बिहार में बढ़ते आतंकवादियों और नक्सलियों पर बिहार पुलिस लगातार अपना दबदबा बनाए हुए है। STF (स्पेशल टास्क फोर्स) की मानें तो पुलिस ने पिछले 8 महीनों में कुल 19 मुठभेड़ों का सामना किया, जिसमें 3 आरोपी मारे गए और 18 अन्य घायल हुए। ये जानकारी STF के DIG संजय कुमार ने 21 अगस्त को पटना में पूछताछ के दौरान बताई। आपको ये भी बता दें कि पूछताछ के दौरान अधिकारीयों ने ये बात साफ तौर पर बोल दी कि भोजपुर में हुआ भरत तिवारी वाला मामला इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि अभी उसकी जांच चल रही है। 

नशीले पदार्थ भी हुए बरामद 

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी कार्यवाही के दौरान STF ने 38 नक्सलियों समेत 1,716 अपराधियों को दबोच लिया। STF की नारकोटिक्स टीम ने नशे के कारोबारियों पर अपना शिकंजा कस्ते हुए 163 तस्करों का काम चौपट किया और 2,188 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ भी जब्त किए।नशीले पदार्थों की संख्या कुछ इस प्रकार थी- 

हेरोइन-स्मैक : 5.7 किलो

अफीम : 13.43 किलो

चरस : 11.5 किलो

गांजा : 2,062 किलो और 

डोडा : 96 किलो 

अवैध हथियार फैक्ट्रियों का पर्दाफाश 

बिहार पुलिस ने अवैध हथियारों पर भी कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान 2 AK-47, एक AK-56, 2 INSAS राइफल, एक कार्बाइन, 5 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और एक ग्लॉक पिस्टल भी बरामद की गई। इसके अलावा 398 देसी कट्टे, 178 गन पार्ट्स और 3,195 कारतूस भी मिले। लेकिन बिहार पुलिस यहां तक सिमित नहीं रही और 33 अवैध मिनी गन फैक्ट्रियां भी बंद करवा दीं। 

UP पुलिस ने रखी थी नींव

UP पुलिस तो साल की शुरुआत से ही फुल ऑन एक्शन मोड मे है। शुरुआती 5 महीनों मे ही 23 अपराधी मुठभेड़ों में मारे गए। 2017 से अब तक UP पुलिस कुल 17,043 ऑपरेशन कर चुकी है, जिनमें 289 अपराधी ढेर किए गए, 11,834 घायल और 34,253 की गिरफ्तारियां की गईं। इस मामले में मेरठ सबसे आगे रहा, जहां 4,813 ऑपरेशन में 97 ढेर और 8,921 गिरफ्तारियां दर्ज की गईं। वहीं, वाराणसी में 29 और आगरा में 24 एनकाउंटर हुए। UP पुलिस के इसी फैसले के बाद बिहार पुलिस का ऐसे ही रस्ते को अपनाना उन्हें चर्चा में ला रहा है।