दिल्ली की नई ड्राफ्ट मतदाता सूची सामने आने के बाद राजधानी की चुनावी तस्वीर में बड़ा बदलाव दिख रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद दिल्ली में करीब 47.56 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। यह कुल मतदाताओं का करीब 33 प्रतिशत है। यानी फिलहाल दिल्ली में हर तीन में से करीब एक वोटर का नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर है। नई ड्राफ्ट सूची में दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 97,53,577 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। SIR से पहले दिल्ली में करीब 1,45,10,299 मतदाता थे। घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान करीब 67.18 प्रतिशत मदाताओं के गणना फॉर्म मिले और उन्हें डिजिटल किया गया। वहीं, करीब 47.5 लाख मतदाताओं के फॉर्म नहीं मिले, उनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। इन लोगों को अनुपस्थित, दूसरी जगह जा चुके, मृत, दोहरे नाम और अन्य कारणों वाली श्रेणियों में रखा गया है।
दिल्ली में सबसे ज्यादा नाम हुए बाहर
SIR वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिशत के हिसाब से दिल्ली में सबसे ज्यादा नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं। कर्नाटक में करीब 1.07 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए, जबकि आंध्र प्रदेश में यह संख्या करीब 44.89 लाख रही। वहीं, दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव में करीब 29.64 प्रतिशत नाम बाहर हुए हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार के लिए जगह बदलते रहते हैं, इसलिए कई लोग अपने पुराने पते पर नहीं मिले। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोगों के नाम फिलहाल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं।
अधिकारियों ने घरों तक जाकर दिए गणना फॉर्म
दिल्ली के सभी विधानसभा क्षेत्रों में SIR का काम एक जैसी रफ्तार से नहीं हुआ। रोहिणी में सबसे ज्यादा 83.43 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल किए गए। वहीं, तुगलकाबाद में यह आंकड़ा सिर्फ 52.15 प्रतिशत रहा। इससे दोनों इलाकों के बीच सत्यापन की प्रक्रिया में बड़ा अंतर दिखाई देता है। दिल्ली में घर-घर जाकर SIR की प्रक्रिया 30 जून से 17 अगस्त तक चली। बूथ स्तर के अधिकारियों ने घरों तक पहुंचकर गणना फॉर्म दिए और मिले हुए फॉर्म को डिजिटल किया।
30 सितम्बर तक नाम जुड़वाने का मौका
ड्राफ्ट सूची से नाम बाहर होने का मतलब यह नहीं है कि नाम हमेशा के लिए वोटर लिस्ट से कट गया है। जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 31 अगस्त से 30 सितम्बर तक अपना दावा दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 और जरूरी दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं। दावों और आपत्तियों की जांच के बाद नोटिस और उनका निपटारा 29 अक्टूबर तक किया जाएगा। इसके बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने की योजना है। इसलिए अभी ड्राफ्ट सूची में 47.56 लाख नामों का बाहर होना अंतिम फैसला नहीं है। दावे और आपत्तियां मिलने के बाद मतदाताओं की संख्या में बदलाव हो सकता है।