार्गों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की स्वीकृति

-गोहपुर–नुमालीगढ़ अंडरवाटर रोड टनल परियोजना के लिए 18,662 करोड़ रुपये का आवंटन

इन फैसलों से देश के अलग-अलग हिस्सों में रेल और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।कुल मिलाकर, नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का यह विस्तार क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है और लाखों यात्रियों की दैनिक यात्रा को पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक बना देगा।

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