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‘शक, खामोशी और सवालों के साथ…’, ‘दलदल’ की रिलीज के बाद भूमि पेडनेकर क्यों हुईं भावुक?
बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज ‘दलदल’ को लेकर सुर्खियों में हैं। यह सीरीज आज से अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो चुकी है। रिलीज के पहले ही दिन भूमि ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में माथा टेका और इस खास मौके को एक भावुक नोट के साथ सोशल मीडिया पर साझा किया। भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पर आठ तस्वीरें और एक वीडियो शेयर किए हैं। पहली तस्वीर में वह स्वर्ण मंदिर के दर्शन करती नजर आ रही हैं। दूसरी तस्वीर में भूमि अपने लैपटॉप पर ‘दलदल’ देखते हुए मुस्कुराती दिखाई दे रही हैं। तीसरी तस्वीर में वह सीरीज के अपने सह-कलाकारों के साथ पोज देती नजर आती हैं, जबकि चौथी तस्वीर में वह ‘दलदल’ के क्लैपबोर्ड से अपना चेहरा छुपाए हुए दिख रही हैं।
भूमि ने शेयर किया पोस्ट
पांचवीं तस्वीर में एक कंप्यूटर स्क्रीन दिखाई दे रही है, जिस पर ‘दलदल’ की स्क्रिप्ट स्क्रॉल होती नजर आती है। छठी तस्वीर में भूमि सीरीज के एक सीन में गंभीर अवतार में दिखाई दे रही हैं, जहां टेबल पर रखी नेम प्लेट पर ‘रीटा फरेरा IPS’ लिखा हुआ है। सातवीं तस्वीर भूमि की ब्लैक एंड व्हाइट फोटो है, जिसमें उनके ईयररिंग्स खास तौर पर नजर आ रहे हैं। आठवीं तस्वीर में ‘दलदल’ के 65वें शूट डे की हार्ड कॉपी दिखाई गई है। वहीं, नौवां पोस्ट एक वीडियो है, जिसमें स्वर्ण मंदिर की भव्य झलक देखने को मिलती है।
भूमि ने लिखा इमोशनल कैप्शन
इन तस्वीरों के साथ भूमि ने एक बेहद भावुक कैप्शन भी लिखा। उन्होंने लिखा, “पिछले साल सब्र और शुक्र ने मुझे खुद से मिलने को कहा। शक, खामोशी और उन सवालों के साथ, जिनके जवाब मेरे पास नहीं थे। इस सफर ने मुझे डर को पीछे छोड़कर, धीरे-धीरे खुद से फिर प्यार करना सिखाया।” भूमि ने आगे लिखा, “सेट पर लंबे दिन, सेट के बाहर के नाजुक पल, ब्रह्मांड से की गई दुआएं और अपने काम पर अटूट भरोसा—इन सबके बीच मैं आगे बढ़ती रही। इसलिए नहीं कि मैं बेखौफ थी, बल्कि इसलिए कि भरोसा अभी बाकी था। ‘दलदल’ उसी जगह से जन्मा है—कमजोरी से, भरोसे से और अनिश्चित रास्तों पर भी आगे बढ़ने के फैसले से। आज मैं इसे आभार, विनम्रता और खुले दिल से आप सभी के सामने पेश कर रही हूं।”
क्या है ‘दलदल’ की कहानी?
सीरीज की कहानी की बात करें तो सख्त मिजाज और बेखौफ आईपीएस ऑफिसर रीटा फरेरा को शहर में हो रही सिलसिलेवार हत्याओं की एक खौफनाक गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इस केस की जांच करते हुए वह खुद भी गहरे दलदल में फंसती चली जाती है। बचपन के गहरे ट्रॉमा से जूझ रही रीटा अंदर से टूट चुकी है और खुद को संभालने के लिए नशे की लत से भी लड़ रही है।