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बिहार में औद्योगिक क्रांति! मुजफ्फरपुर और किशनगंज में लगेगी डालमिया-अंबुजा की फैक्ट्री
बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए डबल इंजन सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालमिया और अंबुजा सीमेंट की बड़ी इकाइयों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने और उत्तर बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
SIPB की 67वीं बैठक में अहम फैसले
राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक विकास आयुक्त-सह-अध्यक्ष Mihir Kumar Singh की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न औद्योगिक प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कुल 2484.06 करोड़ रुपये की 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस प्रदान किया गया, जबकि 46.84 करोड़ रुपये की 4 परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दी गई। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।
मुजफ्फरपुर में लगेगी अंबुजा की बड़ी इकाई
मुजफ्फरपुर के महवल औद्योगिक क्षेत्र में Ambuja Cements की इकाई लगाने को मंजूरी दी गई है। Ambuja Concrete North Private Limited करीब 1114.94 करोड़ रुपये के निवेश से 8219 MTPD क्षमता की सीमेंट इकाई स्थापित करेगी। इसके साथ ही Dalmia Bharat की सहयोगी कंपनी Dalmia Bharat Green Vision Limited को भी 573.15 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 MTPD क्षमता की इकाई लगाने की स्वीकृति दी गई है।
किशनगंज में भी डालमिया का बड़ा निवेश
किशनगंज में भी डालमिया समूह की बड़ी परियोजना को मंजूरी मिली है। Dalmia Cement (North East) Limited यहां 573.76 करोड़ रुपये के निवेश से 2.5 MMTPA क्षमता की सीमेंट इकाई स्थापित करेगी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से उत्तर बिहार में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
अन्य परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
बैठक में कई अन्य औद्योगिक निवेश प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें KNSG Aluminium Private Limited, S Rajdev Buildz LLP, Icon Spiral Electronics Private Limited, Sita Agro Food Product और SAPL Industries Private Limited जैसी कंपनियों के प्रस्ताव शामिल रहे।
निवेश प्रक्रिया को और आसान बनाने पर जोर
बैठक के दौरान निवेश स्वीकृति प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाने पर विशेष बल दिया गया। सरकार का उद्देश्य राज्य में निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना और बिहार को औद्योगिक विकास के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना है।