मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रहे हैं। अब उन्होंने बिहार की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का नया फैसला ले लिया है। उनका मानना है कि महिलाओं के आगे बढ़ने से ही बिहार विकसित होगा और समृद्ध बिहार का संकल्प भी पूरा होगा। ऐसे में अब महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर उन्होंने जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने अब 'सुधा सखी', महिला संचालित पशु औषधि केंद्र' और 'अनीमिया मुक्त बिहार' अभियान शुरू किया है। अभियान 'अनीमिया मुक्त बिहार' 25 अगस्त से 30 नवंबर तक चलाया जाएगा। इस अभियान के जरिए बिहार में एनीमिया की जांच, इलाज और इसे रोकने के साथ जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जाएगा। अभियान को करीब 1,20,82,500 लोगों तक पहुंचाने का इरादा है।
बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू किया अभियान
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की जो महिलाएं अब दूसरी जाति में शादी करेंगी, उन्हें बिहार सरकार की तरफ से सवा लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही केन्द्र सरकार की तरफ से भी सवा लाख रुपये मिलेंगे। Major Competitive Exams की प्रारंभिक परीक्षा में पास होने पर सभी वर्ग की छात्राओं को 30 हजार से 1 लाख रुपये तक दिए जाएंगे। अब सरकार का लक्ष्य है कि 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की 1 करोड़ महिलाओं के पास काम हो। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए एनीमिया मुक्त बिहार अभियान शुरू हुआ है। बड़ी संख्या में महिलाओं को एनीमिया है और गर्भवती महिलाओं के इससे प्रभावित होने से जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं को किया जाएगा मजबूत
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी उन्मूलन अभियान के तहत भी कई लोगों की स्क्रीनिंग की है। इसके साथ स्वास्थ्य सेवाओं को जिला स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। जिलों में 36 प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा दी जा रही हैं, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए पटना ना जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने पशुपालन एवं दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं के जुड़ने की घोषणा करते हुए कहा- 'वर्तमान में करीब 12 लाख किसान इससे जुड़े हैं। इस संख्या को बढ़ाकर 50 लाख से ज्यादा करना है। सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़कर महिलाओं को रोजगार दिलाया जाएगा। डेयरी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी लगभग 70 प्रतिशत है, जबकि बिहार में इसे 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
गांवों तक पहुंचेगी पशु चिकित्सा और दवा की सुविधा
सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में दूसरी और तीसरी किश्त मिलाकर लगभग 60 हजार रुपये की मदद मिलेगी। इसे खोलने के लिए चयन लॉटरी के जरिए होगा। इसके अलावा राज्य के 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान भी चलाया गया है, जिससे पशु चिकित्सा और दवा की सुविधा गांवों तक पहुंचेगी।
महिला सशक्तीकरण में बिहार की बड़ी उपलब्धि
बिहार में महिलाओं को पंचायत और नगर निकाय चुनावों में 50% आरक्षण मिला है। आज राज्य में 59-60% औरतें लोक प्रतिनिधि के रूप में चयनित होकर आ रही हैं। महिला सशक्तीकरण को लेकर ये बिहार की बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने साल 2020 में 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य तय किया था। हालांकि, सरकार ने करीब 12 लाख सरकारी नौकरियां और 51 लाख लोगों को रोजगार देने का काम किया। अब सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में 1 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य तय किया है।